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भारत
राजनीति
मायावती ने चुनाव आयोग को आगाह किया, माले ने भी लिखा पत्र
पहले चरण के चुनाव पर असंतोष जताते हुए बीएसपी प्रमुख माया ने सीधे चुनाव आयोग को सलाह दी है कि वह मतदान के शेष छह चरणों के दौरान अपनी 'संवैधानिक जिम्मेदारी' निभाए। उधर माले ने भी बीजेपी पर चुनाव को विषाक्त बनाने का आरोप लगाते हुए आयोग से तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Apr 2019
बीएसपी प्रमुख मायावती

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान संपन्न होने के दौरान उस पर हेराफेरी व धांधली करने का आरोप लगाया और साथ ही चुनाव आयोग को आगाह करते हुए कहा कि वह मतदान के शेष छह चरणों के दौरान अपनी 'संवैधानिक जिम्मेदारी' निभाएं।

उन्होंने ट्वीट किया कि इस लोकसभा चुनाव में मतदाताओं द्वारा सत्तारूढ़ भाजपा को अस्वीकार किए जाने के चलते पार्टी ने अब "वोट से नहीं बल्कि नोटों से, ईवीएम में हेराफेरी और पुलिस/प्रशासन के दुरुपयोग" से जीत हासिल करने का फैसला किया है।

ईवीएम नियंत्रण पर उंगली उठाते हुए उन्होंने कहा, "चुनाव कर्मी स्टिक के साथ बटन दबाकर चुनाव जीतना चाहते हैं।"

सत्ताधारी बीजेपी को इस लोकसभा चुनाव में आमजनता द्वारा बुरी तरह से नकारे जाने का ही परिणाम है कि अब
* बीजेपी वोट से नहीं बल्कि नोटों से
* ईवीएम की धांधली से
* पुलिस/प्रशासन तंत्र के दुरुपयोग सेे
* ईवीएम में चुनाव कर्मचारियों से ही बटन दबवाकर आदि धांधलियों से चुनाव जीतना चाहती है।

— Mayawati (@Mayawati) April 12, 2019

मायावती ने कहा, "यदि देश के आम लोगों के विश्वास को बचाने की आवश्यकता है, तो चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह इन बातों पर गंभीरता से संज्ञान ले और फौरन कदम उठाए, ताकि अगले चरण के चुनाव निष्पक्ष व स्वंतत्र तरीके से हो सकें।"

उधर, भाकपा-माले ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि पहले चरण में इवीएम की गड़बड़ियों से संदेह पैदा हो रहा है और भाजपा चुनाव को विषाक्त बनाने का काम कर रही है जिसपर आयोग को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

भाकपा-माले के बिहार राज्य सचिव कुणाल ने पहले चरण के मतदान पर प्रतिक्रया देते हुए कहा है कि इवीएम में कई प्रकार की गड़बड़ियों की रिपोर्ट मिल रही है, जो भाजपा के पक्ष में काम कर रही है। कई स्थानों पर समय से मतदान आरंभ नहीं हुआ। यह बेहद चिंताजनक है और इवीएम के संदर्भ में पहले से मौजूद संदेहों को और पुख्ता करता है। अगले चरण के चुनावों में इसे ठीक करने की आवश्यकता है। उम्मीद है कि चुनाव आयोग इसे गंभीरता से लेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में कई जगह से खबरें मिली हैं कि वोटरों खासकर दलितों व अल्पसंख्यक समुदाय के वोटरों को डिस्टर्ब करने की कोशिश की गई। यदि यह जारी रहा तो यह देश के लोकतंत्र को एक मजाक में बदल देगा।

इसके अलावा भाकपा माले ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव अभियान में दिए जा रहे आपत्तिजनक भाषणों पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है और चुनाव आयोग से इसपर संज्ञान लेने की मांग की है। माले का आरोप है कि भाजपा नेता सांप्रदायिक आधार पर विभाजन करके चुनाव में ध्रुवीकरण की लगातार कोशिशें कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष खुलेआम कह रहे हैं कि यदि देश में भाजपा की फिर से सरकार बनी तो पूरे देश में एनआरसी को बढ़ा दिया जाएगा और जो हिंदु, सिख अथवा बौद्ध नहीं हैं, उन्हें देश से निकाल बाहर किया जाएगा।

भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने इस संदर्भ में चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

2019 आम चुनाव
General elections2019
2019 Lok Sabha Polls
first phase election
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MAYAWATI
CPI(ML)
dipankar bhattacharya

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