NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
लगातार 5वें दिन बढ़े पेट्रोल के दाम
आपको बता दें कि चुनाव ख़त्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है। इतना ही नहीं चुनाव ख़त्म होते ही दूध के दाम में भी इज़ाफा हुआ है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 May 2019
फोटो साभार: India TV

पेट्रोल के दाम में वृद्धि का सिलसिला सोमवार को लगातार पांचवें दिन जारी रहा, मगर डीजल की कीमतों में वृद्धि पर विराम लग गया।

तेल विपणन कंपनियों ने फिर दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल के दाम में 10 पैसे प्रति लीटर, जबकि चेन्नई में 11 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है, लेकिन डीजल के दाम में सोमवार को कोई बदलाव नहीं किया गया। 

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम बढ़कर क्रमश: 71.77 रुपये, 73.83रुपये, 77.38 रुपये और 74.50 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। हालांकि डीजल के दाम चारों महानगरों में पूर्ववत क्रमश: 66.64 रुपये, 68.40 रुपये, 69.83 रुपये और 70.45 रुपये प्रति लीटर बने रहे।

आपको बता दें कि चुनाव ख़त्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि तेल कंपनियां चुनाव के दौरान दाम स्थिर रखने पर हुए घाटे की भरपाई जल्द से जल्द करना चाहती हैं। इतना ही नहीं चुनाव ख़त्म होते ही दूध के दाम में भी इज़ाफा हुआ है। पहले अमूल ने दूध के दो रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ाए, इसके बाद मदर डेयरी ने भी दाम बढ़ाने का ऐलान कर दिया।  

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें : चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल, डीजल के दाम में बढ़ोतरी शुरू

इसे भी पढ़ें : अमूल के बाद मदर डेयरी ने दूध की कीमतें दो रुपये प्रति लीटर तक बढ़ायी

Ministry of petroleum and gas
petrol price hike
Petrol & diesel price
petrol prices
fuel prices
Narendra Modi Government
BJP Govt

Related Stories

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!

प्रधानमंत्री जी... पक्का ये भाषण राजनीतिक नहीं था?

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

महंगाई पर देखिये: कैसे "सीएम मोदी" ने "पीएम मोदी" की पोल खोली !

महंगाई के कुचक्र में पिसती आम जनता

ग्राउंड रिपोर्टः डीज़ल-पेट्रोल की महंगी डोज से मुश्किल में पूर्वांचल के किसानों की ज़िंदगी

महंगाई के आक्रोश को मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत बढ़ाकर ढकने की कोशिश, आख़िर किसका नुक़सान? 

कच्चे तेल की तलाश की संभावनाओं पर सरकार ने उचित ख़र्च किया है?


बाकी खबरें

  • रिचर्ड डी. वोल्फ़
    यूक्रेन युद्ध में पूंजीवाद की भूमिका
    15 Apr 2022
    वैश्विक युद्ध हमेशा पूंजीवाद के वैश्वीकरण और इसके मुनाफ़े के मक़सद के साथ होता रहा है।
  • बी. सिवरामन
    क्या एफटीए की मौजूदा होड़ दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था परिपक्व हो चली है?
    15 Apr 2022
    अक्सर यह दावा किया जाता है कि मुक्त व्यापार समग्र रूप से तथाकथित 'राष्ट्रीय हितों' की पूर्ति करेगा। यह बकवास है। कोई भी एफटीए केवल निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों, खनिकों और खनिज निर्यातकों तथा…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं
    15 Apr 2022
    हिंसा को स्वीकार्य बनाने के लिए कट्टरपंथी शक्तियों द्वारा संचालित मानसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शायद पूर्ण हो चुका है और हममें से अधिकांश संभवतः इसमें ए प्लस ग्रेड भी अर्जित कर चुके हैं इसलिए इन शोभा…
  • ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन
    15 Apr 2022
    ऐसा प्रतीत होता है कि ज़्यादातर सूचनाएँ अभी भी शीत-युद्धकालीन मानसिकता से ग्रसित हैं, जो मानवता को दो विरोधी ख़ेमों में बाँटकर देखती है। हालाँकि, सच ये नहीं है।
  • विजय विनीत
    बनारस में गंगा के बीचो-बीच अप्रैल में ही दिखने लगा रेत का टीला, सरकार बेख़बर
    15 Apr 2022
    बनारस की गंगा में बालू के टीले पहले जून के महीने में दिखाई देते थे। फिर मई में और अब अप्रैल शुरू होने के पहले ही दिखाई देने लगे हैं, जो चिंता का विषय है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License