NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मायावती ने चुनाव आयोग को आगाह किया, माले ने भी लिखा पत्र
पहले चरण के चुनाव पर असंतोष जताते हुए बीएसपी प्रमुख माया ने सीधे चुनाव आयोग को सलाह दी है कि वह मतदान के शेष छह चरणों के दौरान अपनी 'संवैधानिक जिम्मेदारी' निभाए। उधर माले ने भी बीजेपी पर चुनाव को विषाक्त बनाने का आरोप लगाते हुए आयोग से तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Apr 2019
बीएसपी प्रमुख मायावती

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान संपन्न होने के दौरान उस पर हेराफेरी व धांधली करने का आरोप लगाया और साथ ही चुनाव आयोग को आगाह करते हुए कहा कि वह मतदान के शेष छह चरणों के दौरान अपनी 'संवैधानिक जिम्मेदारी' निभाएं।

उन्होंने ट्वीट किया कि इस लोकसभा चुनाव में मतदाताओं द्वारा सत्तारूढ़ भाजपा को अस्वीकार किए जाने के चलते पार्टी ने अब "वोट से नहीं बल्कि नोटों से, ईवीएम में हेराफेरी और पुलिस/प्रशासन के दुरुपयोग" से जीत हासिल करने का फैसला किया है।

ईवीएम नियंत्रण पर उंगली उठाते हुए उन्होंने कहा, "चुनाव कर्मी स्टिक के साथ बटन दबाकर चुनाव जीतना चाहते हैं।"

सत्ताधारी बीजेपी को इस लोकसभा चुनाव में आमजनता द्वारा बुरी तरह से नकारे जाने का ही परिणाम है कि अब
* बीजेपी वोट से नहीं बल्कि नोटों से
* ईवीएम की धांधली से
* पुलिस/प्रशासन तंत्र के दुरुपयोग सेे
* ईवीएम में चुनाव कर्मचारियों से ही बटन दबवाकर आदि धांधलियों से चुनाव जीतना चाहती है।

— Mayawati (@Mayawati) April 12, 2019

मायावती ने कहा, "यदि देश के आम लोगों के विश्वास को बचाने की आवश्यकता है, तो चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह इन बातों पर गंभीरता से संज्ञान ले और फौरन कदम उठाए, ताकि अगले चरण के चुनाव निष्पक्ष व स्वंतत्र तरीके से हो सकें।"

उधर, भाकपा-माले ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि पहले चरण में इवीएम की गड़बड़ियों से संदेह पैदा हो रहा है और भाजपा चुनाव को विषाक्त बनाने का काम कर रही है जिसपर आयोग को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

भाकपा-माले के बिहार राज्य सचिव कुणाल ने पहले चरण के मतदान पर प्रतिक्रया देते हुए कहा है कि इवीएम में कई प्रकार की गड़बड़ियों की रिपोर्ट मिल रही है, जो भाजपा के पक्ष में काम कर रही है। कई स्थानों पर समय से मतदान आरंभ नहीं हुआ। यह बेहद चिंताजनक है और इवीएम के संदर्भ में पहले से मौजूद संदेहों को और पुख्ता करता है। अगले चरण के चुनावों में इसे ठीक करने की आवश्यकता है। उम्मीद है कि चुनाव आयोग इसे गंभीरता से लेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में कई जगह से खबरें मिली हैं कि वोटरों खासकर दलितों व अल्पसंख्यक समुदाय के वोटरों को डिस्टर्ब करने की कोशिश की गई। यदि यह जारी रहा तो यह देश के लोकतंत्र को एक मजाक में बदल देगा।

