NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मुंबई के स्कूल में शिक्षिका को बुर्का उतारकर राष्ट्रगान गाने के लिए किया गया बाध्य
मुंबई में एक शिक्षिका ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया क्योंकि संचालिका ने स्कूल परिसर में हिजाब पहनकर आने से मना किया था।
जनता का रिपोर्टर
10 Dec 2016
मुंबई के स्कूल में शिक्षिका को बुर्का उतारकर राष्ट्रगान गाने के लिए किया गया बाध्य

मुंबई में एक शिक्षिका ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया क्योंकि उसे स्कूल की संचालिका ने स्कूल परिसर में हिजाब और बुर्का पहनकर आने से मना किया था। 25 वर्षीय खान शबीना नाज़नीन कुर्ला स्थित विवेक इंग्लिश स्कूल में पढ़ाती थीं।

नाज़नीन ने बताया कि वो पिछले दो साल से कुर्ला स्थित विवेक इंग्लिश स्कूल में एक आईसीटी टीचर के तौर पर इस पढ़ा रही थीं। लेकिन जब जून महीने में नई स्कूल संचालिका ने पदभार संभाला तब से उनको हिजाब पहनने को लेकर परेशान किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि नई संचालिका के आने के बाद मुझसे  लगातार हिजाब और बुर्क़ा उतरने को कहा गया कि यह स्कूल की मर्यादा के खिलाफ़ है।

नाज़नीन ने बताया कि उन्होंने 5 दिसंबर को इस्तीफ़ा दे दिया, जब राष्ट्रगान गाने से पहले उन्हें अपना बुर्क़ा उतारने को कहा गया। उस दिन मॉर्निंग सभा में प्रार्थना करने और राष्ट्रगान गाने की बारी उसकी थी। नाज़नीन ने बताया कि संचालिका ने मुझे मेरा बुर्का हटाने के लिए मजबूर किया। जब मैंने ऐसा करने से इंकार किया तो संचालिका ने कहा कि मैं बुर्का पहनकर राष्ट्रगान नहीं गा सकती।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, स्कूल के प्रिंसिपल विक्रम पिल्लई ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि उनके यहां इस तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि नई संचालिका के आने के बाद नए नियमों को लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल नाज़नीन के इस्तीफ़े को प्रबंधन के पास भेज दिया गया है। पिल्लई ने कहा कि प्रबंधन इस मामले की सुनवाई सोमवार को करेगा और नाज़नीन की शिकायत सुनेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल में बहुत से मुस्लिम स्टूडेंट पढ़ते हैं पर आज तक किसी को भी हिजाब पहनते से नहीं रोका गया।

इस बीच, नाज़नीन ने एक गैर-सरकारी संगठन ‘जय हो फाउंडेशन’ के शिक्षामंत्री विनोद तावड़े को पत्र लिखाकर संपर्क किया है। जय हो फाउंडेशन के ट्रस्टी आदिल खत्री ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत एक व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह समाज के लिए अच्छा नहीं है, इसकी शिकायत संस्था के मंत्री के पास भेज दी जाएगी।

बुर्का
यूनिफार्म सिविल कोड
साम्प्रदायिकता

Related Stories

यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा भी बोगस निकला, आप फिर उल्लू बने

दिल्ली में अखंड भारत मोर्चा द्वारा सांप्रदायिक दंगे भड़काने की कोशिश

नीतीश कुमार BJP-RSS के राजनीतिक बंधक हैं : उर्मिलेश

ये दंगे सुनियोजित थे

तमिलनाडु के विपक्षी दलों ने 'राम राज्य रथ यात्रा’ को अनुमति देने का विरोध किया

कर्नाटक: क्या झूठ और सांप्रदायिक प्रचार से भाजपा चुनावों में जीत दिला सकती है?

देश में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं के बीच, बीजेपी संसद ने कहा "मुसलमानों को भारत छोड़ देना चाहिए"

झाड़ियों में घुसकर चूमते प्रेमियों को पकड़ने वाले समाज में अंकित की मौत अंतिम नहीं है

हिंदुत्व पेज द्वारा अंतर-धार्मिक वैवाहिक जोड़े की सूची प्रकाशित कर हिंसा भड़काने का प्रयास

कासजंग दंगे और उत्तर प्रदेश पुलिस की जाँच की असलियत : ग्राउंड रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : कच्चे माल की बढ़ती क़ीमतों से प्लास्टिक उत्पादक इकाईयों को करना पड़ रहा है दिक़्क़तों का सामना
    02 May 2022
    गलाकाट प्रतियोगिता और कच्चे माल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी ने लघु औद्योगिक इकाईयों को बहुत ज़्यादा दबाव में डाल दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू
    02 May 2022
    पूरा देश इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। कोयले की प्रचुर मात्रा होने के बावजूद भी पावर प्लांट में कोयले की कमी बनी हुई है। इसे लेकर देश के कई इलाके में विरोध शुरू हो गए हैं।  
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!
    02 May 2022
    भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के हर नागरिक को समानता का दर्जा देता है। मगर हक़ीक़त यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित आवाम असमानताओं में जीने को विवश है। आज भी ऊंची जाति ने दलित समाज को सिर के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    "एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी
    02 May 2022
    एएलबीए मूवमेंट्स की तीसरी कंटिनेंटल असेंबली के दौरान संबद्ध मंचों ने एकता स्थापित करने और साम्राज्यवाद व पूंजीवाद के ख़िलाफ़ एक साथ लड़ने की अहमियत के बारे में चर्चा की।
  • राजु कुमार
    6 से 9 जून तक भोपाल में होगी 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस
    02 May 2022
    “भारत का विचार : वैज्ञानिक स्वभाव, आत्मनिर्भरता और विकास“ के साथ-साथ देश की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन एवं संवाद के लिए 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License