NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर में रविवार को भी पुलिस और नागरिकों में टकराव, सोमवार को स्कूल खुले, लेकिन बच्चे नदारद
रायटर्स के मुताबिक दो वरिष्ठ अधिकारियों और एक चश्मदीद ने रायटर्स को बताया कि रविवार रात-भर श्रीनगर के बहुत सारे इलाकों में पुलिस और स्थानीय निवासियों के बीच हिंसक टकराव हुआ। एक अधिकारी के हवाले से रायटर्स ने बताया कि इस घटना के बाद सरकारी प्राधिकरणों ने हटाए गए प्रतिबंधों को फिर से लागू कर दिया। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Aug 2019
jammu and kashmir
Image courtesy:NDTV

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की घोषणा के सोमवार को 14 दिन हो गए। इस दौरान धारा-144, कर्फ्यू और सैनिक किलेबंदी से नागरिकों को नियंत्रित किया गया। इस बीच आज सोमवार को घाटी में भी कुछ ढील दी गई। बच्चों के स्कूल खोले गए, हालांकि बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। उधर,रायटर्स की खबर है कि रविवार रात-भर श्रीनगर के बहुत सारे इलाकों में पुलिस और स्थानीय निवासियों के बीच हिंसक टकराव हुआ है।  

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि राज्य में चल रहे प्रतिबधों में अगले कुछ दिनों में ढील दी जाएगी। सोमवार से स्कूल और सरकारी दफ़्तर फिर से खुलेंगे। धीरे-धीरे फोन सर्विस को फिर से चालू किया जाएगा।

रायटर्स के मुताबिक दो वरिष्ठ अधिकारियों और एक चश्मदीद ने रायटर्स को बताया कि रविवार रात-भर श्रीनगर के बहुत सारे इलाकों में पुलिस और स्थानीय निवासियों के बीच हिंसक टकराव हुआ। एक अधिकारी के हवाले से रायटर्स ने बताया कि इस घटना के बाद सरकारी प्राधिकरणों ने हटाए गए प्रतिबंधों को फिर से लागू कर दिया। जम्मू में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं शुरू कर देने का फिर से निर्णय दे दिया गया था, इस निर्णय को भी वापस ले लिया गया है। 

सरकर के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने रायटर्स को बताया कि शनिवार रात ओल्ड सिटी के इलाके में हिंसक टकराव की वजह से तकरीबन 2 दर्जन लोग पैलेट गन के हमले से घायल हो गए थे। जो इस समय अस्पताल में भर्ती हैं। रायटर्स को एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर इलाके के तकरीबन दो दर्जन जगहों पर लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थरबाज़ी की। पिछले कुछ दिनों से श्रीनगर में पत्थरबाज़ी बहुत तेजी से बढ़ी है। 

श्रीनगर के ओल्ड सिटी के रैनवारी, नाउहट्टा और गोजवारा के इलाके में रात भर लोगों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक टकराव हुआ। इसकी प्रतिक्रिया में विरोध प्रदर्शन को बिखरने के लिए सुरक्षा बलों की तरफ से आंसू गैस के गोले और चिली ग्रेनेड छोड़े गए। चिली ग्रेनेड में बहुत तीखी चिली (तीखी मिर्च) का इस्तेमाल किया गया था। ताकि आँखों और त्वचा में खूब जलन हो।  

रायटर्स के साथ पीटीआई-भाषा ने खबर दी है कि कश्मीर में सोमवार को प्रतिबंधों में ढील दी गयी। कई स्कूलों में शिक्षक तो पढ़ाने पहुंचे लेकिन वहां ज्यादा छात्र नहीं दिखे। 

अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने श्रीनगर में 190 प्राथमिक स्कूलों को खोलने के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए हैं जबकि घाटी के अधिकतर हिस्सों में सुरक्षा बल अब भी तैनात हैं। लेकिन निजी स्कूल आज सोमवार को लगातार 15वें दिन भी बंद रहे क्योंकि पिछले दो दिन से यहां हुए हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर अभिभावक सुरक्षा स्थिति को लेकर डरे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक मोबाइल नेटवर्क सही तरह से चालू नहीं हो जाता, तब तक  बच्चों को स्कूल भेजना ठीक नहीं है। 

