NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पातंजलि और आदानी के बीच रूची सोया को लेकर घमासान
पातंजलि के अनुसार अदानी विल्मर, दिवालियापन की कार्यवाही से गुजर रही रुची सोया के लिए बोली लगाने योग्य नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Jun 2018
Translated by हर्ष कुमार
ramdev vs adani

देश की सबसे बड़ी खाद्य तेल निर्माता कम्पनी रूचि सोया को खरीदने के लिए कोर्पोरेट घमासान लगातार बढ़ता दिख रहा है। रूचि सोया को हाल ही में दिवालिया घोषित कर दिया गया है।

योग गुरु रामदेव की पातंजलि आयुर्वेद ने दिवालियापन कानून के तहत एक नियम का हवाला देते हुए दावा किया है कि अदानी विल्मर, दिवालियापन की कार्यवाही से गुज़र रही रुची सोया के लिए बोली लगाने योग्य नहीं है। गौरतलब है कि अदानी विल्मर गौतम अदानी के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय अदानी समूह का हिस्सा है। 
   
ऐसा इसलिए है क्योंकि गौतम अदानी के भतीजे और अदानी विल्मर के प्रबंध निदेशक प्रणव अदानी का विवाह रोटोमैक समूह के पूर्व प्रमोटर विक्रम कोठारी की बेटी नम्रता से हुआ था, कोठारी को फरवरी में सीबीआई ने ऋण धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था । मालूम हो कि अदानी विल्मर, अदानी समूह और सिंगापुर के विल्मार इंटरनेशनल के बीच 50:50 फीसद का संयुक्त उद्यम है।
 
दिवालियापन और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) की धारा 29 के अनुसार, अगर बोली लगाने वाली कम्पनी का सम्बंध किसी अन्य ऋण के तले दबी कंपनी से हो तो कंपनी को कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के तहत दिवालिया प्रस्ताव योजना की पेशकश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

आईबीसी ने हाल ही में दिवालिया कम्पनी से 'सम्बंध’ रखने की परिभाषा को संशोधित  कर उसमें रिश्तेदारों को भी शामिल कर लिया है। 6 जून को राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित एक अध्यादेश ने अन्य पारिवारिक संबंधों में "संबंधित पार्टी" और "रिश्तेदार" जैसे पति, पत्नी, पिता, मां और ससुराल वालों को भी शामिल कर लिया है ।

क्यूँकि पातंजलि और अदानी विल्मार दोनों ने रुची सोया के लिए अपनी बोलियां और संकल्प योजनाएं संशोधन के पहले ही जमा कर दी थी इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि पात्रता के मानदंड इस मामले में पूर्ववर्ती रूप से लागू होगें या नहीं।पतंजलि के द्वारा पूछे जाने वाले स्पष्टीकरणों के जवाब देने के लिए रिज़ोल्युशन प्रोफेशनल (आरपी) ने कम से कम 8 से 10 दिनों की मांग की है।

रुची सोया भारत की सबसे बड़ी खाद्य तेल निकासी और रिफाइनिंग कंपनी है, वहीं दिसंबर 2017 में इसे सीआईआरपी में शामिल किया गया था। रुची सोया पर वित्तीय लेनदारों की 104 अरब रुपये और परिचालन लेनदारों की 36 करोड़ रुपये की लेनदारी है । लेकिन कंपनी की अभी भी 13 स्थानों पर 37.2 लाख टन तेल बीज निष्कर्षण क्षमता और 13 स्थानों में 33 लाख टन रिफाइनिंग क्षमता है।

बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, उधारकर्ताओं की समिति (सीओसी) ने 20 जून को बोलियों के साथ-साथ दोनों कंपनियों द्वारा संकल्प योजनाओं पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की थी।

12 जून को अदानी विल्मर को पसंदीदा (एच 1) बोलीदाता(बोली लगाने वाला) घोषित किया गया था, जबकि पातंजलि को दूसरी पसंदीदा (एच 2) बोलीदाता घोषित किया गया था। अदानी विल्मार ने 54.74 बिलियन रुपये की बोली पेशकश की, जिसमें से 43 बिलियन उधारदाताओं को मिलेगा। कंपनी 17 अरब रुपये का इक्विटी निवेश भी करेगी। पतंजलि ने 57.65 अरब रुपये का बोली प्रस्ताव दिया, लेकिन उधारदाताओं को केवल 40.65 अरब रुपये मिलेगा। इन दो कंपनियों के लिए लड़ाई को कम करने से पहले, गोदरेज एग्रोवेट और इमामी एग्रोटेक भी मैदान में कूद पड़े।

अदानी को पसंदीदा बोली लगाने वाला घोषित करने के बाद, पातंजलि को तथाकथित स्विस चैलेंज सिस्टम के तहत एक संशोधित बोली लगाने का मौका दिया गया था। लेकिन पतंजलि ने आईबीसी की धारा 29ए का हवाला देते हुए अदानी की पात्रता के बारे में इस सवाल को उठाया और लेनदारों की समिति को भेजे गए एक पत्र में स्पष्टीकरण मांगा।

