NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कर्नाटका सरकार की क़र्ज़ माफ़ी का किया किसानों ने विरोध
सत्ता में आने से पहले जेडीएस के नेता ने ये वादा किया था कि किसानों की पूरी क़र्ज़ माफ़ी की जाएगी और किसानों के हिसाब से ये रकम 126000 करोड़ रुपये हैI लेकिन ऐसा किया नहीं गया I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Jul 2018
protest

10 जुलाई को कर्नाटका के किसान मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के क़र्ज़ माफ़ी पर लिए गए निर्णय के विरोध में बंगलुरु में इकठ्ठा हुए। राज्य के विभिन्न कोनों से आये 5000 किसान पुलिस के द्वारा लगायी गयी पाबन्दी के बावजूद विधान सभा के बाहर जमा हो गए , जिसके बाद पुलिस ने बहुत से किसानों को हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया। मीडिया के मुताबिक किसानों ने बंगलुरु के आलावा दूसरे शहरों में विरोध प्रदर्शन किये। किसानों का कहना है कि वह कुमारस्वामी से मिलने गए लेकिन उन्हें नहीं मिलने दिया गया। 

दरअसल मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने अपने बजट में किसानों के 34000 करोड़ की क़र्ज़ माफ़ करने का निर्णय लिया है। उनके निर्णय के अनुसार जिन किसानों ने 2 लाख या उससे कम रुपये का क़र्ज़ लिया है उन्हीं की क़र्ज़ माफ़ी की जाएगी। सत्ता में आने से पहले जेडीएस के नेता ने ये वादा किया था कि किसानों की पूरी क़र्ज़ माफ़ी की जाएगी और किसानों के हिसाब से ये रकम 126000 करोड़ रुपये है। लेकिन ऐसा किया नहीं गया , किसानों का कहना है कि उनसे सरकार ने धोखा किया है।  

कर्नाटका में किसान आंदोलन की अगवाई कर रहे कर्नाटका राज्य राइथा संगठन (KRRS) मांग कर रहा है कि सरकार बाकी के 86000 करोड़ रुपये की क़र्ज़  माफ़ी भी करे। किसानों की ये माँग है कि क़र्ज़ माफ़ी की कोई सीमा नहीं तय की जानी चाहिए। उनका अर्थ ये है कि सरकार के निर्णय कि  सिर्फ उन्हीं लोगों के क़र्ज़ माफ़ किये जायेंगे जिन्होंने 2 लाख या उससे कम के क़र्ज़  लिए थे , का वह विरोध करते हैं। किसानों की यह माँग है कि वह सिर्फ से 21 जुलाई को विरोध प्रदर्शन  करेंगे। 

सरकार के निर्णय के अनुसार क़र्ज़ माफ़ी के 10500 करोड़ रुपयों को बैंकों को देने के लिए सरकार बिजली,शराब , कारों और ईंधन के करों में बढ़ौतरी करके पैसे जमा करेगी । इसके आलावा सरकार उन सभी 27.67 लाख किसानों को 25000 दिए जायेंगे जिन्होंने क़र्ज़ समय पर अदा किया था ।  

लेकिन किसान काफी लम्बे समय से माँग कर रहे हैं कि सभी प्रकार के कर्ज़ों को माफ़ किया जाए। उनकी माँग रही है कि संस्थागत क़र्ज़, यानी वो क़र्ज़  जो बैंकों के द्वारा लिए गए हैं , के आलावा उन कर्ज़ों को भी माफ़ किया जाए जो स्थानीय साहूकारों से लिए जाते हैं । गौरतलब है कि सरकार ने इन कर्ज़ों  को माफ़ करने की कोई बात नहीं की है।  किसानों का ये कहना है कि उनकी बड़ी संख्या इन्ही साहूकारों से क़र्ज़ लेती है और इनका ब्याज़ कई बार 60 % तक होता है। इसके आलावा हमें  ये भी याद रखना होगा कि कर्नाटका में पिछले 16 में से 11 सालों में या तो सूखा  पड़ता  रहा है या फिर बाढ़ आयी है। इसी  वजह से किसानों को काफी आर्थिक परेशानियों का सामना  करना पड़ रहा है। 

नवंबर 2017 में दिल्ली में हुई हज़ारों किसानों की किसान संसद में किसान क़र्ज़ मुक्ति बिल 2017 को पास किया गया था। इस बिल में भी गैरसंस्थागत कर्ज़ों से   आज़ादी की माँग को रखा गया था । इस मुद्दे के आलावा बिल में पूरी क़र्ज़ माफ़ी और किसानों को कर्ज़ों के जाल से बचाने की मांग  की गयी है।  इसके आलावा किसानों की इस समस्या को सुलझाने के लिए एक कमीशन  के गठन  की मांग  भी की गयी है। 

इन माँगों के आलावा न सिर्फ कर्नाटका बल्कि सारे देश के किसान स्वामीनाथन  कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की माँग कर रहे हैं। उनकी मुख्य  मांगों में से एक ये है कि सरकार फसल की लागत का डेढ़  गुना दाम दे। 

karnataka
kumarswami
JDS
farmers

Related Stories

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

किसानों, स्थानीय लोगों ने डीएमके पर कावेरी डेल्टा में अवैध रेत खनन की अनदेखी करने का लगाया आरोप

नफ़रती Tool-Kit : ज्ञानवापी विवाद से लेकर कर्नाटक में बजरंगी हथियार ट्रेनिंग तक

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आख़िर किसानों की जायज़ मांगों के आगे झुकी शिवराज सरकार

कर्नाटक में बदनाम हुई भाजपा की बोम्मई सरकार, क्या दक्षिण भारत होगा- “भाजपा मुक्त”


बाकी खबरें

  • mamta banerjee
    भाषा
    तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की
    15 Feb 2022
    तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर, चंदरनगर और आसनसोल नगरनिगमों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है तथा सिलीगुड़ी में माकपा से सत्ता छीन ली।
  • hijab
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    हिजाब विवादः समाज सुधार बनाम सांप्रदायिकता
    15 Feb 2022
    ब्रिटेन में सिखों को पगड़ी पहनने की आज़ादी दी गई है और अब औरतें भी उसी तरह हिजाब पहनने की आज़ादी मांग रही हैं। फ्रांस में बुरके पर जो पाबंदी लगाई गई उसके बाद वहां महिलाएं (मुस्लिम) मुख्यधारा से गायब…
  • water shortage
    शिरीष खरे
    जलसंकट की ओर बढ़ते पंजाब में, पानी क्यों नहीं है चुनावी मुद्दा?
    15 Feb 2022
    इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रचार चल रहा है, वहीं, तीन करोड़ आबादी वाला पंजाब जल संकट में है, जिसे सुरक्षित और पीने योग्य पेयजल पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद, पंजाब चुनाव में…
  • education budget
    डॉ. राजू पाण्डेय
    शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 
    15 Feb 2022
    एक ही सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे बजट एक श्रृंखला का हिस्सा होते हैं इनके माध्यम से उस सरकार के विजन और विकास की प्राथमिकताओं का ज्ञान होता है। किसी बजट को आइसोलेशन में देखना उचित नहीं है। 
  • milk
    न्यूज़क्लिक टीम
    राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ खिलवाड़ क्यों ?
    14 Feb 2022
    इस ख़ास पेशकश में परंजॉय गुहा ठाकुरता बात कर रहे हैं मनु कौशिक से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सम्बंधित कानूनों में होने वाले बदलावों के बारे में
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License