NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
हर नन्ही याद को, हर छोटी भूल को नए साल की शुभकामनाएँ!
नये साल 2020 की आमद पर आइए पढ़ते हैं सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की एक ख़ास कविता
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
01 Jan 2020
flower
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : गूगल

नए साल की शुभकामनाएँ!
 

खेतों की मेड़ों पर धूल भरे पाँव को
कुहरे में लिपटे उस छोटे से गाँव को
नए साल की शुभकामनाएं!

जाँते के गीतों को बैलों की चाल को
करघे को कोल्हू को मछुओं के जाल को
नए साल की शुभकामनाएँ!

इस पकती रोटी को बच्चों के शोर को
चौंके की गुनगुन को चूल्हे की भोर को
नए साल की शुभकामनाएँ!

वीराने जंगल को तारों को रात को
ठंडी दो बंदूकों में घर की बात को
नए साल की शुभकामनाएँ!

इस चलती आँधी में हर बिखरे बाल को
सिगरेट की लाशों पर फूलों से ख़याल को
नए साल की शुभकामनाएँ!

कोट के गुलाब और जूड़े के फूल को
हर नन्ही याद को हर छोटी भूल को
नए साल की शुभकामनाएँ!

उनको जिनने चुन-चुनकर ग्रीटिंग कार्ड लिखे
उनको जो अपने गमले में चुपचाप दिखे
नए साल की शुभकामनाएँ!

Happy Near Year 2020
Memories 2019
poem
hindi poetry

Related Stories

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान

फ़ासीवादी व्यवस्था से टक्कर लेतीं  अजय सिंह की कविताएं

सर जोड़ के बैठो कोई तदबीर निकालो

देवी शंकर अवस्थी सम्मान समारोह: ‘लेखक, पाठक और प्रकाशक आज तीनों उपभोक्ता हो गए हैं’

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

गणेश शंकर विद्यार्थी : वह क़लम अब खो गया है… छिन गया, गिरवी पड़ा है

इतवार की कविता: के मारल हमरा गांधी के गोली हो


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    आज़मगढ़: फ़र्ज़ी एनकाउंटर, फ़र्ज़ी आतंकी मामलों को चुनावी मुद्दा बनाया राजीव यादव ने
    05 Mar 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने आज़मगढ़ की निजामाबाद विधानसभा का हाल लिया। बात की निर्दलीय उम्मीदवार, रिहाई मंच के एक्टिविस्ट राजीव यादव से, जिन्होंने आज़मगढ़ में फ़र्ज़ी एनकाउंटर और…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: सहरसा में पंचायत का फरमान बेतुका, पैसे देकर रेप मामले को रफा-दफा करने की कोशिश!
    05 Mar 2022
    रेप की घटना को पंचायत ने रफा-दफा करने के लिए अजीबोगरीब फैसला सुनाते हुए आरोपी युवक को पीड़ित परिवार को 70 हजार रुपए देने को कहा। साथ ही समझौते के जरिए मामले को दबाने की बात भी सामने रखी।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 
    05 Mar 2022
    भाकपा माले के विधायक मनोज मंजिल ने सदन में कहा, "तीन साल में मात्र 37 हज़ार शिक्षकों की बहाली की है। पूरे बिहार में साढ़े तीन लाख पद खाली पड़े हैं। नौजवानों की जवानी बर्बाद हो जा रही है। ये सरकार…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : काशी का माँझी समाज योगी-मोदी के खिलाफ
    05 Mar 2022
    यूपी चुनाव: वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों का दीदार करने के लिए देश-विदेश से सैलानी वाराणसी आते है और इन घाटों पे सैलानी नाव में यात्रा करते हैं। यहाँ के नाव चालक यानी नाविक माँझी समाज से है। वाराणसी में…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: वोट की चिंता ख़त्म होते ही बढ़ सकती है आपकी चिंता!
    05 Mar 2022
    हर जानकार यही कह रहा है कि चुनाव ख़त्म होगा तो वोट की चिंता ख़त्म होगी। वोट की चिंता ख़त्म होगी तो कीमतें अपने आप बढ़ जाएंगी। आम आदमी पर महंगाई कहर बनकर टूटने लगेगी। देखते जाइए आगे-आगे होता है क्या।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License