NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
राजस्थान में छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के मामले में अब आर-पार की लड़ाई
राजस्थान के सीकर जिले में 28 अगस्त 2019 को छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में सीपीएम के पूर्व विधायक अमराराम के नेतृत्व में हजारों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया हुआ है।
मुकुंद झा
17 Sep 2019
sikar

राजस्थान के सीकर जिले में 28 अगस्त 2019 को छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में सीपीएम के पूर्व विधायक अमराराम के नेतृत्व में हजारों ने सोमवार को कृषि उपज मंडी में सभा की।

इस सभा में पूरे सीकर जिला के हजारों छात्र-छात्राएं और सीपीएम के तमाम कार्यकर्ता शामिल हुए और इस पूरे मामले की जांच की मांग की। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहीं बैठ गए। देर रात से कलेक्ट्रेट का घेराव जारी है।

कृषि उपज मंडी में हुई सभा काे सीपीएम नेता पूर्व विधायक और किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम, भादरा विधायक बलवान पुनिया, राजस्थान किसान सभा अध्यक्ष और पूर्व विधायक पेमाराम, एसएफआई राजस्थान अध्यक्ष सुभाष जाखड़ सहित कई अन्य नेताओं ने सभा को संबाेधित किया।
70418057_922860218080542_8650666593501577216_n.jpg
बलवान पुनिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान की पुलिस जो राज्य में अवैध शराब के धंधे और भू माफिया के आगे नतमस्तक है। उसकी इतनी हिम्मत कि वो हमारी बहन बेटियों को पीटे। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी कुर्बानिया दी हैं और फिर देंगे। बेटियाें के साथ की गई बर्बरता का सूद समेत बदला लेंगे।

अमराराम ने कहा कि सीकर जिले के 30 लाख लोग इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सीकर की बेटियां लावारिस नहीं हैं। एक—एक लाठी का जवाब लिया जाएगा। पार्टी व जनसंगठनों ने लगातार शांतिपूर्ण तरीके से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चरणबद्ध आंदोलन किए मगर अफसोस है कि राजस्थान की संवेदनहीन सरकार आखों पर पट्टी व कानों में तेल डालकर बैठी हुई है। इसलिए अब हम आर पार की लड़ाई लड़ने आये हैं, जब तक दोषियों को सजा नहीं होगी हम सड़कों पर ही रहेंगे।

70250155_922860291413868_1826160488703066112_n.jpg

अमराराम ने आगे कहा कि बेटियाें पर लाठी बरसाकर पुलिस बहादुर बन गई। ये इस पुलिस पर कलंक है।

पेमाराम ने कहा पुलिस ने हमारे बच्चे और बच्चियों पर हमला करके बहुत बड़ी गलती कर दी है, इसका बदला लेंगे। हम यहां से जाएंगे नहीं।

आपको बता दें कि सोमवार शाम को सीपीएम का एक डेलिगेशन जिला कलेक्टर से मिला था लेकिन वार्ता असफल रही, अभी किसान कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर बैठे हैं। इन प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि यह लड़ाई आर-पार की है।

क्या है पूरा मामला ?

28 अगस्त को राजस्थान विश्विद्यालय छात्र संघ के चुनाव के नतीजे आये। इस दौरान सबसे बड़े कॉलेज में से एक एसके गर्ल्स कॉलेज का भी परिणाम आया। इसमें सभी प्रमुख पदों पर एसएफआई ने जीत दर्ज की लेकिन अध्यक्ष पद पर मामूली अंतर से उसकी हार हुई।

इसके बाद एसएफआई ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोबारा मतगणना की मांग की और इसको लेकर उन्होंने प्रदर्शन भी किया। जो किसी भी संगठन का लोकतान्त्रिक अधिकार है लेकिन इसके बाद पुलिस ने छात्रों पर भारी लाठी चार्ज किया। यही नहीं कई वीडियो और फोटो में दिख रहा है कि पुलिस के पुरुष कर्मचारी महिला छात्रों को बुरी तरह घसीट रहे हैं और पीट रहे हैं।

यही नहीं इसके बाद पुलिस ने सीपीएम के कार्यालय के अंदर घुसकर भी लोगों को पीटा और गिरफ़्तार किया। इस संघर्ष को व्यापारी, नागरिक, राजनैतिक, सामाजिक संगठन व राजनैतिक पार्टियों सीपीआई, सीपीई(एम), आरएलपी, बसपा, ग्रीन पार्टी ने अपना समर्थन दिया है।

इसके बाद से ही छात्रों, नौजवानों सहित इस इलाके के लोगों में भारी रोष था, तब से ही लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अमराराम के नेतृत्व में हजारों की लोगो ने सोमवार 9 सिंतबर को सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया था।

इस चक्का जाम में छात्र-छात्राएं और सीपीएम के तमाम कार्यकर्ता शामिल हुए और इस पूरे मामले की जांच की मांग की। इन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो 16 सिंतबर से आर—पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

इसे भी पढ़े:राजस्थान: छात्र-छात्राओं पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में सीकर रहा बंद

Rajasthan
Rajasthan sarkar
Student Protests
Police lathicharge on students
SFI
SFI Student
CPI(M)
Amaram

Related Stories

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा


बाकी खबरें

  • gauhati
    सबरंग इंडिया
    गुवाहाटी HC ने असम में बेदखली का सामना कर रहे 244 परिवारों को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
    20 Dec 2021
    इन परिवारों को 15 नवंबर को बेदखली का नोटिस दिया गया था; उनका कहना है कि उनके भूमिहीन पूर्वजों को राज्य सरकार द्वारा सेटलमेंट के लिए जमीन दी गई थी
  • inflation
    सुबोध वर्मा
    महंगे ईंधन से थोक की क़ीमतें बढ़ीं, कम मांग से कम हुई खुदरा क़ीमतें
    20 Dec 2021
    बाज़ार में इन दो प्रकार की क़ीमतों में यह विचित्र अंतर अर्थव्यवस्था की जर्जर स्थिति और लोगों की परेशानी को दर्शाता है।
  • Chunav Chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: यूपी चुनाव में छोटे दलों की भूमिका पर विशेष
    19 Dec 2021
    बड़ी पार्टियों की हर समय बात होती है, लेकिन छोटी पार्टियां...! इनका क्या? जबकि ये भी हर चुनाव में बड़ी भूमिका निभाती हैं। उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी इनकी अहम भूमिका रहने वाली है। सामाजिक और…
  •  What was the history of Aurangzeb
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या था औरंगज़ेब का इतिहास?
    19 Dec 2021
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस भाग में नीलांजन औरंगज़ेब के बारे में बात करते हैं इतिहासकार तनूजा से
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : "मैंने रिहर्सल की है ख़ुद को दुनियादार बनाने की..."
    19 Dec 2021
    इतवार की कविता में आज पढ़िये इमरान बदायूंनी की बेहद नए ज़ावियों पर लिखी यह ग़ज़ल...   वक़्त पे आँखें नम करने की, वक़्त पे हँसने गाने की
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License