NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
रविदास मंदिर गिराए जाने के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर उतरा दलित समुदाय  
पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए प्रदर्शनकारी ‘जय भीम’ के नारे लगा रहे थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि संबंधित जमीन दलित समुदाय को सौंप दी जाए और मंदिर दोबारा बनवाया जाए।
मुकुंद झा
21 Aug 2019
delhi protest

दिल्ली : झंडेवालान से रामलीला के बीच का पूरा रास्ता नीले रंग के झंडों से पटा हुआ था। यह पूरा रास्ता एक नीले समुद्र में बदल गया क्योंकि देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों दलितों ने राजधानी में हल्ला बोल दिया था। वजह थी रविदास मंदिर को गिराए जाने का विरोध। यह विरोध दलित समुदाय के लोग बुधवार को सड़कों पर ले आया। 
दरअसल दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर 10 अगस्त को मंदिर गिरा दिया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से दोबारा मंदिर बनाने की मांग की।

पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए प्रदर्शनकारी ‘जय भीम’ के नारे लगा रहे थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि संबंधित जमीन दलित समुदाय को सौंप दी जाए और मंदिर दोबारा बनवाया जाए।

नीली टोपी पहने हुए और झंडे लिए हुए, सभी आयु समूहों के प्रदर्शनकारियों ने अंबेडकर भवन से रामलीला मैदान तक मार्च किया। इस कारण शहर के कुछ हिस्सों में यातायात भी प्रभावित हुआ।
'जय भीम' के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज रहा था। साथ ही प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिसपर लिखा था- सरकार ने समुदाय की ज़मीन साजिश के तहत छीनी है और मंदिर का पुनर्निर्माण करो।

69300172_2568246183237492_7785262088158445568_n.jpg

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छह सौ साल पहले समतावादी संत गुरु रविदास जी ने दिल्ली का दौरा किया था, तत्कालीन शासक सिकंदर लोदी ने उनके सम्मान में मंदिर बनाया था। यह विरासत, मंदिर ने कई राजवंशों, मुगलों और अंग्रेजों का राज देखा। लेकिन लाखों अनुयायियों के विश्वास के कारण किसी शासक ने इसे छुआ नहीं। लेकिन 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस  विरासत  को ध्वस्त किया गया।
रामलीला मैदान में एक अनुमान के मुताबिक 50 हज़ार से ज़्यादा लोग जुटे। ऐसा मंज़र रामलीला मैदान ने आख़िरी बार अन्ना आंदोलन के दौरान देखा था। इसमें एक बहुत बड़ा अंतर था कि आज उतनी बड़ी संख्या में मीडिया के कैमरे नहीं थे। 
इसी मुद्दे पर 13 अगस्त को पंजाब में दलित समुदाय ने प्रदर्शन किया था।

776aa921-b41a-4ae9-bb1a-fc69efb6dba8.jpg
इस प्रदर्शन में दिल्ली की विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़लान और सामाजिक न्याय मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और इस समुदाय के आध्यात्मिक नेता मौजूद थे।

69181573_2358600530875507_5948976385853751296_n_0.jpg
रजत जो वकील और दलित कार्यकर्ता हैं उन्होंने सरकार पर अदालत में पुख्ता सबूत न रखने और जानबूझकर दलित समाज का पक्ष कमजोर करने क आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक नया दौर है जहाँ सरकार जो खुद नहीं कर पाती है उसके कोर्ट के माध्यम से करवाती है।  

सभी ने एक स्वर में मंदिर गिराए जाने का विरोध किया और सरकार से मांग की कि वो जल्दी से रविदास जी के मंदिर का पुनर्निर्माण
करे।

दिल्ली के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने इसे दलित समाज की विरासत पर हमला बताया और इसके लिए बीजेपी को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि इसका भुगतान बीजेपी को करना पड़ेगा, समाज चुप नहीं बैठेगा। 
रोहतक से आये मंजीत दलित अधिकारों को लेकर हरियाणा में संघर्ष करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शायद भूल गई है कि भारत में बहुजन आबादी दलितों और मूलनिवासी की है। इसने ही इस सरकार को जिताया है और अब यही समाज उन्हें हटाएगा भी।

666fc4da-c2a8-49ee-ac72-5701a4acb139.jpg

उन्होंने कहा कि बीजेपी की आपराधिक चुप्पी उसे भारी पड़ेगी और हम और हमारा समाज बीजेपी का आगामी हरियाणा चुनाव में बहिष्कार करेगा।  
आगे उन्होंने कहा कि अगर सरकार हमारी मांग को नहीं मानती तो 2 अप्रैल से बड़ा आंदोलन होगा। 
बिहार से आये भीम आर्मी के नेता विशाल सम्राट ने कहा कि वो और उनकी तरह ये हज़ारों-हज़ार लोग दिल्ली में अपने विरासत और समाज पर हुए हमले का विरोध करने आए हैं। वर्तमान सरकार संविधान की जगह मनुस्मृति को लागू करने का प्रयास कर रही है, लेकिन वो भूल रही है कि अब दलित समाज जाग चुका है और उनके हर हमले का जवाब देगा।

 

 

 

 

 

 

punjab
punjab bandh
AAP
Guru Ravidas temple
Supreme Court
DDA
BJP
Haryana
Bhim Army
Chandrashekhar Azad
Delhi

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • aicctu
    मधुलिका
    इंडियन टेलिफ़ोन इंडस्ट्री : सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के ख़राब नियोक्ताओं की चिर-परिचित कहानी
    22 Feb 2022
    महामारी ने इन कर्मचारियों की दिक़्क़तों को कई गुना तक बढ़ा दिया है।
  • hum bharat ke log
    डॉ. लेनिन रघुवंशी
    एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता
    22 Feb 2022
    सभी 'टूटे हुए लोगों' और प्रगतिशील लोगों, की एकता दण्डहीनता की संस्कृति व वंचितिकरण के ख़िलाफ़ लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यह परिवर्तन उन लोगों से ही नहीं आएगा, जो इस प्रणाली से लाभ उठाते…
  • MGNREGA
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    ग्रामीण संकट को देखते हुए भारतीय कॉरपोरेट का मनरेगा में भारी धन आवंटन का आह्वान 
    22 Feb 2022
    ऐसा करते हुए कॉरपोरेट क्षेत्र ने सरकार को औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से पटरी पर आने की उसकी उम्मीद के खिलाफ आगाह किया है क्योंकि खपत की मांग में कमी से उद्योग की क्षमता निष्क्रिय पड़ी हुई है। 
  • Ethiopia
    मारिया गर्थ
    इथियोपिया 30 साल में सबसे ख़राब सूखे से जूझ रहा है
    22 Feb 2022
    इथियोपिया के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 70 लाख लोगों को तत्काल मदद की ज़रूरत है क्योंकि लगातार तीसरी बार बरसात न होने की वजह से देहाती समुदाय तबाही झेल रहे हैं।
  • Pinarayi Vijayan
    भाषा
    किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन
    22 Feb 2022
    विजयन ने राज्य विधानसभा में कहा, ‘‘केरल विभिन्न क्षेत्रों में कहीं आगे है और राज्य ने जो वृद्धि हासिल की है वह अद्वितीय है। उनकी टिप्पणियों को राजनीतिक हितों के साथ की गयी अनुचित टिप्पणियों के तौर पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License