NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पीड़ित छात्रा पर एसआईटी ने शिकंजा कसा!, कोर्ट में अग्रिम ज़मानत की अर्जी मंज़ूर
ताज़ा ख़बर है कि शाहजहांपुर कोर्ट ने छात्रा को फ़ौरी राहत देते हुए उनकी अग्रिम ज़मानत की याचिका स्वीकार कर ली है। अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।
असद रिज़वी
24 Sep 2019
chinmayanand case
Image courtesy:News18

जैसे कि कई दिन से आशंका थी,वही हुआ। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़ित छात्रा को आज, मंगलवार को विशेष जाँच दल (एसआईटी) ने कथित तौर से हिरासत में ले लिया। हालांकि ताज़ा ख़बर ये है कि शाहजहांपुर कोर्ट ने छात्रा को फ़ौरी राहत देते हुए उनकी अग्रिम ज़मानत की याचिका स्वीकार कर ली है। अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।

आपको बता दें कि पीड़िता ने अपनी गिरफ़्तारी की आशंका जताते हुए, सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी गिरफ़्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे ख़ारिज करते हुए निचली अदालत में जाने को कहा था। इसके बाद  
पीड़िता ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक के लिए शाहजहांपुर की स्थानीय अदालत में याचिका की थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार जब पीड़िता जो लॉ की छात्रा भी है, अपनी याचिका अदालत में लगाने के लिए जा रही थी उसी समय पुलिस ने उसे रास्ते में रोक लिया और अपने साथ ले गई। गौरतलब है पुलिस ने पीड़िता के खिलाफ चिन्मयानंद से जबरन पांच करोड़ रंगदारी माँगने का मामला भी दर्ज किया है।

इसे भी पढ़ें : चिन्मयानंद प्रकरण : एसआईटी ने जानबूझकर कमज़ोर किया मुकदमा?

बताया जाता है कि मंगलवार को पीड़िता अपने भाई और साथ अदालत जा रही थी। एसआईटी और पुलिस को सूचना मिली कि छात्रा बिना आज्ञा के घर से बाहर निकली है। एसआईटी अधिकारियों ने अदालत जाने के रास्ते में ही छात्रा को रोक लिया।छात्रा को शाहजहाँपुर के खिरनीबाग चौराहा पर रोक कर एसआईटी ने उससे सवाल जवाब किये।
सूत्रों के अनुसार पीड़ित छात्रा अदालत में हस्ताक्षर करने जा रही थी। अब एसआईटी ने उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनाती कर दिया है।

क़ानून के जानकर मानते हैं पीड़िता पर वसूली का मामला नहीं बनता है। अधिवक्ता साक़िब सिद्दीक़ी कहते हैं केवल पीड़िता को फ़ंसाने के लिए ज़बरन वसूली का मामला लगाया गया है। जबकि यह मामला उस समय बनता,अगर पीड़िता ने चिन्मयानंद को जान से मारने की धमकी देकर उनसे पैसे मांगे होते।

इसे भी पढ़ें :चिन्मयानंद प्रकरण : बीजेपी किसे बचा रही है, बेटी को या अपने आरोपी नेताओं को?

अधिवक्ता साक़िब सिद्दीक़ी के अनुसार पूरे मामले में पीड़िता ने कभी भी चिन्मयानंद को धमकी देकर पैसे की मांग नहीं की। साक़िब सिद्दीक़ी का कहना है की क्यूँकि ज़बरन वसूली के मामले में 10 साल की सज़ा है और इसमें गिरफ़्तारी की जा सकती है इसलिए पीड़िता को इस मामले में फँसा कर जेल भेजने की कोशिश हो रही है। जिस से पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाया जा सके और चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ मामला हल्का किया जा सके।

Swami Chinmayananda
Chinmayanand Rape Case
BJP
rape case
crimes against women
violence against women
sit

बाकी खबरें

  • रवि शंकर दुबे
    दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन
    13 May 2022
    फ़िलिस्तीन में इज़रायली सेना द्वारा मारी गईं अल-जज़ीरा की पत्रकार शिरीन अबु अकलेह के समर्थन में राजधानी दिल्ली के राजीव चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया।
  • marital rape
    न्यूज़क्लिक टीम
    मैरिटल रेप को अपराध मानने की ज़रूरत क्यों?
    13 May 2022
    भारत में आज भी शादी के बाद हुए बलात्कार को बलात्कार नहीं माना जाता है। सेक्शन 375 का exception 2 कहता है कि अगर बलात्कार पति करे तो उसे बलात्कार या मैरिटल रेप न माना जाए। न्यूज़क्लिक के इस विडियो में…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कांग्रेस चिंता शिविर में सोनिया गांधी ने कहा : गांधीजी के हत्यारों का महिमामंडन हो रहा है!
    13 May 2022
    जोधपुर में आयोजित हुए कांग्रेस के नव संकल्प चिंतन शिविर में पार्टी के ढांचागत बदलाव के साथ-साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
  • sedition
    न्यूज़क्लिक टीम
    राजद्रोह कानून से मुक्ति मिलने की कितनी संभावना ?
    13 May 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन पीनल कोड की धारा 124 A की संवैधानिकता की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि हम यह उम्मीद और अपेक्षा करते हैं कि जब तक यह मामला विचाराधीन है तब तक केंद्र और राज्य सरकार धारा…
  • लव पुरी
    जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास
    13 May 2022
    क्या आयोग ने अपनी सिफारिशों में पाकिस्तान-नियंत्रित कश्मीर से आने वाले प्रवासियों के संबंध में सभी राजनीतिक, ऐतिहासिक, क़ानूनी एवं मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखा है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License