NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीनियों ने ट्रम्प के तथाकथित "शांति प्रस्ताव" को नकारा
"सदी का तथाकथित समझौता" फिलिस्तीनी आंदोलन के द्वि-राष्ट्र समाधान को लेकर लंबे समय से अमेरिकी रुख के ख़िलाफ़ है।
पीपल्स डिस्पैच
29 Jan 2020
फिलिस्तीनियों ने ट्रम्प के तथाकथित "शांति प्रस्ताव" को नकारा

फिलिस्तीनियों ने 28 जनवरी को घोषणा किए गए डोनाल्ड ट्रम्प के सदी के तथाकथित समझौते को नकार दिया है। इसको लेकर वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हुए।

अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार पैलिस्टिनियन अथॉरिटी की एक अभूतपूर्व आपातकालीन बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने कहा कि “फिलिस्तीन बिक्री के लिए नहीं है। सदी का ये समझौता इतिहास का कूड़ादान है।"

ट्रंप ने 28 जनवरी की शाम को व्हाइट हाउस में बगल में खड़े इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ इस समझौते की घोषणा की। ट्रम्प ने इसे "सभी के लिए बेहतर समाधान" कहा जो द्वि-राष्ट्र समाधान को सुरक्षित करेगा। ये रिपोर्ट उनके दामाद जेरेड कुशनर और अन्य द्वारा तैयार की गई थी।

इस प्रस्ताव की लेबनान में हिजबुल्लाह और तुर्की जैसे विभिन्न क्षेत्रीय देशों द्वारा भी निंदा की गई थी। इजरायली केसेट में अरब संयुक्त ने भी इस योजना की निंदा की।

इजरायल चुनावों के चलते कई महीनों तक इस समझौते को सामने लाने में देरी हुई। हालांकि, पिछले साल जून में इस समझौते के आर्थिक पहलू को सामने लाया गया था जिसके अनुसार वे 50 बिलियन डॉलर के इस समझौते स्वीकार करते हैं जो फिलिस्तीन की अर्थव्यवस्था में मदद करने के लिए निवेश होगा।

ट्रम्प के अनुसार इस समझौता के तहत फिलिस्तीनियों को एक ऐसा राज्य दिया जाएगा जिसकी भूमि उस क्षेत्र से दोगुनी होगी जो फिलिस्तीन की ऐतिहासिक मांग है उसके बदले में फिलिस्तीनियों को वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम पर इजरायली संप्रभुता को स्वीकार करना होगा। इस समझौते के अनुसार फिलिस्तीनियों की राजधानी पूर्वी येरुशलम में कहीं हो सकती है और अविभाजित यरुशलम इजरायल की राजधानी होगी।

यह समझौता जॉर्डन घाटी और सुरक्षा कारणों से सभी सीमाओं पर इजरायल के नियंत्रण का प्रस्ताव भी करता है, लेकिन फिलिस्तीनियों के लिए राजमार्गों के माध्यम से क्षेत्रीय निरंतरता बनाए रखने का वादा करता है। यह चार साल के लिए नई बस्तियों के निर्माण पर रोक का प्रस्ताव करता है जिस अवधि में दोनों पक्षों को इस समझौते का निपटारा करना चाहिए।

फिलिस्तीनी 1967 की सीमाओं के अनुसार राज्य की मांग करते हैं जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम हो। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इन क्षेत्रों के अंदर कब्जे वाले क्षेत्रों और यहूदी बस्तियों पर इजरायल का नियंत्रण अवैध है।

Palestine
Gaza
USA
Donald Trump
Israel
Benjamin Netanyahu

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?

क्या पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर के लिए भारत की संप्रभुता को गिरवी रख दिया गया है?

अमेरिका में नागरिक शिक्षा क़ानूनों से जुड़े सुधार को हम भारतीय कैसे देखें?

भारतीय वामपंथियों ने क्यूबा के क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो की 5वीं पुण्यतिथि पर उनके जीवन को याद किया

क्यूबा के प्रति अमेरिका की बीमार मनोग्रंथि 

भारत को अफ़ग़ानिस्तान पर प्रभाव डालने के लिए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की ज़रूरत है

'जितनी जल्दी तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान को स्थिर करने में मदद मिलेगी, भारत और पश्चिम के लिए उतना ही बेहतर- एड्रियन लेवी

विश्लेषण: मोदी की बेचारगी से भरी अमेरिका यात्रा


बाकी खबरें

  • language
    न्यूज़क्लिक टीम
    बहुभाषी भारत में केवल एक राष्ट्र भाषा नहीं हो सकती
    05 May 2022
    क्या हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देना चाहिए? भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष से लेकर अब तक हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की जद्दोजहद कैसी रही है? अगर हिंदी राष्ट्रभाषा के तौर पर नहीं बनेगी तो अंग्रेजी का…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    "राजनीतिक रोटी" सेकने के लिए लाउडस्पीकर को बनाया जा रहा मुद्दा?
    05 May 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार सवाल उठा रहे हैं कि देश में बढ़ते साम्प्रदायिकता से आखिर फ़ायदा किसका हो रहा है।
  • चमन लाल
    भगत सिंह पर लिखी नई पुस्तक औपनिवेशिक भारत में बर्तानवी कानून के शासन को झूठा करार देती है 
    05 May 2022
    द एग्ज़िक्युशन ऑफ़ भगत सिंह: लीगल हेरेसीज़ ऑफ़ द राज में महान स्वतंत्रता सेनानी के झूठे मुकदमे का पर्दाफ़ाश किया गया है। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल
    05 May 2022
    राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अगर गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने वाला फ़ैसला आता है, तो एक ही जेंडर में शादी करने जैसे दूसरे अधिकार भी ख़तरे में पड़ सकते हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अंकुश के बावजूद ओजोन-नष्ट करने वाले हाइड्रो क्लोरोफ्लोरोकार्बन की वायुमंडल में वृद्धि
    05 May 2022
    हाल के एक आकलन में कहा गया है कि 2017 और 2021 की अवधि के बीच हर साल एचसीएफसी-141बी का उत्सर्जन बढ़ा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License