NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मज़दूरों की सुनों : 8-9 जनवरी को देशव्यापी आम हड़ताल
12 सूत्री माँगों को लेकर देश भर के मज़दूर 8-9 जनवरी को हड़ताल पर जा रहे हैं। इनमें न्यूनतम वेतन, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी माँगें शामिल हैं।
न्यूज़क्लिक टीम
06 Jan 2019

12 सूत्री माँगों को लेकर देश भर के मज़दूर 8-9 जनवरी को हड़ताल पर जा रहे हैं। इनमें अन्य कर्मचारी संघ भी शामिल हैं। किसानों ने भी मज़दूरों के साथ आने का ऐलान किया है। मज़दूरों की मुख्य मांगों में न्यूनतम वेतन, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी माँगें शामिल हैं।

#WorkersStrikeBack
#श्रमिकहड़ताल
anti-worker policies
labor laws

Related Stories

श्रम क़ानूनों और सरकारी योजनाओं से बेहद दूर हैं निर्माण मज़दूर

वैश्विक महामारी के दौर में मजदूर विरोधी नीतियों को तेजी से आगे बढ़ाती सरकार

लेबर कोड में प्रवासी मज़दूरों के लिए निराशा के सिवाय कुछ नहीं

बिहार-झारखंड: मज़दूर विरोधी श्रम कोड के ख़िलाफ़ सड़कों पर व्यापक विरोध

एक विश्लेषण:  क्या आप जानते हैं क्या हैं वे चार लेबर कोड्स जिन्हें सरकार 44 कानूनों की जगह लागू कर रही है

Swiggy कर्मचारी हड़ताल पर

12 घंटे का कार्यदिवस है आधुनिक युग की बंधुआ मज़दूरी!

यूपी में एस्मा लागू यानी “जबरा मारे, रोने भी न दे!”

‘अभी हारे नहीं हैं हम…’ कोरोना और लॉकडाउन की मार झेलते हुए भी मज़दूरों ने दिखाई एकजुटता, देशभर में प्रदर्शन

झारखंड और बिहार में भी मज़दूर विरोधी फ़ैसलों के ख़िलाफ़ हुआ ‘हल्ला बोल!’


बाकी खबरें

  • रिचर्ड डी. वोल्फ़
    यूक्रेन युद्ध में पूंजीवाद की भूमिका
    15 Apr 2022
    वैश्विक युद्ध हमेशा पूंजीवाद के वैश्वीकरण और इसके मुनाफ़े के मक़सद के साथ होता रहा है।
  • बी. सिवरामन
    क्या एफटीए की मौजूदा होड़ दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था परिपक्व हो चली है?
    15 Apr 2022
    अक्सर यह दावा किया जाता है कि मुक्त व्यापार समग्र रूप से तथाकथित 'राष्ट्रीय हितों' की पूर्ति करेगा। यह बकवास है। कोई भी एफटीए केवल निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों, खनिकों और खनिज निर्यातकों तथा…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं
    15 Apr 2022
    हिंसा को स्वीकार्य बनाने के लिए कट्टरपंथी शक्तियों द्वारा संचालित मानसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शायद पूर्ण हो चुका है और हममें से अधिकांश संभवतः इसमें ए प्लस ग्रेड भी अर्जित कर चुके हैं इसलिए इन शोभा…
  • ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन
    15 Apr 2022
    ऐसा प्रतीत होता है कि ज़्यादातर सूचनाएँ अभी भी शीत-युद्धकालीन मानसिकता से ग्रसित हैं, जो मानवता को दो विरोधी ख़ेमों में बाँटकर देखती है। हालाँकि, सच ये नहीं है।
  • विजय विनीत
    बनारस में गंगा के बीचो-बीच अप्रैल में ही दिखने लगा रेत का टीला, सरकार बेख़बर
    15 Apr 2022
    बनारस की गंगा में बालू के टीले पहले जून के महीने में दिखाई देते थे। फिर मई में और अब अप्रैल शुरू होने के पहले ही दिखाई देने लगे हैं, जो चिंता का विषय है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License