NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सबूतों के 'अभाव' में मैंगलुरु पब हमले के सभी आरोपी बरी
श्री राम सेना 2009 के मैंगलुरु हमले के मामले में बरी हुई I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Mar 2018
PRAMOD MUTHALIK

जुडीशियल मजिस्ट्रेट के III कोर्ट ने मैंगलुरु पब हमले मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है I ये तब हुआ जब इस मामले के विडियो क्लिप टीवी और सोशल मीडिया पर लगातार प्रसारित होते रहे हैं I श्री राम सेना, जिस संगठन जिसने ये हमला किया, के अधक्ष प्रमोद मुतालिक ने इसे न्याय की जीत बताया है I

मैंगलुरु पब हमला हिंदुत्व संगठन द्वारा “मॉरल पोलिसिंग” का मामला था I 2009 जनवरी में काफी बड़ी मात्रा में लोग मैंगलुरु के एम्नेसिया पब में दाखिल हुए और वहाँ बैठे लोगों पर खासकर महिलाओं पर हमला करने लगे I इस घटना को प्रचारित करने के लिए वह खुद कैमरा लेकर आये थे और इस पूरे घटना का विडियो बनाने लगे I इस घटना के खिलाफ देश भर में लगातार गुस्सा बढ़ता गया और यही वजह थी कि इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ हुआ I लेकिन 9 सालों के बाद अब सभी अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया है I

इस निर्णय पर राज्य सभा सांसद रेणुका चौधरी और कनिमोझी ने प्रतिक्रियाएं दी हैं  I कनिमोझी ने श्री राम सेना पर निशाना साधते हुए कहा कि वो लोग जो भारत माता की जय के नारे लगाते हैं, वही लोग हैं जो महिलाओं पर हमला करते हैं I वहीँ रेणुका चौधरी जो कि कांग्रेस सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रह चुकी हैं ने कहा कि वह कोर्ट के निर्णय का आदर करतीं हैं पर उन्हें लगता है कि लोगों को बहुत बार न्याय नहीं मिलता है I 2009 में इस घटना के तुरंत बाद उन्होंने इस मामले में जाँच करने के लिए एक ज्वाइंट सेक्रेटरी को मैंगलुरु भेजा और NCW द्वारा भी इस मामले की जाँच की गयी I

आरोपियों ने लगतार अपनी इस हरकत को सही ठहराते हुए कहा है कि ये ड्रग्स और वैश्यावृत्ति के खिलाफ है और महिलाओं को अनैतिक आचरण से बचाने के लिए है I मुतालिक ने तो जेल में हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात भी कही I अजीब बात ये है कि निर्मला वेंकटेश की अध्यक्षता वाली NCW की टीम ने हमले की जाँच कम की और पब की सुरक्षा की जाँच ज़्यादा I उन्होंने कहा कि उन्हें पीड़ित लड़कियों का पता नहीं चल पाया और उन्होंने आरोपियों की इस बात पर यकीन किया कि वह लड़कियाँ कर्नाटक के बहार की थीं I

रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने इस घटना के विडियो को कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश नहीं किया I जिन दस्तावेजों को पेश किया गया उनमें पब से सम्बंधित दस्तावेज़ और पुरुष पीड़ितों की मेडिकल रिपोर्टें थीं I पुलिस ने कहा कि वह महिला पीड़ितों को ढूंढ नहीं पाई I यही वजह थी कि ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को रिहा कर दिया I यहाँ ये सवाल खड़ा होता है कि क्यों विडियो को सबूत के तौर पर पेश नहीं किया गया I अगर पुलिस को पहली चार्टशीट फाइल करने के बाद ये विडियो मिला तो भी उनके पास ये विकल्प था कि वह एक दूसरी चार्टशीट फाइल कर सकते थे I दूसरा सवाल है कि ये महिलाएं कहाँ हैं ? पुलिस गवाहों से पीड़ित महिलाओं के हुलिए के बारे में जानकारी ले सकती थी I संभव है कि इस जानकारी से उनका पता चल सकता था I

हो सकता है कि महिलाऐं इसीलिए अपनी पहचान छुपा रही हों क्योंकि उन्हें हमलावरों द्वारा वैश्या कहा था गया था I ये भी हो सकता है कि कर्नाटक में बढ़ते सांप्रदायिक माहौल के कारण  वह अपनी पहचान ज़ाहिर करने से डर रही हों या उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर किया जा रहा हो I खैर जो ज़ाहिर है वो ये है कि इस मामले में बहुत ख़राब जाँच की गयी और केस को भी बड़ी ढीलाई से लड़ा गया I कर्नाटक सरकार ने कहा कि वह इस निर्णय की जाँच करेगी और इसके खिलाफ अपील करेगी I

प्रमोद मुतालिक
श्री राम सेना
मैंगलुरु
कर्नाटक सरकार
बीजेपी
मैंगलुरु पब केस

Related Stories

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

हमें ‘लिंचिस्तान’ बनने से सिर्फ जन-आन्दोलन ही बचा सकता है

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

असमः नागरिकता छीन जाने के डर लोग कर रहे आत्महत्या, एनआरसी की सूची 30 जुलाई तक होगी जारी

अहमदाबाद के एक बैंक और अमित शाह का दिलचस्प मामला

आरएसएस के लिए यह "सत्य का दर्पण” नहीं हो सकता है

उत्तरपूर्व में हिंदुत्वा का दोगुला खेल

अशोक धावले : मोदी सरकार आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे किसान विरोधी सरकार है

छत्तीसगढ़ में नर्सों की हड़ताल को जबरन ख़तम कराया गया


बाकी खबरें

  • भाषा
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में फ़ैसला सुरक्षित
    06 May 2022
    अदालत ने बृहस्पतिवार को इस मामले की पोषणीयता पर फैसला सुरक्षित रखते हुए निर्णय सुनाने के लिए 19 मई की तिथि नियत की है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लंबे समय के बाद RBI द्वारा की गई रेपो रेट में बढ़ोतरी का क्या मतलब है?
    06 May 2022
    रेपो दरों में 40 बेसिस पॉइन्ट की बढ़ोतरी मतलब है कि पहले के मुकाबले किसी भी तरह का क़र्ज़ लेना महंगा होगा। अब तक सरकार को तकरीबन 7 से 7.5 फीसदी की दर से क़र्ज़ मिल रहा था। बैंक आरबीआई से 4.40 फ़ीसदी दर पर…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?
    06 May 2022
    कोरोना में हुई मौतों पर डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट जारी की है, जो भारत सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट से बिल्कुल अलग है।
  • भाषा
    पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ़्तार किया, हरियाणा में रोका गया क़ाफ़िला
    06 May 2022
    भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा बग्गा के पिता को पीटे जाने के आरोप में राष्ट्रीय राजधानी के जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
  • सारा थानावाला
    क्या लिव-इन संबंधों पर न्यायिक स्पष्टता की कमी है?
    06 May 2022
    न्यायालयों को किसी व्यक्ति के बिना विवाह के किसी के साथ रहने के मौलिक अधिकार को मान्यता देनी होगी। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License