NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पुणे में भावनाएँ भड़काने के आरोप में मेवानी, खालिद पर मामला दर्ज
शिकायत में छात्र ने 31 दिसम्बर को पुणे के शनिवारवाड़ा में मेवानी और खालिद द्वारा दिए गए भाषण पर आपत्ति जताई है। 
आईएएनएस
04 Jan 2018
umar khalid
Image Courtesy: The New Indian Express

पुणे, 4 जनवरी (आईएएनएस) पुलिस ने गुजरात के दलित नेता व विधायक जिग्नेश मेवानी और जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ कथित रूप से समुदायों के बीच भावनाओं को भड़काने आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। यह प्राथमिकी पुणे के 22 वर्षीय छात्र अक्षय जी. बिक्कड़ की शिकायत पर बुधवार देर रात दर्ज की गई। शिकायत में छात्र ने 31 दिसम्बर को पुणे के शनिवारवाड़ा में मेवानी और खालिद द्वारा दिए गए भाषण पर आपत्ति जताई है। 

अपनी शिकायत में बिक्कड़ ने कहा कि उस दिन आयोजित 'यलगार परिषद' में दोनों वक्ताओं ने भड़काऊ भाषण दिए, जो सुमदायों के बीच गलतफहमी को बढ़ा सकते हैं।

शिकायत में मेवानी के भाषण के अंश दिए गए है, जिसमें मेवानी ने कहा कि '(एक जनवरी 1881) कोरेगांव-भीमा का युद्ध भविष्य की जंग हो सकती है। अगर वे हमला करते हैं तो यह समय उनको जवाब देने का होगा और इस जंग में जीत हासिल कर हम अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देंगे। 'नई पेशवाई' को कुचल देना कोरेगांव-भीमा युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि हो सकता है।'

शिकायत में खालिद के भाषण के भी अंश हैं जिसके मुताबिक खालिद ने कहा, 'अगर हम इस नई पेशवाई के खिलाफ जंग को जीतना चाहते हैं तो हमें कोरेगांव-भीमा की जंग को आगे ले जाना होगा। अगर हमें इस संघर्ष को आगे ले जाना है तो यह सब केवल चुनावी राजनीति से हासिल नहीं किया जा सकता।"

खालिद ने कथित रूप से कहा, "मेरा मानना है कि जो लोग सार्वजनिक हित के लिए लड़ते हैं, उन्हें गुजरात, महाराष्ट्र के साथ साथ संसद में तो जगह बनानी होगी लेकिन जाति प्रथा को केवल सड़कों पर उतरकर ही जड़ से उखाड़ा जा सकता है। एक जाति का दूसरी जाति पर प्रभुत्व सड़कों पर उतरकर ही खत्म ही किया जा सकता है।"

शिकायत में कहा गया है कि यह 'भड़काऊ भाषण समुदायों के बीच दुश्मनी और खाई को बढ़ा सकते हैं' और 'इसी उकसावे के कारण कोरेगांव-भीमा स्थित विजय स्तंभ पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया, नतीजन एक जनवरी को दंगे और आगजनी हुई।'

पुणे पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के कुछ घंटों बाद, मुंबई पुलिस ने विले पार्ले में गुरुवार सुबह निर्धारित छात्र भारती द्वारा समर्थित अखिल भारतीय राष्ट्रीय छात्र सम्मेलन को इजाजत देने से मना कर दिया। 

यह कदम महाराष्ट्र में फैली अशांति के बाद उठाया गया। इस अशांति की शुरुआत 29 दिसम्बर को वाधु बुद्रुक में एक स्मारक के अपवित्र करने से हुई, जिसके बाद कोरेगांव-भीमा में एक जनवरी को दंगे हुए जिसमें एक की मौत हो गई। उसके बाद महाराष्ट्र बंद के कारण राज्य भर में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई और बंद के दौरान भी एक युवक की मौत हो गई। 

Umar khalid
Jignesh Mevani
bheema koregaon
Dalit assertion
BJP-RSS
Hindutva

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

ज्ञानवापी कांड एडीएम जबलपुर की याद क्यों दिलाता है

मनोज मुंतशिर ने फिर उगला मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हर, ट्विटर पर पोस्ट किया 'भाषण'

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

बीमार लालू फिर निशाने पर क्यों, दो दलित प्रोफेसरों पर हिन्दुत्व का कोप

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

इतवार की कविता: वक़्त है फ़ैसलाकुन होने का 

दलितों में वे भी शामिल हैं जो जाति के बावजूद असमानता का विरोध करते हैं : मार्टिन मैकवान


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License