एक अभिभावक फारूक अहमद डार ने कहा कि स्थिति इतनी ज्यादा अनिश्चित है कि अभी बच्चों को स्कूल भेजने का सवाल ही नहीं उठता और गुलज़ार अहमद ने कहा कि हमारे बच्चें घरों में स्कूल से ज्यादा सुरक्षित हैं। 

रायटर्स ने तकरीबन 2 दर्जन स्कूलों मुआयना किया। कुछ स्कूलों में बहुत कम स्टाफ आये थे। क्लास रूम पूरी तरह से खाली था। और कुछ स्कूलों के गेट पर ताले लगे हुए थे। प्रेजेंटेशन कान्वेंट हायर सेकंडरी में स्कूल के 1000 विधार्थियों में केवल एक विधार्थी स्कूल आया था। जिसे स्कूल स्टाफ ने लौटा दिया। एक स्कूल टीचर ने रायटर्स को बताया कि ऐसी स्थिति में बच्चे स्कूल में कैसे आ सकते हैं। सरकार के फैसले में ये छोटे बच्चे बेवजह शामिल किए जा रहे हैं। 

पीटीआई की सोमवार की खबर है कि पांच अगस्त से श्रीनगर के जिन इलाकों में शांति कायम रही वहां से पुलिस ने अवरोधक हटा दिए हैं।सोमवार को प्रतिबंधों में ढील के बाद से शहर में निजी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है।

कुल मिलाकर राज्य के हालात में कुछ बदलाव तो है लेकिन घाटी का माहौल अभी भी बहुत तनावपूर्ण है। स्थानीय निवासी और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक टकराव से प्रशासन भी आशंकित हैं। प्रशासन प्रतिबंधों में वैसी ढील नहीं दे पा रहा है जैसा उसने पहले घोषणा की थी। और लोगों में भी भरोसा नहीं पैदा हो पा रहा है कि स्थिति जल्द सामान्य होगी।

Jammu and Kashmir
Article 370
Jammu and Kashmir police
Narendra modi
Amit Shah
internet ban

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • Neha Singh Rathore
    न्यूज़क्लिक टीम
    ‘यूपी में सब बा’ के जवाब में नेहा सिंह राठौर का ‘ यूपी में का बा’
    23 Jan 2022
    यूपी विधानसभा चुनाव में वोटरों को रिझाने के लिए सांसद और अभिनेता रवि किशन भाजपा की तारीफ़ में एक वीडियो लेकर आए, जिसके बोल हैं ‘ यूपी में सब बा’। भाजपा की उपलब्धियों का बखान वाला यह वीडियो घर-घर…
  • pm
    अजय कुमार
    दो टूक: मोदी जी, आप ग़लत हैं! अधिकारों की लड़ाई से देश कमज़ोर नहीं बल्कि मज़बूत बनता है
    23 Jan 2022
    75 वर्षों में हम सिर्फ़ अधिकारों की बात करते रहे हैं। अधिकारों के लिए झगड़ते रहे, जूझते रहे, समय भी खपाते रहे। सिर्फ़ अधिकारों की बात करने की वजह से समाज में बहुत बड़ी खाई पैदा हुई है: प्रधानमंत्री…
  • Ethiopia
    शिरीष खरे
    इथियोपिया : फिर सशस्त्र संघर्ष, फिर महिलाएं सबसे आसान शिकार
    23 Jan 2022
    इथियोपिया, अफ्रीका महाद्वीप का यह देश पिछले दो वर्षों से अधिक समय से सुखिर्यों में है, जहां नवंबर, 2020 से शुरू हुआ सशस्त्र संघर्ष अभी भी जारी है, जहां टिग्रे अलगाववादियों और उनके खिलाफ इथियोपियाई…
  • nehru and subhash
    एल एस हरदेनिया
    नेताजी की जयंती पर विशेष: क्या नेहरू ने सुभाष, पटेल एवं अंबेडकर का अपमान किया था?
    23 Jan 2022
    नरेंद्र मोदी का यह आरोप तथ्यहीन है कि नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस, डॉ. अंबेडकर और सरदार पटेल को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया।
  • cartoon
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    …सब कुछ ठीक-ठाक है
    23 Jan 2022
    "क्यों, क्या सब ठीक-ठाक नहीं हैं? क्या सब ख़ैरियत से नहीं है? क्या हम हिंदू राष्ट्र नहीं बन रहे हैं? ठीक है भाई! बेरोज़गारी है, महंगाई है, शिक्षा बरबाद हो रही है और अस्पताल बदहाल। पर देश में क्या…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License