NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नवउदारवादी नीतियों के समर्थक भीड़ हत्याएं नहीं रोक सकते
साम्प्रदायिकता शुरू से ही पूंजीवादी कब्जे का कारगर औजार रही है.
डॉ. प्रेम सिंह
03 Jul 2017
नवउदारवादी नीतियों के समर्थक भीड़ हत्याएं नहीं रोक सकते

जंतर-मंतर पर सात दिन का सत्याग्रह उपवास समाप्त हो गया. आखिरी दिन सामाजिक-राजनितिक-शैक्षणिक-धार्मिक संगठनों से, किसान-मजदूर-छात्र संगठनों से और स्वतंत्र रूप से काफी संख्या में लोग आये. सभी ने समस्या को लेकर अपनी संजीदगी और एकजुटता दिखाई. युवाओं की उपस्थिति सातवें दिन भी बड़ी संख्या में लगातार बनी रही. दिल्ली के आस-पास के शहरों से भी कई नवयुवक सोशल मीडिया पर खबर पढ़ कर पहुंचे.

रेणु गंभीर, प्रो. गोपेश्वर सिंह और मंजु मोहन ने जी उपवास की समाप्ति के लिए जूस पिलाया. आशा बनी है कि सरकार द्वारा संवैधानिक व्यवस्था और सभ्यता को दरकिनार करके जो भीड़तंत्र चलाया जा रहा है, उसे रोकने के लिए समाज हर स्तर पर अविलम्ब कार्रवाई करेगा.

लोहिया जी को उपवास पसंद नहीं था. स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सेदारी के चलते उनके पास जेल जाने का लम्बा अनुभव और हौसला था. हमारे पास वह नहीं है. वैसे भी लगता है आगे जिंदगी जेल में ही कटनी है, अगर भीड़ से बचे रहे. भीड़तंत्र इसी तरह बढ़ता रहा तो राजनैतिक कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया जायेगा, जैसे कुछ लेखकों और बुद्धिजीवियों को बनाया जा चुका है. सरकारें दूर खड़ी रहेंगी. जैसे अब तक खड़ी रही हैं.

मौजूदा सरकार देश के सार्वजानिक-सामाजिक-राष्ट्रीय संसाधनों को देशी-विदेशी कार्पोरेट घरानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की संपत्ति में तब्दील करने का काम कर रही है. उसने आते ही सेना में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति दे दी. पिछली सरकार के दौरान 1894 से चले आ रहे भूमि अधिग्रण कानून में ज़मीन के मालिक किसानों के हित में थोड़ा बदलाव हुआ था. यह सरकार आते ही उस कानून पर अध्यादेश ले आई. सार्वजानिक क्षेत्र की नवरत्न ईकाइयों का निजीकरण कर रही है. रेलवे स्टेशनों को बेच रही है. इस जघन्य राष्ट्रीय अपराध से लोगों का ध्यान हटाए रखने के लिए उन्हें आपस में लड़वाती है.

नवउदारवादी नीतियों के समर्थक, चाहे वे नेता हों या सिविल सोसाइटी एक्टिविस्ट, भीड़ हत्याएं नहीं रोक सकते. साम्प्रदायिकता शुरू से ही पूंजीवादी कब्जे का कारगर औजार रही है. उसी के चलते देश का विभाजन हो गया. अब फिर देश को तोड़ा जा रहा है. लिहाज़ा, इस दिशा में नवउदारवाद समर्थकों की इच्छा और प्रयास अधूरे होने को अभिशप्त हैं.

उपवास के अनुभव से हमें भीड़तंत्र को रोकने की दिशा में आगे काम करने की प्रेरणा मिली है. बहुत से साथियों ने साथ मिल कर काम करने का संकल्प लिया है. काम जारी रहेगा. हमें अकलियतों, खास कर नौजवानों, से कहना है कि भारत पर सबका बराबर का हक़ है और रहेगा. वे डरें नहीं, और भटकें नहीं.

Courtesy: हस्तक्षेप
गौ रक्षक
गौ ह्त्या
जुनैद
भाजपा
आरएसएस

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

बढ़ते हुए वैश्विक संप्रदायवाद का मुकाबला ज़रुरी

यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा भी बोगस निकला, आप फिर उल्लू बने

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

एमरजेंसी काल: लामबंदी की जगह हथियार डाल दिये आरएसएस ने

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं
    17 May 2022
    निर्मला सीतारमण ने कहा कि महंगाई की मार उच्च आय वर्ग पर ज्यादा पड़ रही है और निम्न आय वर्ग पर कम। यानी महंगाई की मार अमीरों पर ज्यादा पड़ रही है और गरीबों पर कम। यह ऐसी बात है, जिसे सामान्य समझ से भी…
  • अब्दुल रहमान
    न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध
    17 May 2022
    फिलिस्तीनियों ने इजरायल द्वारा अपने ही देश से विस्थापित किए जाने, बेदखल किए जाने और भगा दिए जाने की उसकी लगातार कोशिशों का विरोध जारी रखा है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी
    17 May 2022
    पूछने वाले पूछ रहे हैं कि जब मोदी जी ने अपने गृह राज्य गुजरात में ही देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे बड़ी मूर्ति चीन की मदद से स्थापित कराई है। देश की शान मेट्रो…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजद्रोह मामला : शरजील इमाम की अंतरिम ज़मानत पर 26 मई को होगी सुनवाई
    17 May 2022
    शरजील ने सुप्रीम कोर्ट के राजद्रोह क़ानून पर आदेश के आधार पर ज़मानत याचिका दायर की थी जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने 17 मई को 26 मई तक के लिए टाल दिया है।
  • राजेंद्र शर्मा
    ताजमहल किसे चाहिए— ऐ नफ़रत तू ज़िंदाबाद!
    17 May 2022
    सत्तर साल हुआ सो हुआ, कम से कम आजादी के अमृतकाल में इसे मछली मिलने की उम्मीद में कांटा डालकर बैठने का मामला नहीं माना जाना चाहिए।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License