NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बढ़ती जनसंख्या के लिए भारतीय मुसलमानों को टारगेट करते हुए शेयर की जा रही फ़ोटो बांग्लादेश की
हाल ही में यूपी सरकार ने एक नई जनसंख्या नीति लागू की है. इस नीति के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले लोग सरकारी नौकरियों और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे.सरकार के इस कदम की आलोचना, विपक्ष और सरकार के समर्थक, दोनों वर्गों ने की है. इन आलोचनाओं के बीच कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने मुस्लिम समुदाय को टारगेट करते हुए एक तस्वीर शेयर की जिसमें व्हीलचेयर पर बैठा एक व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों से घिरा हुआ है.
कलीम अहमद
17 Jul 2021
बढ़ती जनसंख्या के लिए भारतीय मुसलमानों को टारगेट करते हुए शेयर की जा रही फ़ोटो बांग्लादेश की

बीजेपी शासित राज्यों, असम और उत्तर प्रदेश ने जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने का प्रस्ताव दिया है. जबकि असम में पहले से ही जनसंख्या नियंत्रण के लिए एक कानून है. हाल ही में यूपी सरकार ने एक नई जनसंख्या नीति लागू की है. इस नीति के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले लोग सरकारी नौकरियों और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे.

सरकार के इस कदम की आलोचना, विपक्ष और सरकार के समर्थक, दोनों वर्गों ने की है. इन आलोचनाओं के बीच कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने मुस्लिम समुदाय को टारगेट करते हुए एक तस्वीर शेयर की जिसमें व्हीलचेयर पर बैठा एक व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों से घिरा हुआ है.

ट्विटर यूजर्स @JainKiran6, @NANDLALMAURYA, @manojdagabjp और कुछ अन्य लोगों ने इस हैशटैग के साथ तस्वीर को शेयर किया – #जनसंख्या_नियंत्रण_कानुन (#Population_Control_Law)

image

image

image

तस्वीर शेयर करने वालों में बीजेपी समर्थक प्रशांत पटेल उमराव भी शामिल हैं.

जब इसकी 2 टांगें काम नहीं कर रही तब इसनें तीसरी टांग के दम पर 8 बच्चे कर दिए!

पर इनको राशन-रोजगार देना सरकार की जिम्मेदारी है? pic.twitter.com/KBXn1zDvhq

— Prashant Umrao (@ippatel) July 12, 2021

ये तस्वीर ट्विटर और फ़ेसबुक दोनों पर वायरल है.

image

image

image

image

बांग्लादेश की तस्वीर

हमने यांडेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च किया, और Alamy पे हमें ये तस्वीर मिली. डिस्क्रिप्शन के अनुसार, तस्वीर मार्च 2017 में कॉक्स बाज़ार, बांग्लादेश में ली गई थी. फ़ोटो में दिख रहा शख्स मोहम्मद आलमगीर है जो पोलियो की वजह से विकलांग है. म्यांमार में मुसलमानों के खिलाफ हुई हिंसा की वजह से मोहम्मद आलमगीर अपने परिवार के साथ वहां से भाग गया था. बाद में कॉक्स बाजार में कुटुपलोंग शरणार्थी शिविर में उसने शरण ली. Alamy ने इसका क्रेडिट ज़ूमा प्रेस को दिया है.

image

Alamy की वेबसाइट पर उस व्यक्ति की दूसरी तस्वीरें भी हैं.

image

अधिक जानकारी इकठ्ठा करने की कोशिश करने पर हमने पाया कि ये तस्वीर डॉक्युमेंट्री फ़ोटोग्राफ़र और फ़ोटो जर्नलिस्ट प्रोबल रशीद ने ली थी. वो उस समय बांग्लादेश में ज़ुमा प्रेस, यूएसए के साथ काम कर रहे थे. 2017 में, उन्हें इंटरनेशनल फ़ोटोग्राफ़ी ग्रांट के लिए नामांकित किया गया था.

रशीद ने तीन साल पहले अपना काम दिखाते हुए एक आर्टिकल शेयर किया था. फ़िलहाल वायरल हो रही तस्वीर इसी आर्टिकल का हिस्सा है.

यहां ध्यान रखना ज़रुरी है कि यूपी सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहती है जिसमें दो से अधिक बच्चों वाले लोग ‘दंडित होंगे’. और ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की हालिया जांच में पाया गया कि यूपी के 50% भाजपा विधायकों के तीन या उससे अधिक बच्चे हैं.

image

इस तरह यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए जनसंख्या नियंत्रण बिल का समर्थन जुटाने और भारतीय मुस्लिम समुदाय को टार्गेट करने के लिए, बांग्लादेश की तस्वीर शेयर की गयी.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

Alt news
fact check
Population Control Act
up population control bill
Religion Politics
fake news
Muslim population
communal politics

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

अगर सरकार की नीयत हो तो दंगे रोके जा सकते हैं !

इफ़्तार को मुद्दा बनाने वाले बीएचयू को क्यों बनाना चाहते हैं सांप्रदायिकता की फैक्ट्री?

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

‘हेट स्पीच’ के मामले 6 गुना बढ़े, कब कसेगा क़ानून का शिकंजा?

देश में पत्रकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ एकजुट हुए पत्रकार, "बुराड़ी से बलिया तक हो रहे है हमले"

बुराड़ी हिन्दू महापंचायत: चार FIR दर्ज लेकिन कोई ग़िरफ़्तारी नहीं, पुलिस पर उठे सवाल

कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!


बाकी खबरें

  • sedition
    भाषा
    सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर लगाई रोक, नई FIR दर्ज नहीं करने का आदेश
    11 May 2022
    पीठ ने कहा कि राजद्रोह के आरोप से संबंधित सभी लंबित मामले, अपील और कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए। अदालतों द्वारा आरोपियों को दी गई राहत जारी रहेगी। उसने आगे कहा कि प्रावधान की वैधता को चुनौती…
  • बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    एम.ओबैद
    बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    11 May 2022
    "ख़ासकर बिहार में बड़ी संख्या में वैसे बच्चे जाते हैं जिनके घरों में खाना उपलब्ध नहीं होता है। उनके लिए कम से कम एक वक्त के खाने का स्कूल ही आसरा है। लेकिन उन्हें ये भी न मिलना बिहार सरकार की विफलता…
  • मार्को फ़र्नांडीज़
    लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?
    11 May 2022
    दुनिया यूक्रेन में युद्ध का अंत देखना चाहती है। हालाँकि, नाटो देश यूक्रेन को हथियारों की खेप बढ़ाकर युद्ध को लम्बा खींचना चाहते हैं और इस घोषणा के साथ कि वे "रूस को कमजोर" बनाना चाहते हैं। यूक्रेन
  • assad
    एम. के. भद्रकुमार
    असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की
    11 May 2022
    राष्ट्रपति बशर अल-असद का यह तेहरान दौरा इस बात का संकेत है कि ईरान, सीरिया की भविष्य की रणनीति का मुख्य आधार बना हुआ है।
  • रवि शंकर दुबे
    इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा यूपी में: कबीर और भारतेंदु से लेकर बिस्मिल्लाह तक के आंगन से इकट्ठा की मिट्टी
    11 May 2022
    इप्टा की ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा उत्तर प्रदेश पहुंच चुकी है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में गीतों, नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License