NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पन्ना टाइगर रिज़र्व के आदिवासी : जबरन बेदख़ली, अधूरे वादे
1993 में पन्ना के जंगलों को पन्ना नेशनल पार्क बनाया गया था। उसी वक़्त से भारत के 22वें और मध्य प्रदेश के इस 5वें टाइगर रिज़र्व में रहने वाले हज़ारों आदिवासियों को बेदख़ल किया गया है। सरकार के फ़ैसलों ने आदिवासियों को धोखा दिया है उन्हें निराश किया है। हालांकि सरकार ने उनसे जंगलों के बाहर एक सम्मानजनक जीवन के वादे किए थे, लेकिन उन वादों को कभी पूरा नहीं गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Aug 2019

1993 में पन्ना के जंगलों को पन्ना नेशनल पार्क बनाया गया था। उसी वक़्त से भारत के 22वें और मध्य प्रदेश के इस 5वें टाइगर रिज़र्व में रहने वाले हज़ारों आदिवासियों को बेदख़ल किया गया है। सरकार के फ़ैसलों ने आदिवासियों को धोखा दिया है उन्हें निराश किया है। हालांकि सरकार ने उनसे जंगलों के बाहर एक सम्मानजनक जीवन के वादे किए थे, लेकिन उन वादों को कभी पूरा नहीं गया।

पन्ना, मध्य प्रदेश से न्यूज़क्लिक की ग्राउंड रिपोर्ट। 

Tribals of Panna Tiger Reserve
tribles
panna national park
panna forest
;MADHYA PRADESH
trible rights
tribles land
SC/ST/OBC

Related Stories

महामारी और अनदेखी से सफ़ाई कर्मचारियों पर दोहरी मार

यूपी: भर्ती और नियुक्ति घोटाले के बीच योगी सरकार पर लगातार उठते सवाल!

SC ने केंद्र से वैक्सीन क़ीमतों पर किया सवाल, मप्र में अस्पतालों का बुरा हाल और अन्य ख़बरें

हक़ीक़त तो यही है कि सरकारी कंपनियां प्राइवेट में तब्दील होने पर आरक्षण नहीं देतीं

जेलों में बंद कैदियों में से 66% कैदी एससी/एसटी और ओबीसी हैं: सरकारी आंकड़े

जाति-वटवृक्ष के पत्ते नहीं, जड़ें काटने की ज़रूरत!

नागरिकता संशोधन क़ानून से आदिवासियों को डर

छत्तीसगढ़ : सरकार नई, नीति पुरानी

त्वरित टिप्पणी :  सुप्रीम कोर्ट ने अपनी 'ग़लती' सुधारी

दलित आंदोलन की जीत: सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2018 के फैसले को वापस लिया


बाकी खबरें

  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर में उपभोक्ता क़ानून सिर्फ़ काग़ज़ों में है 
    28 Mar 2022
    सैंकड़ों उपभोक्ताओं की शिकायतों का अभी तक कोई हल नहीं हुआ है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से एक भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। क़ानूनों को बड़ी तेज़ी से निरस्त और लागू किया जा रहा है, लेकिन…
  • सोनिया यादव
    'राइटिंग विद फायर’ को नहीं मिला ऑस्कर, लेकिन 'खबर लहरिया' ने दिल ज़रूर जीत लिया
    28 Mar 2022
    खबर लहरिया देश का अकेला ऐसा न्यूज़ नेटवर्क है जिसे सिर्फ़ महिलाएं चलाती हैं। यह महिलाएं दलित, मुस्लिम, आदिवासी और पिछड़ी माने जाने वाली जातियों से हैं, जिन्होंने पिछले 20 साल में सुदूर ग्रामीण इलाकों…
  • एम.ओबैद
    बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता
    28 Mar 2022
    देश भर में जारी ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय आम हड़ताल का व्यापक असर बिहार में भी देखने को मिला है। इस हड़ताल का सभी वर्गों ने समर्थन किया और इसमें शामिल हुए।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    संसद अपडेट: लोकसभा में मतविभाजन के जरिये ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक’ पेश, राज्यसभा में उठा महंगाई का मुद्दा
    28 Mar 2022
    लोकसभा में सोमवार को ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022’ और संविधान (अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक पेश किया गया।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    ऑस्कर 2022: स्मिथ और जेसिका सर्वश्रेष्ठ अभिनेता व अभिनेत्री, ‘ड्राइव माय कार’ सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म
    28 Mar 2022
    सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर के लिए ‘एनकैंटो’ ने ऑस्कर जीता जबकि भारतीय वृत्तचित्र ‘राइटिंग विद फायर’ को ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र की श्रेणी में ‘समर ऑफ सोल’ ने मात दे दी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License