NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पी एस गोले ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
पी एस गोले के नाम से लोकप्रिय तमांग को राज्यपाल गंगा प्रसाद ने यहां पलजोर स्टेडियम में शपथ दिलाई। उनके साथ एसकेएम के 11 विधायकों ने भी शपथ ली।
भाषा
27 May 2019
शपथ लेते पी एस गोले
सिक्किम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते पी एस गोले। फोटो : आईएएनएस

गंगटोक : सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के अध्यक्ष प्रेम सिंह तमांग ने सोमवार को सिक्किम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

पी एस गोले के नाम से लोकप्रिय तमांग को राज्यपाल गंगा प्रसाद ने यहां पलजोर स्टेडियम में शपथ दिलाई। उनके साथ एसकेएम के 11 विधायकों ने भी शपथ ली।

चुनाव नहीं लड़ने के कारण गोले इस समय राज्य विधानसभा के सदस्य नहीं हैं। शनिवार को उन्हें एसकेएम विधायक दल का नेता चुना गया था।

एसकेएम के, स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थकों ने नेपाली भाषा में शपथ ले रहे 51 वर्षीय पार्टी प्रमुख का उत्साहवर्द्धन किया।

पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के वरिष्ठ नेताओं ने शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं लिया।

2013 में गठित एसकेएम ने 32 सदस्यीय सिक्किम विधानसभा में 17 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। एसडीएफ को 15 सीटों पर जीत मिली है।

एसकेएम ने 24 साल से अधिक समय से सत्तासीन चामलिंग सरकार को बेदखल किया है।

मंत्रियों के रूप में शपथ लेने वाले एसकेएम के 11 नेता क्रमश: कुंगा नीमा लेप्चा, सोनम लामा, बेदु सिंह पंथ, डॉ मणि कुमार शर्मा, अरुण कुमार उप्रेती, संदुप लेप्चा, लोक नाथ शर्मा, मिंगमा नोरबू शेरपा, कर्मा लोडय भूटिया, भीम हैंग लिम्बो और संजीत खरेल हैं।

कुल तीन महिलाओं ने चुनाव में जीत हासिल की है। इनमें से एक महिला प्रत्याशी ने एसकेएम के टिकट पर जीत दर्ज की है। बहरहाल, गोले के मंत्रिमंडल में कोई महिला प्रतिनिधि नहीं है।

सिक्किम में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या 12 हो सकती है।

कौन हैं गोले?

चामलिंग के नेतृत्व वाले सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के संस्थापक सदस्य रहे गोले ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत कर 2013 में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा बनाई। उन्होंने एसडीएफ पर भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाया था।

गठन के अगले ही साल 2014 के विधानसभा चुनावों में एसकेएम ने 10 सीटें जीतीं।

हालांकि, भ्रष्टाचार के एक मामले में अपनी दोषसिद्धि के मद्देनजर चुनाव अधिकारियों द्वारा नामांकन खारिज किए जाने के डर से गोले ने इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया।

नेपाली माता-पिता कालू सिंह तमांग और धान माया तमांग के पुत्र गोले का जन्म पांच फरवरी 1968 में हुआ था। गोले ने दार्जिलिंग के एक कॉलेज से स्नातक किया और एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में काम करना शुरू किया।

समाज सेवा के लिए उन्होंने तीन साल की सेवा के बाद सरकारी नौकरी छोड़ दी और बाद में एसडीएफ में शामिल हो गये।

गोले की तीन दशक की राजनीतिक यात्रा घटनापूर्ण रही है। वह 1994 से लगातार पांच बार सिक्किम विधानसभा के लिए चुने गए और 2009 तक एसडीएफ सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया।

एसडीएफ सरकार के चौथे कार्यकाल (2009-14) के दौरान चामलिंग ने उन्हें मंत्री पद देने से इंकार कर दिया इसके बाद गोले ने पार्टी छोड़ दी और अपना दल बनाया। उन्होंने सभी एसडीएफ के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और एसकेएम प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

2016 में, गोले को 1994 और 1999 के बीच सरकारी धन की हेराफेरी करने के लिए दोषी ठहराया गया था और बाद में विधानसभा में उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।

51 वर्षीय गोले राज्य के पहले ऐसे राजनेता थे जिन्हें सजा मिलने के बाद विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था।

उन्होंने सिक्किम उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती दी जिसने निर्णय को बरकरार रखा जिसके कारण गोले को समर्पण करना पड़ा।

2018 में, जब गोले जेल से बाहर निकले तो उनके हजारों समर्थकों ने उनका स्वागत किया और अपने नेता के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए जुलूस निकाला।

SIKKIM
Sikkim Krantikari Morcha
Prem Singh Tamang
Prem Singh Gole
Chief Minister oath
Gangtok

Related Stories

योगी को फिर मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की मज़बूती दर्शाता है या मजबूरी?

योगी आदित्यनाथ आज शाम चार बजे दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे

महाराष्ट्र में उद्धव राज 

बिना किसी सदन का सदस्य बने गद्दी पर बैठेंगे उद्धव, होंगे ऐसे 8वें मुख्यमंत्री

महाराष्ट्र में हुए इस सियासी ड्रामे को 'लोकतंत्र से विश्वासघात' क्यों कहा जाना चाहिए?

दोहरी नागरिकता और सिक्किम का टाइम बम

अनुच्छेद 370 : अगला निशाना उत्तर-पूर्व होने की आशंका!

आंध्र में चंद्रबाबू सत्ता से बाहर, ओडिशा में नवीन पटनायक की वापसी

चुनावों में नॉर्थ-ईस्ट की एक स्पष्ट झलक

पहले चरण में 20 राज्यों की 91 सीटों पर मतदान, कई दिग्गज मैदान में


बाकी खबरें

  • मालिनी सुब्रमण्यम
    छत्तीसगढ़ : युद्धग्रस्त यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों ने अपने दु:खद अनुभव को याद किया
    09 Mar 2022
    कई दिनों की शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलने के बाद, अंततः छात्र अपने घर लौटने कामयाब रहे।
  • EVM
    श्याम मीरा सिंह
    मतगणना से पहले अखिलेश यादव का बड़ा आरोप- 'बनारस में ट्रक में पकड़ीं गईं EVM, मुख्य सचिव जिलाधिकारियों को कर रहे फोन'
    08 Mar 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव परिणामों में गड़बड़ी की आशंकाओं के बीच अपनी पार्टी और गठबंधन के कार्यकर्ताओं को चेताया है कि वे एक-एक विधानसभा पर नज़र रखें..
  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    मालिक महान है बस चमचों से परेशान है
    08 Mar 2022
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में संजय राजौरा आज बात कर रहे हैं Ukraine और Russia के बीच चल रहे युद्ध के बारे में, के जहाँ एक तरफ स्टूडेंट्स यूक्रेन में अपनी जान बचा रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार से सवाल…
  •  DBC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी, कहा- आश्वासन नहीं, निर्णय चाहिए
    08 Mar 2022
    DBC के कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।  ये कर्मचारी 21 फरवरी से लगातार हड़ताल पर हैं। इस दौरान निगम के मेयर और आला अधिकारियो ने इनकी मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया। परन्तु…
  • Italy
    पीपल्स डिस्पैच
    इटली : डॉक्टरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ हड़ताल की
    08 Mar 2022
    इटली के प्रमुख डॉक्टरों ने 1-2 मार्च को 48 घंटे की हड़ताल की थी, जिसमें उन्होंने अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग की और स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ चेतवनी भी दी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License