NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
'पद्मावत' 25 जनवरी को देशभर में रिलीज हो : सर्वोच्च न्यायालय
"हमारे आदेश का पालन प्रत्येक व्यक्ति द्वारा किया जाना चाहिए। कुछ सौ लोग सड़कों पर उतरकर प्रतिबंध की मांग करते हुए कानून व्यवस्था को खराब करने के हालात पैदा करते हैं। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।"
आईएएनएस
23 Jan 2018
पद्मावती

नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)| सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए 25 जनवरी को फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज पर रोक लगाने के उनके अंतिम प्रयास को खारिज करते हुए सभी राज्यों को फिल्म रिलीज के रास्ते में न आने का आदेश दिया। साथ ही आदेश का पालन हर हाल में करने का निर्देश दिया। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और डी.वाई. चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने कहा, "लोगों को समझना चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश पारित किया है और उसका पालन किया जाना चाहिए।"

मिश्रा ने कहा, "हमारे आदेश का पालन प्रत्येक व्यक्ति द्वारा किया जाना चाहिए। कुछ सौ लोग सड़कों पर उतरकर प्रतिबंध की मांग करते हुए कानून व्यवस्था को खराब करने के हालात पैदा करते हैं। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।"

प्रधान न्यायाधीश ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, "आप सलाह दे सकते हैं कि जिन्हें यह फिल्म देखना पसंद नहीं है, वे इसे न देखें।" 

मेहता जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की गुहार लगा रहे थे। 

राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए मेहता ने अदालत से आग्रह किया कि वह जमीनी हालात और शांति का उल्लंघन होने के खतरे को समझे। इस पर अदालत ने कहा कि ऐसा कहकर राज्य सरकारें अपनी कमजोरी खुद बता रही हैं। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य का दायित्व है।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, "आप संकट की रचना का आभासी चित्र नहीं बना सकते।" 

मेहता ने कहा कि फिल्म के रिलीज होने के बाद ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है, जहां कुछ हिस्सों में संकट खड़ा हो सकता है।

इस पर न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा, "राज्यों को यह आदेश मानना चाहिए। बाकी हम देख लेंगे, जब यह हमारे पास आएगा।"

अदालत ने अखिल भारतीय करणी महासंघ की याचिका भी खारिज कर दी और कहा, "हम अपने आदेश को बदलने के लिए तैयार नहीं हैं। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी फिल्म की रिलीज के लिए रास्ता साफ किया जाए।" 

--आईएएनएस

पद्मावती
padmavat
संजय लीला भंसाली
दीपिका पादुकोण
करणी सेना
Supreme Court
karani sena
BJP
Rajasthan sarkar

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    क्या अब देश अघोषित से घोषित आपातकाल की और बढ़ रहा है!
    29 Nov 2021
    अपने शासन के खिलाफ बढ़ते  विरोध से मोदी परेशान हैं और उन्हें लगता है कि इन आंदोलनों को संविधान प्रदत्त अधिकारों से ताकत और वैधता हासिल हो रही है। इसीलिए अब वे इन अधिकारों के खिलाफ opinion building में…
  • Mumbai Mahapanchayat
    अमेय तिरोदकर
    मुंबई महापंचायत: किसानों का लड़ाई जारी रखने का संकल्प  
    29 Nov 2021
    राकेश टिकैत ने कहा, "उन्होंने हमें जातियों और धर्मों में तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने हमें देशद्रोही तक क़रार दिया और क्या-क्या नहीं किया। लेकिन,आख़िर में उन्हें हार माननी पड़ी।"
  • loksabha
    अफ़ज़ल इमाम
    शीत सत्र: संसद में पहले की अपेक्षा ज़्यादा आक्रामक नज़र आएगा विपक्ष
    29 Nov 2021
    किसानों व कृषि से जुड़े मामलों के साथ-साथ कमरतोड़ महंगाई, बेरोजगारी, देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा, पेगासस जासूसी कांड, श्रम कानून, त्रिपुरा दंगे, कश्मीर हिंसा और कोरोना जैसे मुद्दों पर भी सरकार की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 8,309 नए मामले, 236 मरीज़ों की मौत
    29 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.30 फ़ीसदी यानी 1 लाख 3 हज़ार 859 हो गयी है।
  • Mumbai Mahapanchayat
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुंबई में किसानों की ऐतिहासिक जीत का डंका
    29 Nov 2021
    28 नवंबर को मुंबई के आजाद मैदान में 50,000 लोगों की विशाल राज्यव्यापी किसान-मजदूर महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में पूरे महाराष्ट्र के किसान, मज़दूर, खेतिहर मज़दूर, महिलाएं, युवा और सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License