NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ओडिशा से 33 प्रतिशत महिलाएं लोकसभा के लिए निर्वाचित
बीजू जनता दल(बीजद) से पांच और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) से दो महिलाओं ने चुनाव में जीत दर्ज की है।
आईएएनएस
25 May 2019
IANS

भुवनेश्वर: आम चुनाव में ओडिशा से 33 प्रतिशत महिलाएं चुनकर संसद पहुंच रही हैं। यहां 21 संसदीय सीटों के लिए हुए चुनाव में सात महिलाओं को जीत मिली है।

बीजू जनता दल(बीजद) से पांच और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) से दो महिलाओं ने चुनाव में जीत दर्ज की है।

भाजपा की तरफ से भुवनेश्वर संसदीय सीट से अपराजिता सारंगी और बोलंगीर से संगीता सिंहदेव को जीत मिली है।

बीजद की तरफ से अस्का से प्रमिला बिसोई, क्योंझर से चंद्राणी मुर्मू, जगतसिंहपुर से राजश्री मलिक, जयपुर से शर्मिष्ठा सेठी और भद्रक से मंजूलता मंडल ने चुनाव जीता है।

ओडिशा से 33 प्रतिशत महिलाओं का चुना जाना महत्वपूर्ण है। महिला आरक्षण विधेयक के अंतर्गत भी लोकसभा और राज्य विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की मांग की जाती रही है, जोकि संसद में अभी भी लंबित है।

बीजद अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोकसभा चुनाव के लिए 33 प्रतिशत महिलाओं यानी सात महिलाओं को टिकट दिया था, जिसमें से पांच ने जीत दर्ज की।

बीजद ने यहां की 12 लोकसभा सीटों पर, भाजपा ने आठ और कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की है।

146 विधानसभा सीटों में से बीजद ने 112 पर सफलता पाई, जबकि भाजपा ने 23 और कांग्रेस ने नौ सीटों पर कब्जा जमाया है। माकपा ने एक सीट मिली है और एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है।

Biju Janata Dal
Bharatiya Janata Party
Female legislator
Women
Assembly Eelections
Assembly elections RESULT
lok sabha election
2019 Lok Sabha elections
BJP
bjd

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • ऋचा चिंतन
    डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सिन का निलंबन भारत के टीका कार्यक्रम के लिए अवरोधक बन सकता है
    09 Apr 2022
    चूँकि डब्ल्यूएचओ के द्वारा कोवैक्सिन के निलंबन के संदर्भ में विवरण सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में यह इसकी प्रभावकारिता एवं सुरक्षा पर संदेह उत्पन्न कर सकता है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    इमरान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए पाक संसद का सत्र शुरू
    09 Apr 2022
    पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के एक ऐतिहासिक फैसले के बाद खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए नेशनल असेंबली का सत्र सुबह साढ़े 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू हुआ।
  • भाषा
    दिल्ली में एक फैक्टरी में लगी आग, नौ लोग झुलसे
    09 Apr 2022
    दिल्ली दमकल सेवा (डीएफएस) के अनुसार, आग बुझाने की कोशिश में दमकल विभाग के छह कर्मी, एक पुलिसकर्मी, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) का एक अधिकारी और एक स्थानीय व्यक्ति झुलस गया।
  • वसीम अकरम त्यागी
    महंगाई के आक्रोश को मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत बढ़ाकर ढकने की कोशिश, आख़िर किसका नुक़सान? 
    09 Apr 2022
    पेट्रोलियम और रोज़मर्रा के सामान की दर लगातार आसमान छू रही हैं और तो दूसरी तरफ़ मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत बेतहाशा बढ़ रही है।
  • रूबी सरकार
    सीधी प्रकरण: अस्वीकार्य है कला, संस्कृति और पत्रकारिता पर अमानवीयता
    09 Apr 2022
    सीधी की घटना को लेकर पत्रकार, रंगकर्मियों के अलावा मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रगतिशील लेखक संघ व अन्य प्रसिद्ध लेखक-साहित्याकारों ने गहरा प्रतिरोध दर्ज कराया है और इसे लोकतंत्र में तानाशाही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License