NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मप्र चुनाव : बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची घोषित होते ही, बीजेपी में कलह शुरू
बीजेपी की जारी उम्मीदवारों की सूची से पार्टी के भीतर असंतोष की आवाज़ें उठ रही हैं, कई नेता कांग्रेस में शामिल होने या पार्टी कार्यालय पर विरोध जताने की योजना बना रहे हैं।
काशिफ़ काकवी
06 Nov 2018
SHIVRAJ SINGH (FILE PHOTO)
Image Courtesy: Dailvo

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस ने 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली दो सूचियां जारी की हैं।

बीजेपी ने 2 नवंबर को 177 उम्मीदवारों की एक सूची जारी की, जबकि कांग्रेस ने अगले दिन 171 उम्मीदवारों की घोषणा की। राज्य में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं।

जनता में सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों के खिलाफ पनपे असंतोष के खतरे को भांपते हुए, बीजेपी ने 34 मौजूदा विधायकों को वापस टिकट नहीं दिया है जिनमें प्रमुख रूप से तीन मंत्री- शहरी विकास मंत्री माया सिंह, वन मंत्री गौरी शंकर शहवार और जेल मंत्री कुसुम मेहदेले शामिल हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर जिले के बुद्धनी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, जिसका वे 2005 से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। चौहान के साथ, नरोत्तम मिश्रा, यशोधरा राजे सिंधिया और अन्य शीर्ष नेताओं के नाम भी उम्मीदवारों की पहली सूची में हैं।

पहली सूची में घोषित 177 सीटों में से 16 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिए गए हैं। पार्टी ने 2013 के चुनावों में उन 22 उम्मीदवारों को भी दोहराया है जो चुनाव हार गए थे।

ये सूची कई उम्मीदवारों के लिए खुशी लेकर आयी है, लेकिन, इस सूची ने बीजेपी के भीतर असंतोष की लहर भी पैदा की है। कई निराश नेता या तो कांग्रेस में जाने की योजना बना रहे हैं या पार्टी के कार्यालय पर या फिर मुख्यमंत्री के घर के बाहर अपनी उम्मीदवारी के लिए अपने समर्थकों के साथ हंगामा खड़ा कर रहे हैं।

बीजेपी को लगे एक बड़े झटके के तहत, मुख्यमंत्री चौहान के दामाद संजय सिंह शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो गए और कई मुद्दों पर चौहान सरकार की आलोचना की।

इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के सबसे वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल गौर ने पार्टी की उनकी सीट - गोविंदपुरा को जल्दी से उनके पक्ष में न करने के लिए पार्टी नेतृत्व के विरुद्ध निराशा दर्ज की है, इस सीट का वे  चार दशकों तक प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, गौर ने चौहान से बात की और गोविंदपुरा सीट से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की धमकी दी, अगर पार्टी ने अगले 24 घंटों में उनका नाम घोषित नहीं किया तो।

इसके अतिरिक्त, भोपाल (मध्य) निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह; धार जिले के सरदारपुर निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा विधायक वेल सिंह भुरीया; और पूर्व मंत्री कुसुम मेहदेले ने वरिष्ठ पार्टी के नेताओं से मुलाकात की और टिकट के इनकार पर सैकड़ों समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय में और मुख्यमंत्री के घर पर  विरोध किया।

बीजेपी के भीतर विद्रोह हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रहा है, भले ही पार्टी ने अभी तक शेष 53 सीटों की घोषणा नहीं की है। विरोध प्रदर्शन के परिणामस्वरूप, मुख्यमंत्री के घर और बीजेपी के प्रधान कार्यालय की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।

इस विद्रोह के बीच, बीजेपी ने 5 नवंबर को अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची की घोषणा की जिसमें पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भतीजे को भितारवार निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है। दूसरी सूची में 17 नाम हैं।

कांग्रेस की सूची में भी कोई बड़ा आश्चर्य नहीं है, विपक्षी कांग्रेस ने अपने तीन मौजूदा विधायकों को बरकरार रखते हुए पहली सूची में चार बाहरी लोगों को मैदान में उतारा है, जिसमें एक आदिवासी जनजातीय संगठन जेएवायएस के राष्ट्रीय संयोजक (जय आदिवासी युवा शक्ति), हिरालाल शामिल हैं।

पार्टी ने दो मुस्लिम उम्मीदवारों को भी चुना है – मध्य प्रदेश में एकमात्र मुस्लिम विधायक आरिफ अकील भोपाल (उत्तर) से चुनाव लड़ेंगे, जिस निर्वाचन क्षेत्र का उन्होंने पांच बार प्रतिनिधित्व किया है, जबकि पूर्व एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के विधायक हामिद काजी बुरहानपुर से चुनाव लड़ेंगे। जहां तक महिलाओं का प्रतिनिधित्व का सवाल है, पार्टी ने 22 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं।

