NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नागरनार स्टील प्लांट के निजीकरण से बस्तर होगा और संवेदनशील
युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वायदे पर सरकार ने आदिवासियों से ली 2,000 एकड़ ज़मीनI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Mar 2018
Nagarnar Steel Plant

नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी) का बस्तर के नागरनार के ग्रीनफ़ील्ड इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के निर्माण का कार्य और उसके निजीकरण की प्रक्रिया एक-साथ चल रही हैI एनएमडीसी ने लगभग 2,000 एकड़ ज़मीन का अधिकृत की, यह ज़मीन ज़्यादातर आदिवासियों से ली गयी, और 3 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमपीटीए) की क्षमता वाले स्टील प्लांट का निर्माण कार्य शुरू कियाI जिन लोगों की ज़मीनों का अधिकरण इस प्लांट के लिए किया गया था उनके परिवार के सदस्यों को मुआवज़े के रूप में सरकारी नौकरी देने का वायदा किया गया थाI लेकिन अब इस प्लांट में निजी पूँजी के शामिल होने से इस क्षेत्र में तनाव होने की संभावना है क्योंकि इस इलाके में माओवादियों की मौजूदगी है और यह मूलतः हथियारबंद संघर्ष से जूझ रहा हैI

स्टील मंत्रालय की 2017-18 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसम्बर 2017 तक प्लांट में 90.59 प्रतिशत सिविल कार्य, 79.01 प्रतिशत ढाँचा खड़ा करने का काम, 60.36 प्रतिशत उपकरण खड़े करने का काम पूरा हो चुका थाI साथ ही साथ, एनडीएमसी नागरनार के पेलेट प्लांट और बचेली के अयस्क बनाने वाले प्लांट को जोड़ने वाली एक पाइपलाइन भी बना रहा हैI

निजीकरण

दिसम्बर 2016 में नीति आयोग ने नागरनार स्टील प्लांट सहित कई अन्य सार्वजनिक क्षेत्र निकायों में योजनाबद्ध तरीके से विनिवेश करने की सिफ़ारिश कीI केंद्र सरकार और उसकी कैबिनेट कमेटी ने तुरंत ही यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और एनडीएमसी को ‘सैद्धांतिक’ अनुमति दे दी कि वह इस स्टील प्लांट में 51 प्रतिशत इक्विटी निजी संस्थाओं को दे सकता हैI हालांकि एनडीएमसी केंद्र के निर्देशों का ही पालन कर रहा है, लेकिन 2013 की एक रिपोर्ट के अनुसार एनडीएमसी लाभ कमाने के लिए अपने आधे शेयर एक विदेशी कंपनी को देकर उसके साथ साझेदारी करना चाहता थाI     

यह कहा जा रहा कि निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग ने प्लांट के योजनाबद्ध विनिवेश के लिए परियोजना तैयार की है, फिर भी एनडीएमसी ने इस सम्बन्ध में लेन-देन, क़ानूनी और संपत्ति मूल्यांकन के लिए सलाहकारों को नियुक्त किया हैI

निजीकरण की ओर इस स्पष्ट कदम के बावजूद मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्त्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने विरोध के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की हैI खबर है कि मार्च के महीने में राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा हैI ऐसा  भी शायद राज्य में होने वाले चुनावों के मद्देनज़र किया गया हैI

विरोध

पिछले साल, जब योजनाबद्ध विनिवेश की खबर सामने आई तो बस्तर के ग्रामीण लोगों ने कई विरोध प्रदर्शन कियेI उनका मुख्य तर्क यह था कि उन्होंने अपनी ज़मीने इस उम्मीद में दी थीं कि इससे स्थानीय आदिवासी लोगों को सरकारी नौकरी मिल सकेगी और अब निजी पूँजी के प्रवेश से अंततः यही होगा कि नौकरियाँ ख़त्म होंगीं और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन होगाI

एनएमडीदी के दो मज़दूर संगठनों, स्टील श्रमिक यूनियन (एसएसयू) और संयुक्त मज़दूर संगठन, ने निजीकरण के विरोध में दस महीने लम्बा कार्यक्रम चलाया और नागरनार स्टील प्लांट के अधिकारीयों द्वारा उनकी माँगों पर विचार करने के आश्वासन के बाद ही अपना विरोध वापस कियाI दूसरी तरफ, बस्तर में सीआरपीएफ़ और माओवादियों के बीच गोलीबारी की घटनाएँ देखि जा रही हैंI

नागरनार स्टील प्लांट पूरा होने की स्थिति में इसीलिए पहुँच पाया क्योंकि यह एक सरकारी प्रोजेक्ट थाI लेकिन केंद्र सरकार के इस निजीकरण के निर्णय से पहले से ही संवेदनशील इस क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकने की संभावना हैI

Nagarnar Steel Plant
privatization
NMDC

Related Stories

इस साल यूपी को ज़्यादा बिजली की ज़रूरत

रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक

भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा

निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!

बैंक निजीकरण का खेल

भारतीय संविधान की मूल भावना को खंडित करता निजीकरण का एजेंडा

बैंक यूनियनों का ‘निजीकरण’ के ख़िलाफ़ दो दिन की हड़ताल का ऐलान

दिल्ली: बैंक कर्मचारियों के 'बैंक बचाओ, देश बचाओ' अभियान को ट्रेड यूनियनों, किसान संगठन का मिला समर्थन  

निजीकरण की आंच में झुलस रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए भी सबक़ है यह किसान आंदोलन

खेती- किसानी में व्यापारियों के पक्ष में लिए जा रहे निर्णय 


बाकी खबरें

  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: किसान और राजनीति, क्या दिल्ली की तरह फ़तह होगा यूपी का मोर्चा!
    12 Dec 2021
    एक साल से भी ज़्यादा समय बाद किसान दिल्ली का मोर्चा जीत कर घर लौट रहे हैं। और जिनका यूपी, पंजाब में घर है उनके सामने आने वाला चुनाव है...जिसमें उन्हें अपने हक़ में एक नई सरकार चुननी है। यूपी का किसान…
  • CBSE
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: प्रश्न पूछो, पर ज़रा ढंग से तो पूछो
    12 Dec 2021
    अभी ऐसे ही, बारहवीं कक्षा की परीक्षा में एक प्रश्न पूछ लिया गया कि किस सरकार के तहत सन् दो हजार दो में गुजरात में अप्रत्याशित स्तर पर मुस्लिम विरोधी हिंसा हुई थी। सरकार को अखर गया, माथा ठनक गया। इतना…
  • PM modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: अमृत महोत्सव, सांसदों को फटकार का नाटक और अन्य
    12 Dec 2021
    एक तरफ प्रधानमंत्री सांसदों को सदन में उपस्थिति रहने को कहते हैं दूसरी ओर उनकी पार्टी चुनाव वाले राज्यों के अपने करीब सौ सांसदों को निर्देश देती है कि वह सारे काम छोड़ कर अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों…
  • varanasi
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: बनारस में जिन गंगा घाटों पर गिरते हैं शहर भर के नाले, वहीं से होगी मोदी की इंट्री और एक्जिट
    12 Dec 2021
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को बनारस के जिन घाटों से गंगा में इंट्री और एक्जिट करेंगे, उनमें एक है खिड़किया घाट और दूसरा रविदास घाट। एक पर शाही नाले का बदबूदार पानी गंगा को गंदा कर रहा है,…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...
    12 Dec 2021
    भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े जनआंदोलन में किसानों ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है और अब किसान धीरे धीरे घर की तरफ़ जा रहे हैं। पढ़िये विहाग वैभव की किसानों पर यह नज़्म...
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License