NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकरजीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया
सर्विस सेक्टर की कंपनियों का सर्वे हो रहा था। इसके लिए NSSO ने कारपोरेट मंत्रालय से सर्विस सेक्टर की कंपनियों का डेटा लिया। जब उन कंपनियों का पता लगाने गए तो मालूम ही नहीं चल पाया।15 प्रतिशत कंपनियाँ ऐसी थीं जो लापता थीं। 21 प्रतिशत कंपनियाँ ऐसी निकलीं जिनका पता तो था मगर बंद हो चुकी थीं। क़रीब 36 प्रतिशत ऐसी फ़र्ज़ी कंपनियों का इस्तमाल कर भारत सरकार ने जी डी पी के आँकड़े को चमकाया है।
रवीश कुमार
09 May 2019
gdp scam

 

जीडीपी का आँकड़ा बढ़ा-चढ़ा कर बताने के लिए फ़र्ज़ी कंपनियों का इस्तमाल किया गया है। नेशनल सैंपल सर्वे (NSSO) ने एक साल लगाकर एक सर्वे किया मगर उसकी रिपोर्ट दबा दी गई। पहली बार सर्विस सेक्टर की कंपनियों का सर्वे हो रहा था। इसके लिए NSSO ने कारपोरेट मंत्रालय से सर्विस सेक्टर की कंपनियों का डेटा लिया। जब उन कंपनियों का पता लगाने गए तो मालूम ही नहीं चल पाया।15 प्रतिशत कंपनियाँ ऐसी थीं जो लापता थीं। 21 प्रतिशत कंपनियाँ ऐसी निकलीं जिनका पता तो था मगर बंद हो चुकी थीं। क़रीब 36 प्रतिशत ऐसी फ़र्ज़ी कंपनियों का इस्तमाल कर भारत सरकार ने जी डी पी के आँकड़े को चमकाया है। मेरे हिसाब से भारत की जनता को उल्लू बनाया है। जब सर्वे रिपोर्ट में पोल खुली तो रिपोर्ट दबा दी गई।

आप जानते हैं कि 2015 में जी डी पी आँकने की पद्धति को बदल दिया गया। उस वक्त भी इस क्षेत्र के जानकारों ने सवाल उठाए। एन नागराज ने कहा कि जी डी पी जोड़ने के लिए कारपोरेट मंत्रालय से जिन कंपनियों का बहीखाता लिया गया है, वे सही हैं या नहीं इसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। नागराज ने फिर से यह माँग की है। एन नागराज मुंबई स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट आफ डेवलपमेंट में सांख्यिकीय विद्वान हैं। वे चाहते हैं कि राष्ट्रीय बहीखाते( जी डी पी) में इन आँकड़ों का इस्तमाल करने से पहले कारपोरेट मंत्रालय के डेटा को रिसर्चर के हवाले किया जाए ताकि वे सत्यता की जाँच कर सके।

यह बहुत बड़ा घपला है। जनता से झूठ बोलने का अपराध गंभीर होता है। प्रधानमंत्री मोदी कई लाख काग़ज़ी कंपनियों को बंद करने का दावा करते हैं। लेकिन अब सामने आ रहा है कि वे ख़ुद इन काग़ज़ी कंपनियों का इस्तमाल कर रहे हैं ताकि जी डी पी की दर बढ़ी नज़र आए। क्या देश की अर्थव्यवस्था उन्होंने इतनी बर्बाद कर दी है कि जी डी पी के फ़र्ज़ी आँकड़े तैयार किए जा रहे हैं?

भारत में आँकड़ों के आधार पर आँकलन करने वाली जितनी भी संस्थाएँ उन्हें बर्बाद कर दिया गया। दिसंबर महीने में राष्ट्रीय सांख्यिकीय परिषद( NSC) के दो सदस्यों ने इस्तीफ़ा दिया क्योंकि बेरोज़गारी की रिपोर्ट दबा दी गई। 45 साल में सबसे अधिक बेरोज़गारी के आँकड़े आ गए थे। इसके विरोध में दो सदस्यों ने इस्तीफ़ा दिया। छह महीने हो गए उनकी जगह नया सदस्य नहीं आया है। श्रम मंत्रालय जो सर्वे करता था, जिससे बेरोज़गारी की नियमित जानकारी मिलती थी उसे बंद कर दिया गया। जबकि दुनिया भर में भारत के इन आँकड़ों की विश्वसनीयता थी। कहा गया कि नई मुकम्मल व्यवस्था बनेगी मगर वो आज तक नहीं बन पाई।

नई जी डी पी में जब दिखा कि यूपीए के समय जी डी पी का औसत बढ़ गया है तो उसका खंडन कराया गया। वित्त मंत्री 8 प्रतिशत जी डी पी पहुँचाने की बात करते रहे। डबल डिजिट का भी झाँसा दिया गया लेकिन अब उसकी बात नहीं होती। विश्व गुरु भारत अगर झूठ के आधार पर परचम लहराएगा तो दुनिया हम पर हंसेगी और हंस रही है।

