NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ओम बिड़ला बने लोकसभा अध्यक्ष
ओम बिड़ला राजस्थान के कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने प्रस्ताव किया और कई अन्य नेताओं ने इनका अनुमोदन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Jun 2019
ओम बिड़ला
स्क्रीन शॉट। साभार : लोकसभा टीवी

भाजपा सांसद और एनडीए उम्मीदवार ओम बिड़ला को बुधवार को सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष चुन लिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने प्रस्ताव किया और कई अन्य नेताओं ने इनका अनुमोदन किया। कांग्रेस ने भी उनके नाम का समर्थन किया।

बाद में पूरे सदन ने ध्वनिमत से अपना समर्थन दिया और फिर कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने बिड़ला को स्पीकर घोषित किया।

पहले स्पीकर के लिए संतोष गंगवार और मेनका गांधी का नाम भी सुर्खियों में था, हालांकि मंगलवार को प्रधानमंत्री ने ओम बिड़ला का नाम आगे किया तो सभी अटकलों पर विराम लग गया।

बिड़ला, सुमित्रा महाजन की जगह लेंगे। महाजन ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा।

कौन हैं ओम बिड़ला?

ओम बिड़ला राजस्थान के कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं।

56 वर्षीय ओम बिड़ला भाजपा की युवा शाखा से जुड़े रहे हैं। वह 2018 में भाजपा राजस्थान इकाई के संगठनात्मक सुधार के प्रभारी भी थे। सांसद बनने से पहले वह कोटा दक्षिण से तीन बार विधायक भी चुने गए।

(भाषा के इनपुट के साथ)

 

Om Birla
lok sabha speaker
Parliament of India
NDA Govt
Narendra modi
sumitra mahajan
RAJSTHAN
kota-bundi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • PUNJAB
    शिव इंदर सिंह
    कृषि कानूनों की वापसी के बाद क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग?
    29 Nov 2021
    कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद पंजाब में जश्न का माहौल है। पंजाब के लोग इसे किसान आंदोलन की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन भाजपा के प्रति विरोध और गुस्से का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
  • civil society
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खुला पत्र : क्या नागरिक समाज देश का दुश्मन है?
    29 Nov 2021
    अखिल भारतीय और केन्द्रीय सेवाओं के पूर्व सिविल सेवकों के समूह ने देशवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी करके नागरिक समाज को देश और शासन के दुश्मन के रूप में रेखांकित किए जाने पर चिंता जताई है।
  • Munawar Faruqui
    सत्यम् तिवारी
    "अनेकता में एकता" वाले देश भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत क्या है?
    29 Nov 2021
    मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।
  • Yogi
    सोनिया यादव
    यूपी: परीक्षाओं का पेपर लीक और रद्द होना योगी सरकार की बड़ी विफलता है!
    29 Nov 2021
    सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरों टॉलरेंस के दावे के बीच बार-बार सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले कैसे सामने आ रहे हैं, क्या सरकार की नीयत और नीति अलग-अलग है?
  • kisan andolan
    ओँकार सिंह
    तमाम मुश्किलों के बीच किसानों की जीत की यात्रा और लोकतांत्रिक सबक़
    29 Nov 2021
    जब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मांग और अधिकार की लड़ाई को देशद्रोह के खांचे में फिट किया जा रहा था, तब किसान आंदोलन संघर्ष की संजीवनी के रूप में उभरा। साल भर सड़क पर दमन और क्रूरता की हदें झेलकर अंतत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License