NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
नस्लवाद के मुद्दे पर ट्रम्प और डेमोक्रेट आमने-सामने
डेमोक्रेटिक पार्टी ने सोमवार को एक प्रस्ताव पेश कर पार्टी की चार महिला सांसदों को ‘नस्लवादी’ बताने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ट्वीट की आलोचना की।
भाषा
16 Jul 2019
Donald Trump
Image Courtesy: Sky News

वाशिंगटन : अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में बहुमत का आंकड़ा रखने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी ने सोमवार को एक प्रस्ताव पेश कर पार्टी की चार महिला सांसदों को ‘नस्लवादी’ बताने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ट्वीट की आलोचना की।

विपक्षी नेताओं और राष्ट्रपति के बीच इस मुद्दे पर लगातार विवाद हो रहा है। बीते कुछ दिनों से यह मुद्दा देश में छाया हुआ है।

ट्रम्प ने डेमोक्रेटिक पार्टी की चार महिला सांसदों के खिलाफ कई ट्वीट किये। उन्होंने लिखा, ‘‘डेमोक्रेट सदस्य इन चार ‘‘प्रगतिवादियों’’ से खुद को दूर रखने की कोशिश कर रहे थे लेकिन अब वे उन्हें गले लगा रहे हैं। इसका मतलब ये है कि वे समाजवाद का समर्थन कर रहे हैं, इजराइल और अमेरिका से नफरत कर रहे हैं! डेमोक्रेट के लिये यह अच्छा नहीं है।’’

ट्रम्प के निशाने पर आयीं कांग्रेस सांसद एलेक्जेंड्रिया ओकासियो कॉर्टेज, इल्हान ओमर, राशिदा तलाइब और अयाना प्रेस्ली ने कैपिटल में संवाददाता सम्मेलन कर राष्ट्रपति के इस ट्वीट की आलोचना की। अपने ट्वीट में ट्रम्प ने उन्हें साफ तौर पर देश छोड़कर चले जाने की सलाह दी थी।

ओमर ने कहा, ‘‘यह हैं राष्ट्रपति जिन्होंने हमारे इतिहास में सबसे अधिक भ्रष्ट प्रशासन दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे ध्यान भटकाने के लिये वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिये हाल में चुनकर आयीं चार सदस्यों पर नस्लवादी बयान दे रहे हैं, जो अश्वेत हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह है श्वेत राष्ट्रवादियों का एजेंडा। चाहे यह चैट रूम में हो या राष्ट्रीय टीवी पर हो रहा हो और अब यह व्हाइट हाउस तक पहुंच गया है।’’

ट्रम्प ने इन चार महिला सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्हें ‘‘अपने देश वापस लौट जाना चाहिए, जहां से वे आयी हैं। उन्हें पूरी तरह से तबाह हो चुके और अपराध से ग्रस्त उन देशों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।’’

सोमवार को ट्रम्प ने अपने ट्वीट का बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘‘वे हमारे देश से नफरत करते हैं। वे इससे बेइंतहा घृणा करते हैं। अब संभव है मैं गलत हूं। मतदाता इसका फैसला करेंगे। लेकिन मैंने इसे सुना है, वे हमारे देश के बारे में बातें करते हैं, यहूदी विरोधी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, इजराइल के प्रति उनकी नफरत और अलकायदा जैसे दुश्मनों से प्यार करते हैं।’’

दिन के आखिर में डेमोक्रेट सांसदों ने प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया और इन कथित नस्लवादी टिप्पणियों की निंदा की। टॉम मैलिनोस्की द्वारा पेश इस प्रस्ताव पर मंगलवार को मतदान हो सकता है।

इसे भी पढ़ें : डेमोक्रेट ‘महिला’ सांसदों पर की गई ट्रंप की टिप्पणी की निंदा

Donald Trump
US President Donald Trump
USA
America
DEMOCRAT
liberal congresswomen of color
Racism

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा
    20 May 2022
    एक तरफ भारत की बहुसंख्यक आबादी बेरोजगारी, महंगाई , पढाई, दवाई और जीवन के बुनियादी जरूरतों से हर रोज जूझ रही है और तभी अचनाक मंदिर मस्जिद का मसला सामने आकर खड़ा हो जाता है। जैसे कि ज्ञानवापी मस्जिद से…
  • अजय सिंह
    ‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार
    20 May 2022
    मौजूदा निज़ामशाही में असहमति और विरोध के लिए जगह लगातार कम, और कम, होती जा रही है। ‘धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना’—यह ऐसा हथियार बन गया है, जिससे कभी भी किसी पर भी वार किया जा सकता है।
  • India ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेता
    20 May 2022
    India Ki Baat के दूसरे एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, भाषा सिंह और अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेताओं की। एक तरफ ज्ञानवापी के नाम…
  • gyanvapi
    न्यूज़क्लिक टीम
    पूजा स्थल कानून होने के बावजूद भी ज्ञानवापी विवाद कैसे?
    20 May 2022
    अचानक मंदिर - मस्जिद विवाद कैसे पैदा हो जाता है? ज्ञानवापी विवाद क्या है?पक्षकारों की मांग क्या है? कानून से लेकर अदालत का इस पर रुख क्या है? पूजा स्थल कानून क्या है? इस कानून के अपवाद क्या है?…
  • भाषा
    उच्चतम न्यायालय ने ज्ञानवापी दिवानी वाद वाराणसी जिला न्यायालय को स्थानांतरित किया
    20 May 2022
    सर्वोच्च न्यायालय ने जिला न्यायाधीश को सीपीसी के आदेश 7 के नियम 11 के तहत, मस्जिद समिति द्वारा दायर आवेदन पर पहले फैसला करने का निर्देश दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License