NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मॉब लिंचिंग के शिकार जुनैल को कैसे मिलेगा इंसाफ?
‘सुशासन’ राज में एक और मॉब लिंचिंग हो गई। धर्मान्धों ने बूढ़े जुनैल को मारकर जला डाला, लेकिन इसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई। रिपोर्ट तो छोड़िए माहौल न बिगड़े इसके नाम पर इस ख़बर को हर तरह से दबाने की कोशिश की गई।
अनिल अंशुमन
05 Nov 2018
वायरल तस्वीर

दशहरे के दिन रावण दहन देखते समय अमृतसर में रेल से हुए हादसे की ख़बरों के शोर में शायद ये खबर गुम ही कर दी जाती कि 20 अक्टूबर की शाम ‘सुशासन’ प्रदेश बिहार के सीतामढ़ी शहर में 70 वर्षीय बूढ़े जुनैल अंसारी को ‘मॉब लिंचिंग’ का शिकार बनाकर आग के हवाले कर दिया गया था। लेकिन ख़बरों के अनुसार इस दिन शहर के मधुबन, गौशाला चौक, नोनिया टोला और राजो पट्टी इलाकों में स्थिति 19 अक्तूबर के शाम ही तनावपूर्ण थी। 20 को प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद ‘काली पूजन सामिति ‘ के लोग विवादित क्षेत्र से मूर्ति विसर्जन का जुलूस ले जाने पर आमादा थे। जिससे दूसरे समुदाय के लोग कड़ा ऐतराज़ जताते हुए विरोध कर रहे थे। विवाद बढ़ जाने के कारण कतिपय धर्मांध चौकड़ी द्वारा न सिर्फ दूसरे समुदाय के मुहल्लों पर पत्थरबाजी की गयी बल्कि बाज़ार में उनकी दुकानों को भी निशाना बनाया गया। प्रतिक्रया में दूसरे समुदाय के लोगों ने भी पत्थरबाजी की और पुलिस की मौजूदगी में यह सब काफी देर तक चलता रहा। इसी दौरान शाम में अपनी बेटी से मिलकर आ रहे 68 वर्षीय बुजुर्ग जुनैल अंसारी को गौशाला चौक के पास धर्मान्धों ने ‘मॉब लिंचिग’ कर आग के हवाले कर दिया। गौशाला चौक पर तैनात पुलिस जो पहले तो दूर से घटना होते देख रही थी, जुनैल के साथ हुई दरिंदगी के बाद घटनास्थल पर पहुंचकर उसकी अधजली लाश आनन-फानन में मुजफ्फरपुर मेडिकल अस्पताल भेज दिया। हालात पर काबू पाने कि कवायद के नाम पर प्रशासन ने इस खबर को सेंसर कर दिया। बाद में शहर की इंटरनेट सेवा भी स्थगित कर दी गयी।

सीतामढ़ी शहर से सटे जुनैल के गाँव भोरहां में शाम ढल जाने के बाद भी उनके घर नहीं पहुँचने से चिंतित परिजनों ने थाना में जाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी। जुनैल के बड़े पोते के अनुसार उसके दादा रिश्तेदारी में गए हुए थे और घर लौट रहे थे लेकिन शाम तक घर नहीं पहुंचे तो घर के लोग चिंतित हो गए थे। शहर में तनाव होने के कारण बाहर जाकर उन्हें नहीं खोजना संभव नहीं था इसलिए वे पुलिस के पास गये थे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। दूसरे दिन शहर में तनाव की स्थिति पर काबू पाने का दावा करते हुए कांड में एक लावारिस लाश बरामद होने मात्र की खबर छपावाकर प्रशासन निश्चिंत था कि जुनैल मॉब लिंचिंग कांड दब गया। लेकिन इंटरनेट सेवा बहाल होते ही 22–23 अक्तूबर को जुनैल के साथ हुई दरिंदगी की खबर फोटो के साथ सोशल मीडिया में वायरल होने लगी। जो जुनैल के गाँव के एक आदमी के मोबाइल में आई तो उसने जुनैल के घरवालों को जाकर दिखाया। हालांकि इस बीच वे दो-दो बार एसपी कार्यालय में जुनैल अंसारी के गुम होने की गुहार लेकर गए लेकिन हर बार घटना से इंकार लौटा दिया गया। 23 अक्टूबर वे मोबाइल में वायरल फोटो को लेकर पुलिस के पास गए और दबाव बनाया तो अधिकारियों को मजबूरन उन्हें 20 अक्टूबर को बरामद अधजली लाश की शिनाख्त के लिए मुज़फ्फरपुर मेडिकल अस्पताल भेजना पड़ा। लाश के काफी जल जाने के कारण घर के लोग जुनैल के कपड़ों से ही उनकी पहचान कर पाए। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारीयों ने माहौल बिगड़ जाने का हवाला देकर जुनैल की लाश गाँव ले जाने से मना कर मुजफ्फरपुर के कब्रिस्तान में ही जुनैल को दफनाने मजबूर कर दिया।

