NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
अंतरराष्ट्रीय
एशिया के बाकी
महेंद्र सिंह धोनी के दस्ताने पर विवाद
धोनी के दस्ताने पर भारतीय सेना के इन्डियन पैरा स्पेशल फाॅर्स की खास लोगो 'बलिदान बैज' लगा हुआ था, जिससे आईसीसी ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह आईसीसी नियमों के खिलाफ है।
रजनीश कुमार सिंह
07 Jun 2019
Dhoni
फोटो साभार: Free Press Journal

महेंद्र सिंह धोनी ने सॉउथ अफ्रीका के खिलाफ  भारत के 2019 वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में एक ऐसी विकेट-कीपिंग दस्ताने पहने जिससे दुनियाभर में विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल उनके दस्ताने पर भारतीय सेना के इन्डियन पैरा स्पेशल फाॅर्स की खास लोगो 'बलिदान बैज' लगा हुआ था, जिससे आईसीसी ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह आईसीसी ड्रेस नियमों के खिलाफ है। आईसीसी का कहना है की उनके आयोजित टूर्नामेंट में कोई भी टीम या कोई भी खिलाड़ी जो कपड़े पहनते है, उसपर आप कोई भी ऐसा लोगो नहीं लगा सकते जो राजनितिक, धर्म या ऐसी किसी विषय से ताल्लुक रखता हो।

इससे पहले आपको बता दे कि 2014 में भी आईसीसी ने इंग्लैंड के खिलाड़ी मोइन अली को वरिस्ट बैंड पहनने से रोक लगाया था जिस पर सेव गज़ा (save Gaza) लिखा हुआ था।

आईसीसी ने बीसीसीआई को दरख्वास की है  कि अगले मैच  में महेंद्र सिंह धोनी यह दस्ताने न पहनें। अगला मैच भारत -ऑस्ट्रेलिया के बीच 9 जून को होगा।  

आपको मालूम होगा की पुलवामा हमले के बाद रांची में हो रहे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय मैच में भारतीय टीम ने भारतीय सेना को श्रधांजलि देते हुए मैच में आर्मी कैप पहनी थी। इस मैच के लिए बीसीसीआई ने आईसीसी ने पहले ही अनुमति ले ली थी और यह मैच एक चैरिटी मैच था।  

इस दस्ताने के ऊपर सिर्फ आईसीसी ने ही नहीं बल्कि पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद हुसैन ने भी सियासी बयानबाजी कर अपनी नाराज़गी जताई। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, “धोनी इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने के लिए गए हैं महाभारत के लिए नहीं। यह कैसा मूखर्तापूर्ण विवाद भारतीय मीडिया में चल रहा है। भारतीय मीडिया का एक वर्ग तो इसे लेकर ऐसा दीवाना हो रहा है जैसे वह युद्ध के लिए इसे सीरिया, अफगानिस्तान और रवांडा भेज रहे हों।”

लेकिन वहीं धोनी के इस दस्ताने पहनने पर बीसीसआई समेत कई खिलाडियों उनके समर्थन में उतर आये हैं। आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा कि, “मुझे नहीं लगता यह कोई धार्मिक या राजनीतिक प्रचार है, ये तो बस देश  और सेना के लिए सम्मान का प्रतिक है, इसलिए उन्होंने लगाया हुआ है। मुझे नहीं लगता आईसीसी को इस्पे आपत्ति करनी चाहिए।” 

वहीं प्रशासकों की समिति के चीफ विनोद राय ने यह पुष्टि कर दी है कि बीसीसीआई ने आईसीसी को चिट्ठी लिखकर धोनी को  'बलिदान बैज' वाले कीपिंग ग्लव्स पहनने की मांगी है। 

क्या है यह बलिदान बैज?

यह बैज इन्डियन पैरा स्पेशल फाॅर्स की खास प्रतिक चिन्ह है जिसे अंग्रेजी में ‘इन्सिग्निया (Insignia)’ और हिंदी में ‘बलिदान बैज’ कहा जाता है। इस बैज की खासियत यह है की इसे हर कोई नहीं लगा सकता, लेकिन सवाल ये उठता है की धोनी के दस्ताने में कैसे आया ? इस बैज को अक्सर पैरा कमांडो लगाते है। 

दरअसल बात 2011 की है जब महेंद्र सिंह धोनी को थल सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी गयी थी। और उसके बाद 2015 में उन्होंने पैरा फोर्सेज के साथ स्पेशल ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद ही वे पैरा रेजिमेंट में शामिल हो गए और उन्हें यह बैज पहनने की अनुमति मिल गयी।

dhoni
mahendra singh dhoni
insignia
balidan badge
Indian army
indian cricketer
world cup 2019
Team India icc world cup 2019
ICC World Cup

Related Stories

वक्त का पहिया घूमा और खुद ऑनलाइन ट्रोलिंग के निशाने पर आए कप्तान कोहली

वर्ल्ड कप हंगामा, विज्ञान पर सद्गुरु और पत्रकारिता की मौत : भारत एक मौज, सीजन -3,एपिसोड - 4

वायुसेना के विमान का सुराग नहीं; चिंता नहीं, चर्चा नहीं! चुनाव ख़त्म तो देशभक्ति खत्म?


बाकी खबरें

  • workers
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: धीमी मौत मर रहा है भगवान कृष्ण को संवारने-सजाने वाला मथुरा-वृंदावन का उद्योग
    07 Feb 2022
    हिंदुत्व की उच्च डेसिबल की राजनीति हिंदू और मुस्लिम समुदायों से आने वाले कारीगरों, व्यापारियों और निर्माताओं की आजीविका को बचाने में विफल रही है।
  • yogi and amit shah
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा को चुनावों में भगवान और मुसलमान का ही सहारा
    07 Feb 2022
    ख़बरों की इस भाग दौड़ में ख़बरों का मर्म छूट जाता है। इस हफ़्ते की कुछ ख़ास ख़बरें लेकर आए हैं अनिल जैन, जिसमें राम जी की जाति से लेकर केजरीवाल का मोदी मॉडल तक शामिल है। 
  • Lata Mangeshkar
    नम्रता जोशी
    लता मंगेशकर की उपलब्धियों का भला कभी कोई विदाई गीत बन सकता है?
    07 Feb 2022
    संगीत और फ़िल्म निर्माण में स्वर्ण युग के सबसे बड़े नुमाइंदों में से एक लता मंगेशकर का निधन असल में वक़्त के उस बेरहम और अटूट सिलसिले का एक दुखद संकेत है, जो अपने जीवन काल में ही किंवदंती बन चुके…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक महीने बाद कोरोना के एक लाख से कम नए मामले सामने आए  
    07 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 83,876 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 2.62 फ़ीसदी यानी 11 लाख 8 हज़ार 938 हो गयी है।
  • MGNREGA
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बजट 2022: गांव और किसान के प्रति सरकार की खटकने वाली अनदेखी
    07 Feb 2022
    कोविड-19 के इस भयानक दौर में यह आशा की जा रही थी कि सरकार न केवल मनरेगा को ज्यादा मजबूती देगी, बल्कि शहरी इलाकों के लिए भी कोई ऐसी ही योजना लाई जाएगी। विगत वित्तीय वर्ष के संशोधित आकलन की तुलना में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License