NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र एटीएस ने सनातन संस्था से जुड़े व्यक्ति के घर से बरामद की दस पिस्तौल
बीते शुक्रवार हुई तीन लोगों को गिरफ्तारी के बाद जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, दिन-ब-दिन खुलासे होते जा रहे हैं। संदिग्धों के पास से जब्त हथियारों के जखीरे से ऐसा लग रहा है कि यह लोग कुछ बड़ा प्लान करने वाले थे।
शारिब अहमद खान
13 Aug 2018
sanatan sanstha

महाराष्ट्र एंटी टेरर स्क्वाड (एटीएस) ने बीते शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद एटीएस के द्वारा अभ्यिक्तों से पूछताछ की गई। पूछताछ करने  पर उन्होंने छुपाए हुए हथियारों के बारे में बताया। इसके बाद एजेंसी ने छापेमारी कर हथियारों का जखीरा बरामद करने का दावा किया है। एटीएस ने बीते दिन यानी की रविवार को तक़रीबन 10 पिस्टल के साथ और भी कई विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह बरामदगी एटीएस के द्वारा शुक्रवार को गिरफ्तार हुए मुख्य अभियुक्त वैभव राउत के घर से हुई है। 

एटीएस का कहना है कि जाँच से ऐसा लग रहा है कि जो पिस्टल वैभव राउत के घर से बरामद की है, वह पिस्टल इस गिरोह ने देश के अन्य राज्यों से मंगवाई है, हालांकि एटीएस का यह भी कहना है कि वह इस बात की भी जांच कर रही है कि यह पिस्टल इनलोगो ने खुद तो नहीं बनाई है।आपको बता दें कि महाराष्ट्र एंटी टेरर स्क्वाड ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर तीन लोगों की गिरफ्तारी की थी। इन तीनो अभियुक्तों का नाम वैभव राउत, शरद कालसकर और सुधावना धोंधलकर है। वैभव राउत और शरद कालसकर को एटीएस ने नालासोपारा से व सुधावना धोंधलकर को पूणे से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार हुए तीनो आरोपियों का सम्बंध कट्टरवादी हिंदूत्ववादी संगठनों हिंदू जनजागरिती समिती, हिंदू गोवंश रक्षा समिती व सनातन संस्था से होने का आरोप जांच एजेंसी ने लगाया है।

तीनो अभियुक्तों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके ठिकानों से शुक्रवार को एटीएस ने छापे में बम बनाने की सामग्री, सीडी, पेन ड्राइव, वाहनों की छह नंबर प्लेट, हार्डडिस्क और हैंडबुक और बम बनाने से जुड़े अन्य साहित्य भी बरामद किये गये। साथ ही एटीएस को तीनों के ठीकानों पर से 19 बम भी बरामद किये थे। वहीं उन तीनों के पास से 11 देसी तमंचे, मैगजीन, एक एयरगन, पिस्तौल की दस नली, छह पिस्तौल की मैगजीन, आंशिक रूप से बनी छह पिस्तल व आंशिक रूप से बनी तीन मैगजीन और हथियार के कई भाग भी जब्त किये थे।

तीनो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बाद जांच एजेंसी ने उन्हें अदालत में पेश किया था। वहां एजेंसी ने अदालत को बताया था कि उसके विक्रोली यूनिट को 7 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि आतंकवादी मुंबई, सतारा, पुणे, सोलापुर और नालासोपारा में बम धमाका करने वाले हैं। साथ ही उसे यह भी सूचना मिली कि विस्फोट करने वाले आतंकवादियों ने बम बनाने की ट्रेनिंग भी ली है। जांच करने के बाद हमने इन तीनों की गिरफ्तारी की है। हालांकि मीडिया रिपोर्टस में इस बात का भी अंदेशा जताया जा रहा है कि कर्नाटक में गौरी लंकेश की हत्या में गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के बाद इन संदिग्धों की सूचना एटीएस को मिली थी, उसी सूचना के बाद यह गिरफ्तारियां हुई हैं।

गौरतलब है कि सूत्रों का यह भी कहना है कि आतंकवादियों इसी महीने अगस्त में महाराष्ट्रा के कई जगहों पर बम धमाका करने वाले थे। इसके लिए आरोपियों ने मुंबई, पुणे, नालासोपारा, सांतारा और सोलापुर में कई जगहों पर रेकी भी कर ली थी।शुक्रवार को गिरफ्तार हुए तीनों अभियुक्तों को 18 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एटीएस का कहना है कि गिरफ्तार हुए यूवक से पूछताछ जारी है, अभी पूछताछ से और भी खुलासे होने की उम्मीद है।
 
हालांकि आप को बता दें कि एटीएस इस मामले में विरेंद्र तावड़े का रोल को भी जांच रही है। तावड़े को सममाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पांसरे की हत्या में गिरफ्तार किया गया था। एटीएस को मामले की जांच के दौरान कई ईमेल मिले हैं। ये ई मेल तावड़े और सनातन संस्था के सदस्य सारंग अकोलकर के बीच आदान-प्रदान हुए थे। इस ई मेल में महाराष्ट्र में हथियार बनाने की फैक्ट्री स्थापित करने पर बात हुई थी। तावड़े हिन्दू जनजागृति समिति का सदस्य है, जो कि सनातन संस्था से जुड़ा है।