इस दौरान दोनों सम्प्रदायों के अमनपसंद नागरिक समाज के प्रयास से नगर में शांति और सद्भाव का माहौल कायम कर लिया गया था। प्रशासन ने कुछेक  बलवाइयों को पकड़ने का दावा तो किया लेकिन जुनैल मॉब लिंचिंग का मामला कहीं दर्ज नहीं हो सका। हालांकि सीतामढ़ी नागरिक संघर्ष समिति के लोगों ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखकर 20 अक्टूबर को हुए काण्ड की जांचकर दोषियों को सज़ा देने की मांग की। जुनैल का मामला रफा-दफा होता देख मुजफ्फरपुर में रह रहे जुनैल के परिजनों के परिचितों ने 25 अक्टूबर को उन्हें मुजफ्फरपुर बुलाकर इंसाफ मंच के लोगों से मिलवाया। 29 अक्टूबर को मंच की जांच टीम ने सीतामढ़ी पहुंचकर मामले की छानबीन की। टीम के लोगों ने जुनैल अंसारी के गाँव उनके घरवालों तथा अन्य ग्रामीणों के अलावा घटनास्थल व आसपास के लोगों से मिलकर पूछताछ की। टीम के लोगों ने स्थानीय थाना प्रभारी से जुनैल का का केस नहीं दर्ज किये जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने टका सा जवाब दिया कि – आपलोगों को जो भी जानना है जाइए एसपी साहब से पूछिये। टीम के लोगों ने जुनैल के घरवालों से जुनैल मॉब लिंचिंग का केस दर्ज करने के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि– स्थानीय विधायक (राजद) के लोग और सत्ताधारी दल के मुस्लिम नेताओं ने आकर दबाव दिया है कि बात आगे बढ़ाने से क्या फायदा होगा उलटे माहौल और बिगड़ेगा।

इंसाफ मंच की जांच टीम अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक कर जुनैल के परिजनों को इन्साफ दिलाने की तैयारी तो कर रही है लेकिन एक सवाल जो सीतामढ़ी के नागरिकों ने भी वहाँ होनेवाली सद्भावना सभाओं में उठाया कि ऐसा माहौल तो पहले कभी नहीं बनता था। ख़बरें बतातीं हैं कि पहली बार राज्य में इस साल रामनवमी में भागलपुर से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा जो बाद में औरंगाबाद , समस्तीपुर, मुंगेर और नालंदा से लेकर कई अन्य इलाकों में फैली – वो अनायास नहीं हुईं है। सीतामढ़ी कांड उसी की एक कड़ी है और जानकारों के अनुसार ऐसी घटनाएं अभी और होनी हैं जो संभवतः 2019 के चुनाव तक किसी न किसी रूप में जारी ही रहेंगी। देखना है कि बिहार की जागरूक जनता इन सुनियोजित – सुविचारित और संगठित दंगाई राजनीति का क्या जवाब देती है। साथ ही बिहार में सत्तारूढ़ नितीश कुमार और भाजपा का सुशासन राज क्या जुनैल अंसारी कि हत्यारी ताकतों को सज़ा और जुनैल के परिजनों को इंसाफ देता है या नहीं?

(रिपोर्ट के ज़रूरी तथ्य ‘इंसाफ मंच’ जांच टीम के सूरज कुमार से प्राप्त किया गए हैं।)

jainul
mob lynching
bihar sitamadi
Nitish Kumar
justice

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : सरकारी प्राइमरी स्कूलों के 1.10 करोड़ बच्चों के पास किताबें नहीं

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर

बिहारः मुज़फ़्फ़रपुर में अब डायरिया से 300 से अधिक बच्चे बीमार, शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती


बाकी खबरें

  • aicctu
    मधुलिका
    इंडियन टेलिफ़ोन इंडस्ट्री : सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के ख़राब नियोक्ताओं की चिर-परिचित कहानी
    22 Feb 2022
    महामारी ने इन कर्मचारियों की दिक़्क़तों को कई गुना तक बढ़ा दिया है।
  • hum bharat ke log
    डॉ. लेनिन रघुवंशी
    एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता
    22 Feb 2022
    सभी 'टूटे हुए लोगों' और प्रगतिशील लोगों, की एकता दण्डहीनता की संस्कृति व वंचितिकरण के ख़िलाफ़ लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यह परिवर्तन उन लोगों से ही नहीं आएगा, जो इस प्रणाली से लाभ उठाते…
  • MGNREGA
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    ग्रामीण संकट को देखते हुए भारतीय कॉरपोरेट का मनरेगा में भारी धन आवंटन का आह्वान 
    22 Feb 2022
    ऐसा करते हुए कॉरपोरेट क्षेत्र ने सरकार को औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से पटरी पर आने की उसकी उम्मीद के खिलाफ आगाह किया है क्योंकि खपत की मांग में कमी से उद्योग की क्षमता निष्क्रिय पड़ी हुई है। 
  • Ethiopia
    मारिया गर्थ
    इथियोपिया 30 साल में सबसे ख़राब सूखे से जूझ रहा है
    22 Feb 2022
    इथियोपिया के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 70 लाख लोगों को तत्काल मदद की ज़रूरत है क्योंकि लगातार तीसरी बार बरसात न होने की वजह से देहाती समुदाय तबाही झेल रहे हैं।
  • Pinarayi Vijayan
    भाषा
    किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन
    22 Feb 2022
    विजयन ने राज्य विधानसभा में कहा, ‘‘केरल विभिन्न क्षेत्रों में कहीं आगे है और राज्य ने जो वृद्धि हासिल की है वह अद्वितीय है। उनकी टिप्पणियों को राजनीतिक हितों के साथ की गयी अनुचित टिप्पणियों के तौर पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License