NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फिलिस्तीन
फिलिस्तीन के विरुद्ध इसरायली युद्ध और भारत
विजय प्रसाद
21 Aug 2014

चित्र सौजन्य: stopthewall.org
8 जुलाई 2014 को इजराइल ने गाजा पट्टी मे रह रहे फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ “ऑपरेशन सुरक्षा एज” के नाम पर हमला बोल दिया । इस कार्रवाई के पीछे कारण काफी विवादास्पद रहा है। इसराइल कहता है कि उसने यह हमला हमास द्वारा तीन इजरायली किशोरों के अपहरण, उनकी हत्या और इसराइल में हमास द्वारा रॉकेट दागने की क्षमता समाप्त करने की वजह से किया है। हमास ने साफ़ तौर पर तीन किशोरों का अपरहण करने या उन्हें मारने से इनकार किया है, और साथ ही यह भी कहा कि वह 2012 के युद्धविराम की कद्र करता है(30 जून को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने इसे स्वीकार किया)। हमास ने कहा कि उसने इजराइल पर रोकेट तब दागे जब इजराइल ने वेस्ट बैंक में बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां की और 7 जुलाई को हवाई हमला किया जिसमें 9 फिलिस्तीनी मारे गए। आगे पढ़ें

 

विजय प्रषाद (vp01@aub.edu.lb) The Poorer Nations: A Possible History of the Global South (New Delhi: LeftWord), 2013  के लेखक हैं, साथ ही बैरुत विश्वविद्यालय में एडवर्ड सेड चेयर भी हैं।

 

डिस्क्लेमर:- उपर्युक्त लेख मे व्यक्त किए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं, और आवश्यक तौर पर न्यूज़क्लिक के विचारो को नहीं दर्शाते ।

बान की मून
गाज़ा
इजराइल
जॉर्डन
महमूद अब्बास
नेतन्याहू
UN
अमरीका
वेस्ट बैंक

Related Stories

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

कार्टून क्लिक: पर्यटन की हालत पर क्यों मुस्कुराई अर्थव्यवस्था!

संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने स्टेन स्वामी के निधन पर दुख जताया

यूएन में आईसीजे ने कहा, पाकिस्तान ने जाधव मामले में वियना संधि का उल्लंघन किया

क्यों लगा भारतीय सुप्रीम कोर्ट पर संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा आरोप?

भारत-पाकिस्तान शिमला समझौता याद रखें और संयम बरतें : संयुक्त राष्ट्र

महिलाओं के बिना अधूरा है युद्ध और शांति का विमर्श

9 अगस्त , विश्व आदिवासी दिवस

कश्मीर की रिपोर्ट ख़ारिज करने पर भारत से यूएन नाख़ुश

अमेरिकी सरकार हर रोज़ 121 बम गिराती हैः रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • Asha Usha workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार
    07 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने शिवराज सरकार की बढ़ती 'तानाशाही' की निंदा करते हुए कहा, "शिवराज सरकार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनितिक दल के कार्यालय में ही पुलिस को बिना आदेश ही नहीं घुसा रही है,…
  • Syrian refugees
    सोनाली कोल्हटकर
    क्यों हम सभी शरणार्थियों को यूक्रेनी शरणार्थियों की तरह नहीं मानते?
    07 Mar 2022
    अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, सीरिया, सोमालिया, यमन और दूसरी जगह के शरणार्थियों के साथ यूरोप में नस्लीय भेदभाव और दुर्व्यवहार किया जाता रहा है। यूक्रेन का शरणार्थी संकट पश्चिम का दोहरा रवैया प्रदर्शित कर रहा…
  • air pollution
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हवा में ज़हर घोल रहे लखनऊ के दस हॉटस्पॉट, रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार किया एक्शन प्लान
    07 Mar 2022
    वायु गुणवत्ता सूचकांक की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहर अब भी प्रदूषण के मामले में शीर्ष स्थान पर हैं। इन शहरों में लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद जैसे बड़े शहर प्रमुख हैं।
  • Chaudhary Charan Singh University
    महेश कुमार
    मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भर्ती विज्ञापन में आरक्षण का नहीं कोई ज़िक्र, राज्यपाल ने किया जवाब तलब
    07 Mar 2022
    मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए सहायक शिक्षक और सहआचार्य के 72 पदों पर भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला था। लेकिन विज्ञापित की गई इन भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और…
  • shimla
    टिकेंदर सिंह पंवार
    गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है
    07 Mar 2022
    स्मार्ट सिटी परियोजनाएं एक बड़ी विफलता हैं, और यहां तक कि अब सरकार भी इसे महसूस करने लगी है। इसीलिए कभी खूब जोर-शोर से शुरू की गई इस योजना का नए केंद्रीय बजट में शायद ही कोई उल्लेख किया गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License