जीडीपी वाली लाइव मिंट के प्रमित भट्टाचार्य की रिपोर्ट है। हाल ही में लाइव मिंट में सांख्यिकीय संस्थाओं में गिरावट पर अच्छी रिपोर्ट आई था। हिन्दी के पाठक अवश्य पढ़ें। हिन्दी के अख़बार और चैनलों में ऐसी ख़बरें नहीं होतीं। वहाँ मोदी और शाह के बयानों से जगह भर दी जाती है। यह कोशिश है कि हिन्दी की जनता बेवक़ूफ़ बने।

यही नहीं झूठे आँकड़े देकर बीजेपी के समर्थकों को भी उल्लू बनाया गया। उन्हें लगा कि वाक़ई कमाल हो गया है। नरेंद्र मोदी भले ही राजनीति के लिए थर्ड क्लास भाषा बोल रहे हैं मगर अर्थव्यवस्था में एक नंबर का काम कर रहे हैं। अब तो यह भी झूठ पर आधारित निकला। व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में ऐसे दर्जनों मीम बनाकर समर्थकों को फार्वर्ड करने के लिए दिया गया। समर्थकों को लगा कि भारत सुपर पावर बन गया है। यह पहली सरकार है जो अपने समर्थकों से भी झूठ बोलती है। समर्थक इस झूठ के आधार पर आई टी सेल का काम करने लग जाते हैं। पहले उन्हें बेवक़ूफ़ बनाती है फिर देश को। अगर सही डेटा आता तो लोग सवाल पूछ रहे होते। क्या मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था चौपट कर दी है?

 
gdp scam
GDP growth
corporate ministry
gdp scam and corporate ministry
nsso survey on service sector

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22: क्या महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था के संकटों पर नज़र डालता है  

आर्थिक रिकवरी का पाखण्ड

देखो GDP का कमाल, किसान और भी बदहाल

कोरोना के क़हर से अब तक उबर नहीं पाई है भारत की जीडीपी

मजबूत सरकार से हाहाकारः मजबूर सरकार की दरकार

7 साल: कैसे कम हुआ “शूरवीर” का पराक्रम

मोदी सरकार 2.O के दो साल: विकास तथा राष्ट्रवाद का झंडा और नफ़रत का एजेंडा!

दो तालिकाओं में झलकती देश की वास्तविक अर्थव्यवस्था

कार्टून क्लिक: ये जीडीपी क्या बला है!


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    भाषा सिंह
    बात बोलेगी: सावित्री बाई फुले को याद करना, मतलब बुल्ली बाई की विकृत सोच पर हमला बोलना
    03 Jan 2022
    सवाल यह है कि जिन लोगों ने, सावित्री बाई फुले के ऊपर कीचड़ डाला था, उनके ख़िलाफ गंदी-अश्लील टिप्पणी की थी, वे 2022 में कहां हैं। वे पहले से अधिक खूंखार हो गये हैं, पहले से ज्यादा बड़े अपराधी—जिन्हें…
  • stop
    सोनिया यादव
    ‘बुल्ली बाई’: महिलाओं ने ‘ट्रोल’ करने के ख़िलाफ़ खोला मोर्चा
    03 Jan 2022
    मुस्लिम महिलाओं को ‘ट्रोल’ करने की कोशिश के बीच विपक्ष के साथ-साथ महिला संगठनों और आम लोगों ने सोशल मीडिया पर इस मामले में सरकार और पुलिस की सक्रियता और कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः एनएमसीएच के 84 डॉक्टर कोरोना पॉज़िटिव, मरीज़ों में कोरोना चेन बनने का ख़तरा
    03 Jan 2022
    एनएमसीएच में डॉक्टरों समेत 194 लोगों का सैंपल लिया गया था। 84 डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आशंका बढ़ गई है कि अस्पताल के कई मेडिकल स्टॉफ भी चपेट में आ सकते हैं।
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : जारी है एचईसी मज़दूरों की हड़ताल, साथ आए सभी विपक्षी दल
    03 Jan 2022
    एचईसी के मज़दूरों के टूल डाउन और हड़ताल को एक महीना हो गया है और अभी भी वो जारी है, ऐसा एचईसी के इतिहास में पहली बार हुआ है।
  • covid
    ऋचा चिंतन
    नहीं पूरा हुआ वयस्कों के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य, केवल 63% को लगा कोरोना टीका
    03 Jan 2022
    पहले केंद्र ने दिसंबर 2021 के अंत तक भारत में सभी वयस्क आबादी के पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल कर लेने का लक्ष्य घोषित किया था। जबकि हकीकत यह है कि करीब 9.73 करोड़ वयस्कों को अभी भी दोनों खुराक दी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License