NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मोंटेनेग्रो के संसदीय चुनावों में विपक्ष ने ऐतिहासिक जीत का दावा किया
हालांकि अंतिम परिणामों को औपचारिक रूप से घोषित किया जाना बाकी है ऐसे में अधिक संभावना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ सोशलिस्ट के तीन दशक के शासन और उसके नेता मिलो जुकोनोविक का लगभग अंत हो गया है।
पीपल्स डिस्पैच
02 Sep 2020
मोंटेनेग्रो

मोंटेनेग्रो में विपक्षी दलों ने सोमवार 31 अगस्त को मतगणना पूरी होने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी पर जीत का दावा किया है। मोंटेनेग्रो की पांचवीं संसदीय चुनावों के लिए मतदान 30 अगस्त को हुआ था।

हालांकि औपचारिक परिणाम देश के स्टेट इलेक्शन कमीशन (डीआईके) द्वारा इस सप्ताह के अंत में वोटों के प्रतिशत और संबंधित गठबंधन को सीटों के वितरण के आधार पर घोषित किए जाएंगे। सबसे अधिक संभावना है कि राष्ट्रपति मिलो जुकैनोविक के नेतृत्व में सत्तारूढ़ गठबंधन ने 30 वर्षों में पहली बार बहुमत खो दिया।

रविवार को हुए चुनाव में कुल 76% से अधिक मतदान हुए। सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ सोशलिस्ट (डीपीएस) को लगभग 35% वोट मिले हैं जो मोंटेनेग्रो की संसद में कुल 81 में से 30 सीटों के हासिल होने के दर्शाता है। पिछले चुनावों में इसे 41% वोट मिले थे। साधारण बहुमत के लिए किसी पार्टी या गठबंधन को 41सीटों की आवश्यकता होती है।

मोंटेनेग्रो की संसद के लिए चुनाव क्लोज्ड लिस्ट प्रोपोर्शनल रिप्रजेंटेशन के अनुसार होता है। किसी पार्टी या गठबंधन को चुनावी सीमा पार करने और संसद में सीट पाने के लिए न्यूनतम 3% वोट प्राप्त करना होता है।

मुख्य विपक्ष फॉर द फ्यूचर ऑफ मोंटेनेग्रो- विभिन्न राजनीतिक विचारधारा वाले दलों का एक इंद्रधनुषीय गठबंधन जो वाम से लेकर दक्षिण और डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी का नेतृत्व करता है- इसने 32.5% वोट हासिल किया है और इसे 27 सीटें मिलेंगी। इसके नेता ज्द्रावको क्रिवोकापिक ने पहले ही जीत की घोषणा कर दी और सत्तारूढ़ गठबंधन के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों के बीच बड़े पैमाने पर एकजुटता का आह्वान किया।

ज्द्रावको क्रिवोकापिक अन्य विपक्षी समूहों के समर्थन के साथ सरकार बनाने की उम्मीद कर रहे है। इस गठबंधन में पीस इज आवर नेशन शामिल है जिसे लगभग 12.5%वोट मिले और 10 सीटें मिलने की संभावना है साथ ही इसमें यूनाइटेड रिफ़ॉर्म कोलिशन (ब्लैक ऑन व्हाइट)शामिल है जिसे 5.5% वोट मिले और 4 सीटें मिलने की उम्मीद है। उन्होंने देश में नस्लीय अल्पसंख्यकों (बोस्नियाई और अल्बानियाई) का प्रतिनिधित्व करने वाले छोटे दलों से सत्तारुढ़ दल और मिलो जुकानोविक के ख़िलाफ़ हाथ मिलाने को भी कहा है जो सत्तारूढ़ डीपीएस के पारंपरिक समर्थक रहे हैं।

Montenegro
montenegro president
montenegro parliament elections

Related Stories


बाकी खबरें

  • भाषा
    चारा घोटाला: झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू यादव को डोरंडा कोषागार मामले में ज़मानत दी
    22 Apr 2022
    लालू प्रसाद के खिलाफ रांची में चारा घोटाले का यह अंतिम मामला था और अब उनके खिलाफ पटना में ही चारा घोटाले के मामले विचाराधीन रह गये हैं। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में…
  • अजय कुमार
    जहांगीरपुरी में चला बुल्डोज़र क़ानून के राज की बर्बादी की निशानी है
    22 Apr 2022
    बिना पक्षकार को सुने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। कानून द्वारा निर्धारित यथोचित प्रक्रिया को अपनाए बिना किसी तरह के डिमोलिशन की करवाई करना अन्याय है। इस तरह के डिमोलिशन संविधान के अनुच्छेद…
  • लाल बहादुर सिंह
    संकट की घड़ी: मुस्लिम-विरोधी नफ़रती हिंसा और संविधान-विरोधी बुलडोज़र न्याय
    22 Apr 2022
    इसका मुकाबला न हिन्दू बनाम हिंदुत्व से हो सकता, न ही जातियों के जोड़ गणित से, न केवल आर्थिक, मुद्दा आधारित अर्थवादी लड़ाइयों से। न ही महज़ चुनावी जोड़ तोड़ और एंटी-इनकंबेंसी के भरोसे इन्हें परास्त किया…
  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: पंचायत चुनावों को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध, जानिए क्या है पूरा मामला
    22 Apr 2022
    कई आदिवासी संगठन पंचायती चुनावों पर रोक लगाने की मांग को लेकर राजभवन पर लगातार धरना दे रहें हैं। 
  • अनिल जैन
    मुद्दा: हमारी न्यायपालिका की सख़्ती और उदारता की कसौटी क्या है?
    22 Apr 2022
    कुछ विशेष और विशिष्ट मामलों में हमारी अदालतें बेहद नरमी दिखा रही हैं, लेकिन कुछ मामलों में बेहद सख़्त नज़र आती हैं। उच्च अदालतों का यह रुख महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल, पंजाब, दिल्ली और दूसरे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License