NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
भारत
#MeToo : 'संस्कारी' आलोक नाथ पर दुष्कर्म का आरोप
नंदा ने लिखा, "वह एक शराबी, लापरवाह और बुरा शख्स था लेकिन वह उस दशक का टेलीविजन स्टार भी था, इसलिए न केवल उसे उसके बुरे व्यवहार के लिए माफ कर दिया जाता था बल्कि कई लोग उसे और भी ज्यादा बुरा बनने के लिए उकसाते थे।
आईएएनएस
09 Oct 2018
अभिनेता आलोक नाथ
Image Courtesy: ndtv

मुंबई। 1990 के दशक के मशहूर शो 'तारा' की लेखिका व निर्माता विनता नंदा ने अभिनेता आलोक नाथ पर करीब दो दशक पहले उनके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। आलोक नाथ पर्दे पर अपनी 'संस्कारी' छवि के लिए जाने जाते हैं। इस मामले के सामने आने के बाद 'द सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन' (सिंटा) ने आलोक नाथ को नोटिस भेजने का फैसला किया है। 

नंदा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "मैंने इस क्षण के आने का 19 साल से इंतजार किया।" 

नंदा ने कहा कि वह फिल्म और टीवी उद्योग में सबसे 'संस्कारी' व्यक्ति माने जाते थे। 

नंदा द्वार पोस्ट में 'संस्कारी', 'मुख्य अभिनेता' और 'उस दशक का स्टार' जैसे शब्दों का जिक्र किया जाना साफ तौर पर आलोक नाथ की ओर इशारा कर रहा था। 

बाद में उन्होंने एसएमएस के जरिए आईएएनएस से इस बात की पुष्टि की और कहा, "यह आलोकनाथ है। मुझे लगा कि 'संस्कारी' कहना काफी होगा।"

हैशटैगमीटू (#MeToo) मूवमेंट ने नंदा को भी अपने इस दुखद दास्तां को बयां करने के लिए प्रेरित किया। 

नंदा ने लिखा, "वह एक शराबी, लापरवाह और बुरा शख्स था लेकिन वह उस दशक का टेलीविजन स्टार भी था, इसलिए न केवल उसे उसके बुरे व्यवहार के लिए माफ कर दिया जाता था बल्कि कई लोग उसे और भी ज्यादा बुरा बनने के लिए उकसाते थे। 

उन्होंने कहा कि उसने शो की मुख्य अभिनेत्री को भी परेशान किया, जो उसमें बिल्कुल दिलचस्पी नहीं दिखाती थी। 

अपने साथ हुए सबसे बुरी घटना का जिक्र करते हुए नंदा ने कहा कि एक बार वह आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई और वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकलीं। उनके ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था।

नंदा ने कहा, "मैं घर जाने के लिए खाली सड़क पर पैदल ही चलने लगी.रास्ते में उस शख्स ने गाड़ी रोकी, जो खुद चला रहा था और कहा कि मैं उनकी गाड़ी में बैठ जाऊं, मुझे घर छोड़ देगा। मैं उस पर विश्वास करके गाड़ी में बैठ गई।"

नंदा ने कहा, "इसके बाद मुझे बेहोशी सी छाने के चलते हल्का-हल्का याद है। मुझे याद है कि मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई। अगले दिन जब दोपहर को मैं उठी, तो मैं काफी दर्द में थी। मेरे साथ सिर्फ दुष्कर्म ही नहीं किया गया था बल्कि मुझे मेरे घर ले जाकर मेरे साथ नृशंस व्यवहार किया गया था।"

उन्होंने कहा, "मैं अपने बिस्तर से उठ नहीं सकी। मैंनै अपने कुछ दोस्तों को इस बारे में बताया लेकिन सभी ने मुझे इस घटना को भूलकर आगे बढ़ने की सलाह दी।"

बाद में उन्हें एक नई सीरीज के लिए लिखने और निर्देशन करने का मौका मिला और फिर उनका सामना आलोक नाथ से हो गया। वह उन्हें फिर परेशान करने लगे जिसके चलते नंदा ने निर्माताओं से कहा कि वह निर्देशन नहीं कर पाएंगी, हालांकि उन्होंने शो के लिए लिखना जारी रखा। 

नंदा ने बताया कि नई सीरीज पर काम करने के दौरान फिर अभिनेता ने उन्हें अपने घर बुलाया और वह फिर से वो सब झेलने के लिए उनके पास चली गई क्योंकि उन्हें काम और पैसे की जरूरत थी। 

नंदा ने इस तरह के वाकये का शिकार हुए लोगों से सामने आकर अपनी बात रखने की अपील की है। 

#metoo
#MeToo Moment In India
bollywood
alok nath
Vinta Nanda
rape

Related Stories

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

फ़िल्म निर्माताओं की ज़िम्मेदारी इतिहास के प्रति है—द कश्मीर फ़ाइल्स पर जाने-माने निर्देशक श्याम बेनेगल

कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’

भाजपा सरकार के प्रचार का जरिया बना बॉलीवुड

तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?

भारतीय सिनेमा के महानायक की स्मृति में विशेष: समाज और संसद में दिलीप कुमार

भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत : नहीं रहे हमारे शहज़ादे सलीम, नहीं रहे दिलीप कुमार

फिल्म प्रमाणन न्यायाधिकरण को समाप्त करने पर फिल्मकारों ने की सरकार की आलोचना

हीरक राजार देशे :  एक अभिशप्त देश की कहानी


बाकी खबरें

  • भाषा
    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री इस महीने के अंत में भारत आ सकते हैं
    05 Apr 2022
    जॉनसन की भारत यात्रा 22 अप्रैल के आसपास हो सकती है। पिछले साल कोविड-19 महामारी के कारण दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भारत का दौरा रद्द करना पड़ा था। 
  • भाषा
    आगे रास्ता और भी चुनौतीपूर्ण, कांग्रेस का फिर से मज़बूत होना लोकतंत्र के लिए ज़रूरी: सोनिया गांधी
    05 Apr 2022
    ‘‘हम भाजपा को, सदियों से हमारे विविधतापूर्ण समाज को एकजुट रखने और समृद्ध करने वाले सौहार्द व सद्भाव के रिश्ते को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे।’’
  • भाषा
    'साइबर दूल्हो' से रहें सावधान, साइबर अपराध का शिकार होने पर 1930 पर करें फोन
    05 Apr 2022
    अगर आप अपने परिवार के किसी सदस्य की शादी के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन विज्ञापन देख रहे हैं, तो थोड़ा होशियार हो जाएं। साइबर ठग अब शादी के नाम पर भी ठगी करने में जुट गए हैं। देश के महानगरों मे अब तक इस तरह…
  • मीनुका मैथ्यू
    श्रीलंकाई संकट : राजनीति, नीतियों और समस्याओं की अराजकता
    05 Apr 2022
    वित्तीय संस्थानों के कई हस्तक्षेपों के बावजूद श्रीलंकाई सरकार अर्थव्यवस्था की व्यवस्थित गिरावट को दूर करने में विफल रही है।
  • इंद्रजीत सिंह
    विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा
    05 Apr 2022
    इस बात को समझ लेना ज़रूरी है कि चंडीगढ़ मुद्दे को उठाने में केंद्र के इस अंतर्निहित गेम प्लान का मक़सद पंजाब और हरियाणा के किसानों की अभूतपूर्व एकता को तोड़ना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License