NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
भारत
राजनीति
महिला बनाम पुरुष युद्ध नहीं है 'मीटू' अभियान : चित्रांगदा
अभिनेत्री का कहना है कि यह अभियान सभी के लिए समाज को सुरक्षित बनाए जाने के लिए है।
सुगंधा रावल
21 Oct 2018
Actress Chitrangada Singh चित्रांगदा सिंह
Image Courtesy : StarsUnfolded

फिल्म अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह का मानना है कि 'मीटू' अभियान पुरुष बनाम महिला युद्ध नहीं है और न ही यह पुरुषों को अपराधी ठहराए जाने वाला अभियान है। 

अभिनेत्री का कहना है कि यह अभियान सभी के लिए समाज को सुरक्षित बनाए जाने के लिए है। 

चित्रांगदा ने कहा, "हर बदलाव की शुरुआत तभी होती है, जब हम बातचीत की शुरुआत करते हैं। सच कहूं तो पश्चिमी सभ्यता वाले समाज में और हमारे समाज में बहुत बड़ा अंतर है। अंग्रेजी के शो और फिल्में देख लेने से ही हम उस समाज का हिस्सा नहीं बन जाते।"

चित्रांगदा ने कहा कि यह अभियान महिला बना पुरुष युद्ध नहीं है। उन्होंने कहा, "यह समाज को सुरक्षित रखने के लिए है। इसमें केवल पुरुषों को अपराधी नहीं ठहराया जा रहा है।"

अभिनेत्री ने आईएएनएस से एक खास बातचीत में कहा, "हमारे समाज और हमारी सोच में अंतर है। यही कारण है कि हमारे 'मीटू' अभियान में समानता नहीं है। मैं तनुश्री दत्ता के बारे में कहूंगी कि उन्होंने एक बात सही कही थी कि एक अभियान के लिए समाज को उस प्रकार का वातावरण बनाना जरूरी है।"

चित्रांगदा का मानना है कि बदलाव के लिए महिला और पुरुष को साथ मिलकर काम करना होगा। 

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि कोई भी अभियान किसी एक लिंग के समर्थन में काम करता है और यह तब तक साबित नहीं होगा, जब तक महिला और पुरुष साथ नहीं होते। जब तक पुरुष यह नहीं समझेंगे कि महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराना उनकी जिम्मेदारी है, तब तक चीजें मुश्किल ही रहेंगी।"

उल्लेखनीय है कि 'मीटू' अभियान में फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों के नाम उजागर हुए हैं और उन पर महिलाओं में यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इसमें विकास बहल, चेतन भगत, कैलाश खेर, रजत कपूर, आलोक नाथ, अनु मलिक, गुरुसिमरन खाम्बा और साजिद खान जैसी हस्तियों के नाम शामिल हैं।

Actress Chitrangada Singh
#MeToo Moment In India
bollywood
Tanushree Dutta

Related Stories

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

फ़िल्म निर्माताओं की ज़िम्मेदारी इतिहास के प्रति है—द कश्मीर फ़ाइल्स पर जाने-माने निर्देशक श्याम बेनेगल

कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’

भाजपा सरकार के प्रचार का जरिया बना बॉलीवुड

तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?

भारतीय सिनेमा के महानायक की स्मृति में विशेष: समाज और संसद में दिलीप कुमार

भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत : नहीं रहे हमारे शहज़ादे सलीम, नहीं रहे दिलीप कुमार

फिल्म प्रमाणन न्यायाधिकरण को समाप्त करने पर फिल्मकारों ने की सरकार की आलोचना

हीरक राजार देशे :  एक अभिशप्त देश की कहानी


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License