NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
मेघालय : कोयला खदान में 13 खनिक फंसे, बचाव कार्य जारी
अधिकारियों ने पहले ही कह दिया है कि फंसे मजदूरों के जीवित होने की संभावना बहुत कम है।
आईएएनएस
14 Dec 2018
 Meghalaya

शिलांग : मेघालय के पूर्व जैंतिया हिल्स में पानी से भरे कोयला खदान में 13 खनिक फंस गए हैं, उन्हें अभी तक सुरक्षित नहीं निकाला जा सका है। जिले के पुलिस प्रमुख ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

अधिकारियों ने पहले ही कह दिया है कि फंसे मजदूरों के जीवित होने की संभावना बहुत कम है। 

पूर्व जैंतिया हिल्स के जिला पुलिस प्रमुख सिलवेस्टर नौंगटन्गर ने आईएएनएस को बताया, "हमारे द्वारा खदान से शवों को अभी बरामद किया जाना बाकी है।"

उन्होंने कहा, "बचाव कार्य जोरों पर है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल को बचाव कार्य में लगाया गया है।" 

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने 17 अप्रैल, 2014 से राज्य में असुरक्षित और अवैज्ञानिक तरीके से कोयला खनन पर अंतरिम प्रतिबंध लगा दिया था।

सिल्वेस्टर ने कहा कि गुरुवार देर शाम जो मौखिक जानकारी मिली थी, उसके मुताबिक, लुमथरी इलाके के तीन स्थानीय निवासियों सहित कुल 13 खनिक फंसे हैं। 

पुलिस अधिकारी ने कहा, "ऐसा मालूम पड़ता है कि खनिकों ने तीन-चार दिन पहले फिर से खनन शुरू किया था। हमारा पहला काम फंसे लोगों को बचाना है। हम जेनरेटर की मदद से खदान से पानी बाहर निकाल रहे हैं लेकिन पानी का स्तर कम नहीं हुआ है। "

उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि खनिकों के जीवित बचे होने की गुंजाइश कम है। 

उन्होंने दुर्घटना के तुरंत बाद बताया, "कोयला खदान के मालिक की शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। हमने पहले ही मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।"

meghalaya
Coal workers
coal mines

Related Stories

पूर्वोत्तर के 40% से अधिक छात्रों को महामारी के दौरान पढ़ाई के लिए गैजेट उपलब्ध नहीं रहा

कोयले की कमी? भारत के पास मौजूद हैं 300 अरब टन के अनुमानित भंडार

ग्राउंड रिपोर्ट: देश की सबसे बड़ी कोयला मंडी में छोटी होती जा रही मज़दूरों की ज़िंदगी

भू-विस्थापितों के आंदोलन से कुसमुंडा खदान बंद : लिखित आश्वासन, पर आंदोलन जारी

बाघमारा कोल साइडिंग में छंटनी का विरोध कर रहे मज़दूरों पर प्रबंधन ने कराया लाठीचार्ज

देश के कई राज्यों में कोयले का संकट, मध्यप्रदेश के चार पॉवर प्लांट में कोयले की भारी कमी

मेघालय में कर्फ़्यू के बाद भी हिंसा, राज्यपाल सत्यपाल मलिक के काफिले पर हमला

हसदेव अरण्य: केते बेसन पर 14 जुलाई को होने वाली जन सुनवाई को टाले जाने की मांग ज़ोर पकड़ती जा रही है

मेघालय और झारखंड में खदान दुर्घटना में आठ लोगों की मौत, चार लापता

कोयला खदानों की नीलामी और मज़दूर विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ तीन दिन की हड़ताल का व्यापक असर


बाकी खबरें

  • sudan
    पीपल्स डिस्पैच
    सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल
    17 Feb 2022
    इजिप्ट इस तख़्तापलट में सैन्य शासन का समर्थन कर रहा है। ऐसे में नागरिक प्रतिरोधक समितियों ने दोनों देशों की सीमाओं पर कम से कम 15 जगह बैरिकेडिंग की है, ताकि व्यापार रोका जा सके।
  • muslim
    नीलांजन मुखोपाध्याय
    मोदी जी, क्या आपने मुस्लिम महिलाओं से इसी सुरक्षा का वादा किया था?
    17 Feb 2022
    तीन तलाक के बारे में ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना, तब, जब मुस्लिम महिलाओं को उनकी पारंपरिक पोशाक के एक हिस्से को सार्वजनिक चकाचौंध में उतारने पर मजबूर किया जा रहा है, यह न केवल लिंग, बल्कि धार्मिक पहचान पर भी…
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब चुनाव में दलित-फैक्टर, सबको याद आये रैदास
    16 Feb 2022
    पंजाब के चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी पार्टियों के शीर्ष नेता बुधवार को संत रैदास के स्मृति स्थलों पर देखे गये. रैदास को चुनावी माहौल में याद करना जरूरी लगा क्योंकि पंजाब में 32 फीसदी…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: मोदी की ‘आएंगे तो योगी ही’ से अलग नितिन गडकरी की लाइन
    16 Feb 2022
    अभी तय नहीं कौन आएंगे और कौन जाएंगे लेकिन ‘आएंगे तो योगी ही’ के नारों से लबरेज़ योगी और यूपी बीजेपी के समर्थकों को कहीं निराश न होना पड़ा जाए, क्योंकि नितिन गडकरी के बयान ने कई कयासों को जन्म दे दिया…
  • press freedom
    कृष्ण सिंह
    ‘दिशा-निर्देश 2022’: पत्रकारों की स्वतंत्र आवाज़ को दबाने का नया हथियार!
    16 Feb 2022
    दरअसल जो शर्तें पीआईबी मान्यता के लिए जोड़ी गई हैं वे भारतीय मीडिया पर दूरगामी असर डालने वाली हैं। यह सिर्फ किसी पत्रकार की मान्यता स्थगित और रद्द होने तक ही सीमित नहीं रहने वाला, यह मीडिया में हर उस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License