इसके अलावा भाकपा माले ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव अभियान में दिए जा रहे आपत्तिजनक भाषणों पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है और चुनाव आयोग से इसपर संज्ञान लेने की मांग की है। माले का आरोप है कि भाजपा नेता सांप्रदायिक आधार पर विभाजन करके चुनाव में ध्रुवीकरण की लगातार कोशिशें कर रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष खुलेआम कह रहे हैं कि यदि देश में भाजपा की फिर से सरकार बनी तो पूरे देश में एनआरसी को बढ़ा दिया जाएगा और जो हिंदु, सिख अथवा बौद्ध नहीं हैं, उन्हें देश से निकाल बाहर किया जाएगा।

भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने इस संदर्भ में चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

2019 आम चुनाव
General elections2019
2019 Lok Sabha Polls
first phase election
BSP
MAYAWATI
CPI(ML)
dipankar bhattacharya

Related Stories

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब पुलिस का दिल्ली में इस्तेमाल करते केजरीवाल

मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा पर अखिलेश व मायावती क्यों चुप हैं?

अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे

हार के बाद सपा-बसपा में दिशाहीनता और कांग्रेस खोजे सहारा

विश्लेषण: विपक्षी दलों के वोटों में बिखराव से उत्तर प्रदेश में जीती भाजपा

बसपा की करारी हार पर क्या सोचता है दलित समाज?

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक


बाकी खबरें

  • bharat_ek_mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: एंटीनैशनल गिरोह में शामिल हुआ इंफ़ोसिस; गोदी मीडिया के सर चढ़ा  तालिबान का भूत
    12 Sep 2021
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में संजय राजौरा पांचजन्य द्वारा इंफ़ोसिस पर लगाए गए आरोप और गोदी मीडिया की तालिबान पर जुनूनी कवरेज पर चुटकी ले रहे हैं।
  • सड़क में गड्ढे...: एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    सड़क में गड्ढे...: एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम
    12 Sep 2021
    तिरछी नज़र: गड्ढे सड़क बनवाने में बरती गई ईमानदारी का परिचायक हैं। सड़क बनाने में जितनी अधिक ईमानदारी बरती गई होती है गड्ढे उतनी ही जल्दी और उतने ही ज़्यादा बनते हैं।
  • ‘प्रेस की आज़ादी पर हमला': एडिटर्स गिल्ड, डीयूजे ने मीडिया घरानों पर आयकर विभाग द्वारा “सर्वे” की निंदा की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ‘प्रेस की आज़ादी पर हमला': एडिटर्स गिल्ड, डीयूजे ने मीडिया समूहों पर आयकर विभाग के “सर्वे” की निंदा की
    12 Sep 2021
    गिल्ड ने न्यूज़क्लिक और न्यूज़लॉन्ड्री के दफ़्तरों में आईटी द्वारा ‘सर्वे’ की आलोचना करते हुए कहा कि आज़ाद मीडिया को परेशान करने और डराने-धमकाने की इस ख़तरनाक रवैये को रोका जाना चाहिए।
  • महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे (दाएं) और नारायण दत्तात्रय आप्टे (बाएं)।
    अनिल जैन
    विडंबना: अब गोडसे ही नहीं आप्टे को भी ‘पूजने’ की तैयारी, मेरठ में लगेगी मूर्ति?
    12 Sep 2021
    महात्मा गांधी के हत्यारों में से एक नारायण आप्टे की मूर्ति लगाने की कोशिशों के पीछे कौन-सी ताकतें हैं, उनका क्या राजनीतिक मकसद है और मूर्ति लगाने के लिए मेरठ शहर का ही चयन क्यों किया गया है, इन सारे…
  • karnala
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    करनाल में किसानों की बड़ी जीत; एसडीएम सिन्हा के ख़िलाफ़ बैठी जांच, मृत किसान के परिवार को मिली दो नौकरियां
    11 Sep 2021
    'समझौते के मुताबिक, सरकार पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा बस्तारा टोल प्लाजा पर लाठीचार्ज प्रकरण की जांच करेगी। जांच पूरी होने तक आयुष सिन्हा जबरन छुट्टी पर रहेंगे। इसी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License