करेरा निर्वाचन क्षेत्र की मौजूदा कांग्रेस विधायक शकुंतला खटिक, जिन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों के साथ गर्मा-गर्म बहस के बाद समर्थकों से थाने में आग लगाने के लिए कहा था, उन तीन विधायकों में से एक है जिन्हें इस बार टिकट से इंकार कर दिया गया है।

4 नवंबर को जारी उम्मीदवारों की दूसरी सूची में, कांग्रेस ने 16 नामों की घोषणा की जिसमें पांच मौजूदा विधायक और कई नए चेहरे शामिल हैं। पूर्व सांसद यशोधराजे सिंधिया के खिलाफ शिवपुरी निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी ने एक नया चेहरा सिद्धार्थ लाडा को नामित किया।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, कांग्रेस की सूची एमपी में चुनाव लड़ने वाली किसी अन्य पार्टी की तुलना में अधिक संतुलित है और दिखाती है कि कांग्रेस समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास कर रही है।

न्यूज़क्लिक के साथ बात करते हुए, राज्य कांग्रेस मीडिया सेल प्रभारी शोभा ओझा ने कहा कि पहली सूची में 22 महिलाएं और 55 युवा चेहरे हैं।

कांग्रेस की सूची पर प्रतिक्रिया करते हुए बीजेपी मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने कहा कि कांग्रेस सूची से उत्साहित होने जैसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, "नेपोटिज्म और पक्षपात सूची में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है और मतदाता उन्हें 28 नवंबर को सबक सिखाएंगे।"

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विशेषज्ञ एनके सिंह ने कहा, "बीजेपी पहली सूची की घोषणा से पहले मजबूत दिख रही थी, और हम में से कई नए चेहरे की उम्मीद कर रहे थे लेकिन पार्टी ने केवल 34 नाम छोड़ कर बाकी को दोहरा दिया है, इससे तस्वीर अब गंभीर दिख रही है।"

राज्य में 2003 से भाजपा सत्ता में रही है और शिवराज सिंह चौहान नवंबर 2005 से मुख्यमंत्री रहे हैं।

9 नवंबर को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख के साथ, पार्टियों से उम्मीद है कि वे अपने शेष उम्मीदवारों को अगले दो से तीन दिनों में घोषित कर देंगे।

राज्य 28 नवंबर को चुनाव में जाएगा और वोटों की गिनती 11 दिसंबर, 2018 को होगी।

madhya pradesh elections
Assembly elections 2018
BJP
Shivraj Singh Chauhan
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामले घटकर 10 लाख से नीचे आए 
    08 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 67,597 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 9 लाख 94 हज़ार 891 हो गयी है।
  • Education Instructors
    सत्येन्द्र सार्थक
    शिक्षा अनुदेशक लड़ रहे संस्थागत उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हक़ की लड़ाई
    08 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया था कि 2019 तक उन्हें नियमित कर दिया जायेगा। लेकिन इस वादे से भाजपा पूरी तरह से पलट गई है।
  • Chitaura Gathering
    प्रज्ञा सिंह
    यूपी चुनाव: मुसलमान भी विकास चाहते हैं, लेकिन इससे पहले भाईचारा चाहते हैं
    08 Feb 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक गांव के मुआयने से नफ़रत की राजनीति की सीमा, इस इलाक़े के मुसलमानों की राजनीतिक समझ उजागर होती है और यह बात भी सामने आ जाती है कि आख़िर भाजपा सरकारों की ओर से पहुंचायी जा…
  • Rajju's parents
    तारिक़ अनवर, अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : गांवों के प्रवासी मज़दूरों की आत्महत्या की कहानी
    08 Feb 2022
    महामारी की शुरूआत होने के बाद अपने पैतृक गांवों में लौटने पर प्रवासी मज़दूरों ने ख़ुद को बेहद कमज़ोर स्थिति में पाया। कई प्रवासी मज़दूर ऐसी स्थिति में अपने परिवार का भरण पोषण करने में पूरी तरह से असहाय…
  • Rakesh Tikait
    प्रज्ञा सिंह
    सरकार सिर्फ़ गर्मी, चर्बी और बदले की बात करती है - राकेश टिकैत
    08 Feb 2022
    'वो जाटों को बदनाम करते हैं क्योंकि उन्हें कोई भी ताक़तवर पसंद नहीं है' - राकेश टिकैत
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License