इससे पहले, पातंजलि ने इस तथ्य से उत्पन्न हितों के संघर्ष के बारे में आपत्ति जताई थी कि कानून फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास (सीएएम) को आरपी के कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया था, जबकि फर्म पहले ही अदानी विल्मर का प्रतिनिधित्व कर रही थी। नतीजतन, यह हुआ है कि सीएएम अदानी विल्मार को छोड़ रुची सोया का पक्ष रखेगी।

असल में, पातंजलि के पास रुची सोया के साथ मौजूदा मार्केटिंग टाई-अप है और अब वह अपने तेल के कारोबार को बढ़ाने के लिए उत्सुक है। रुची सोया के ब्रांडों में नटरेला,महाकोश,सनरिक, रुची स्टार और रुची गोल्ड जैसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। अदानी विल्मार वर्तमान में फॉर्च्यून ब्रांड के साथ बाज़ार में मौजूद है।

इसी साल फरवरी में, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशंस (सीबीआई) ने रोटोमाक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर-डायरेक्टर विक्रम कोठारी और उनके बेटे राहुल कोठारी को बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा, कथित ₹ 3,695 करोड़ रुपये  ऋण डिफ़ॉल्ट मामले में गिरफ्तार किया था । कोठारी पर सात सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एक संघ को धोखा देने का आरोप है।

ऐसा नहीं है कि पातंजलि की अपनी स्थिति पाक साफ है। रामदेव और उनकी हरिद्वार स्थित एफएमसीजी  कंपनी, जिसका 2017 के वित्तीय वर्ष  में सालाना कारोबार 10,561 करोड़ दर्ज किया गया था के ऊपर कई भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके है। गौरतलब है कि रामदेव को भूमि आवंटन में 46 मिलियन डॉलर की और बीजेपी की अगुवाई वाले राज्यों में सरकारों से छूट मिली है। आचार्य बालकृष्ण, जो रामदेव के करीबी सहयोगी हैं और पातंजलि के शेयरों के  9 4% हिस्सेदार हैं, को हूरुन इंडिया रिच लिस्ट द्वारा सितंबर 2017 में 70,000 करोड़ रुपये की निजी संपत्ति के साथ 8 वां सबसे अमीर भारतीय घोषित किया गया था।वहीं अदानी साम्राज्य का विस्तार व्यापक रूप से ज्ञात है और वह इतना विशाल है उसका अनुमान लगाना भी मुशकिल है।

Baba Ramdev
Adani
Patanjali
adani wilmar
ruchi soya

Related Stories

कैसे राष्ट्रीय बैंकों के समर्थन से रुचि सोया के ज़रिये अमीर बनी पतंजलि

पेट्रोल डीजल के दाम याद दिलाया तो धमकाने लगे रामदेव!

रामदेव विरोधी लिंक हटाने के आदेश के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया

किसानों और सरकारी बैंकों की लूट के लिए नया सौदा तैयार

पतंजलि आयुर्वेद को कुछ कठिन सवालों के जवाब देने की ज़रूरत 

न्यायालय ने रामदेव से एलोपैथी पर अपने बयान का मूल रिकॉर्ड पेश करने को कहा

स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा बढ़ा, कांग्रेस ने सरकार से की श्वेत पत्र लाने की मांग

बिहार की एक अदालत में बाबा रामदेव के खिलाफ याचिका, देशद्रोह का मामला चलाने की मांग

काफ़ी नहीं है रामदेव की माफ़ी, दंडनीय अपराध है उनका एलोपैथी पर दिया बयान

रामदेव पर राजद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए :आईएमए ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 
    26 Mar 2022
    कारपोरेटपरस्त कृषि-सुधार की जारी सरकारी मुहिम का आईना है उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट। इसे सर्वोच्च न्यायालय ने तो सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन इसके सदस्य घनवट ने स्वयं ही रिपोर्ट को…
  • भरत डोगरा
    जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी
    26 Mar 2022
    यदि सरकार गरीब समर्थक आर्थिक एजेंड़े को लागू करने में विफल रहती है, तो विपक्ष को गरीब समर्थक एजेंडे के प्रस्ताव को तैयार करने में एकजुट हो जाना चाहिए। क्योंकि असमानता भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,660 नए मामले, संशोधित आंकड़ों के अनुसार 4,100 मरीज़ों की मौत
    26 Mar 2022
    बीते दिन कोरोना से 4,100 मरीज़ों की मौत के मामले सामने आए हैं | जिनमें से महाराष्ट्र में 4,005 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा गया है, और केरल में 79 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा…
  • अफ़ज़ल इमाम
    सामाजिक न्याय का नारा तैयार करेगा नया विकल्प !
    26 Mar 2022
    सामाजिक न्याय के मुद्दे को नए सिरे से और पूरी शिद्दत के साथ राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने के लिए विपक्षी पार्टियों के भीतर चिंतन भी शुरू हो गया है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?
    26 Mar 2022
    फिल्म द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में मुस्लिम विरोधी नफरत पूरे देश में स्पष्ट रूप से प्रकट हुई है और उनके बहिष्कार, हेट स्पीच, नारे के रूप में सबसे अधिक दिखाई देती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License