इसी वजह से आरोपी सुधन्वा गोंधालेकर के द्वारा चलाई जा रही ग्राफिक फर्म भी एटीएस के जांच के दायरे में है। एटीएस का एैसा मानना है कि हो सकता है कि हथियार बनाने के लिए इन लोगों ने यूनिट बना ली हो। एटीएस इस एंगल को लेकर भी इस मामले की जांच कर रही है। 
मीडिया रिपोर्टस में एटीएस का यह भी कहना है कि गुप्त सूचना के आधार पर अभी केवल तीन लोगों की ही गिरफ्तारी हो पाई है लेकिन संदिग्धों की संख्या 16 है, बाकी संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी चल रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने सनातन संस्था को बैन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ‘एटीएस को गिरफ्तार आरोपियों के पास से 20 बम व तक़रीबन 50 या उससे भी अधिक बम बनाने की विस्फोटक सामग्री जब्त की है। सनातन संस्था से वैभव राउत के अलावा भी दो लोग और पकड़े गए हैं’।  उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ‘हो न हो इसके पीछे समाज को ध्रुवीकरण करने और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को तोड़ने की साजिश है। सनातन संस्था को तुरंत प्रतिबंधित करना चाहिए’।

गौरतलब है कि गौरी लंकेश हत्याकांड में सनातन संस्था व कट्टर हिंदूत्ववादी संगठनों का नाम आया है। कर्नाटक सरकार द्वारा गौरी लंकेश हत्याकांड में गठित एसआईटी ने इस केस में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की है। जैसे-जैसे इस केस की जांच आगे बढ़ रही है कट्टरवादी हिंदू संगठनो का नाम इस हत्याकांड से जुड़ता जा रहा है। 

यह सोच का विषय है कि देश में जो लोग मुखर हो कर बोलते हैं क्या अब उन्हें बोलने का हक नहीं है? आखिर ऐसा क्यों है कि देश के कट्टरवादी संगठन आए दिन किसी को मारने में, तो किसी को धमकाने में, तो कभी दंगे करवाने में शामिल रहते हैं लेकिन उन के उपर सख्त कार्रवाई होने के बजाए राज्य सरकार मूक-दर्शक बन कर खड़ी रहती है।

वैसे यह बात सही है कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता लेकिन जिस तरह से आज के वक्त में पूरा विश्व ‘इस्लामिक तालिबान’ को लेकर परेशान और चिंतित हैं, ठीक उसी तरह अगर इन कट्टरवादी हिंदूत्व संगठनो पर सही समय पर लगाम नहीं लगाई गई और उनका राजनीतिक शरण बंद नहीं हुआ तो इन्हें भी हिंदू तालिबान बनने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा!

Sanatan sanstha
Maharastra
ATS
maharastra government

Related Stories

कभी सिख गुरुओं के लिए औज़ार बनाने वाला सिकलीगर समाज आज अपराधियों का जीवन जीने को मजबूर है

महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा

ख़बरों के आगे पीछे: यूक्रेन में फँसे छात्रों से लेकर, तमिलनाडु में हुए विपक्ष के जमावड़े तक..

वे दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी या गौरी लंकेश को ख़ामोश नहीं कर सकते

गढ़चिरौलीः यह लहू किसका है

एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मंत्री ने यूनियन से बात की

एमएसआरटीसी हड़ताल: अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को समिति गठित करने का निर्देश दिया

महाराष्ट्र: रेज़िडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल और सरकार की अनदेखी के बीच जूझते आम लोग

उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार


बाकी खबरें

  • अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया
    29 Apr 2022
    प्रशासन का कहना है कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जामिया में इबादत गुजारों के लिए व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद सामूहिक इबादत को रोकने का ये निर्णय लिया गया है।
  • लाल बहादुर सिंह
    किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम
    29 Apr 2022
    गहराता रोज़गार संकट और कठिन होती जीवन-स्थितियां भारत में फ़ासीवाद के राज्यारोहण का सबसे पक्का नुस्खा है। लेकिन तमाम फ़ासीवाद-विरोधी ताकतें एकताबद्ध प्रतिरोध में उतर पड़ें तो यही संकट समाज को रैडिकल…
  • ज़ाहिद खान
    इरफ़ान ख़ान : अदाकारी की इब्तिदा और इंतिहा
    29 Apr 2022
    29 अप्रैल 2020 को हमसे जिस्मानी तौर पर जुदा हुए इरफ़ान ख़ान अपनी लासानी अदाकारी से अपने चाहने वालों के दिलो ज़ेहन में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।
  • एजाज़ अशरफ़
    क्यों धार्मिक जुलूस विदेशी भूमि को फ़तह करने वाले सैनिकों जैसे लगते हैं
    29 Apr 2022
    इस तरह के जुलूस, मुसलमानों पर हिंदुओं का मनोवैज्ञानिक प्रभुत्व स्थापित करने और उन्हें अपने अधीन करने के मक़सद से निकाले जा रहे हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,377 नए मामले, 60 मरीज़ों की मौत
    29 Apr 2022
    दिल्ली में आज फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई, दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,490 नए मामले दर्ज़ किए गए |
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License