NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लोकसभा में ट्रांसजेंडर राइट्स विधेयक पारित
यह विधेयक ट्रांसजेंडरों के अधिकारों के संरक्षण और उनके कल्याण के प्रावधान प्रदान करेगा।
आईएएनएस
17 Dec 2018
transgender
Image Courtesy: samachar jagat

लोकसभा में भारी हंगामे के बीच ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2016 को पारित किए जाने के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्षी सदस्यों ने सदन में रफ़ाल लड़ाकू विमान सौदे में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग सहित अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में हंगामा जारी रखा, जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। पहले सप्ताह की कार्यवाही हंगामे की भेट चढ़ जाने के बाद सदन में सोमवार को कुछ विधायी कार्य हुए और सदन को कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों के हंगामे के कारण तीन बार स्थगित करना पड़ा।

इससे पहले दिन में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2018 निचले सदन में पेश किया गया, जिसे सामान्य रूप से तीन तलाक विधेयक के रूप में जाना जाता है।

जैसे ही ट्रांसजेंडर राइट्स विधेयक पारित हुआ, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

अन्नाद्रमुक सदस्यों ने कावेरी जल मुद्दे को लेकर हंगामा किया तो वहीं तेदेपा ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग की। कांग्रेस सदस्यों ने राफेल लड़ाकू सौदे में जेपीसी की मांग को लेकर हंगामा किया और सरकार पर मुद्दे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाया।

क्या है ट्रांसजेंडर राइट्स विधेयक?

यह विधेयक ट्रांसजेंडरों के अधिकारों के संरक्षण और उनके कल्याण के प्रावधान प्रदान करेगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने सदन में कहा कि विधेयक ट्रांसजेंडरों के अधिकारों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है और उन्होंने सदस्यों से इसे पारित कराने की अपील की।

विधेयक को अगस्त 2016 में लोकसभा में पेश किया गया था और सदस्यों की मांग के मद्देनजर, इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता पर स्थायी समिति के पास भेज दिया गया था।

गहलोत ने बताया कि विधेयक में स्थायी समिति द्वारा दिए गए 27 सुझावों को शामिल किया गया है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर, बीजू जनता दल (बीजद) के भर्तृहरि महताब, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस की काकोली घोष ने अपने विचार रखे और विधेयक के विभिन्न अनुच्छेदों पर आपत्ति जताई और संशोधन की मांग की, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया।

2011 की जनगणना के अनुसार, ऐसे लोग जिनकी पहचान 'पुरुष' या 'महिला' के तौर पर नहीं, बल्कि 'अन्य' के तौर पर हुई, उनकी संख्या 4,87,803 थी, जो कि कुल आबादी का 0.04 प्रतिशत था।

transgender
transgender rights
transgender rights bill
lok sabha

Related Stories

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

सात बिंदुओं से जानिए ‘द क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन बिल’ का क्यों हो रहा है विरोध?

भारतीय कैंपस के होस्टलों में ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए अब भी जगह नहीं

सोनिया गांधी ने मनरेगा बजट में ‘कटौती’ का विषय लोकसभा में उठाया

आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022 के रहस्य को समझिये

संसद अपडेट: लोकसभा में मतविभाजन के जरिये ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक’ पेश, राज्यसभा में उठा महंगाई का मुद्दा

दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण संबंधी विधेयक लोकसभा में पेश

अखिलेश यादव ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया

आम बजट में शामिल होकर रेलवे क्या उपेक्षा का शिकार हो गया ?

उत्तराखंड: मानसिक सेहत गंभीर मामला लेकिन इलाज के लिए जाएं कहां?


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश में तेज़ी पर बीजेपी का साम्प्रदायिक खेल
    26 Nov 2021
    बोल' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा, उत्तर प्रदेश चुनाव के आने पर बीजेपी नेताओं के साम्प्रदायिक भाषणों पर चर्चा कर रहे हैं.
  • niti ayog
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में सबसे ज़्यादा ग़रीबः नीति आयोग
    26 Nov 2021
    सात सूचकांकों में बिहार की स्थिति सबसे ज़्यादा ख़राब है। पोवर्टी, न्यूट्रिशन, मैटरनल हेल्थ, स्कूल अटेंडेस, कुकिंग फ्यूल व इलेक्ट्रिसिटी के मामले में सबसे ज़्यादा बदतर है।
  • kisan andolan
    सुहित के सेन
    यह किसानों का प्रदर्शन-स्थलों से घर लौटने का उचित समय क्यों नहीं है
    26 Nov 2021
    इसकी बजाय, संयुक्त किसान मोर्चा के लिए यह समय भाजपा के खिलाफ अपने चुनाव अभियान को उन राज्यों में जिंदा रखने का है, जहां चुनाव जल्द होने वाले हैं-खासकर पंजाब और उत्तर प्रदेश में।
  • MSRTC strike
    भाषा
    एमएसआरटीसी हड़ताल : मंत्री के अल्टीमेटम के बावजूद कुछ ही कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे
    26 Nov 2021
    एमएसआरटीसी के कर्मचारी विलय की मांग पर 20 दिन से ज़्यादा से हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
  • Same Sex Marriages
    सौरभ शर्मा
    समलैंगिक शादी की बात करते हुए किन चीज़ों पर नहीं करते बात
    26 Nov 2021
    विवाह सहित समलैंगिक संबंधों की मान्यता की बहस ध्रुवीकृत है लेकिन भारतीय समाज के लिए आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License