NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सच कहना ही आज सबसे बड़ा काम : कुमार प्रशांत
आज ऐसा दौर है जब बड़े बड़े मानवतावादी, समाजवादी, गांधीवादी भी देशद्रोही कहे जाने लगे हैं। एक ऐसे ही गांधीवादी हैं, गांधी पीस फाउंडेशन यानी गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत। आरएसएस और सावरकर की आलोचना करने और जम्मू-कश्मीर के बारे में अपनी स्वतंत्र राय जाहिर करने पर उनके ऊपर ओडिशा में देश के ख़िलाफ़ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए दो मुकदमें दर्ज कराए गए हैं। न्यूज़क्लिक ने उनसे इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से बात की।   
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
28 Aug 2019

आज ऐसा दौर है जब बड़े बड़े मानवतावादी, समाजवादी, गांधीवादी भी देशद्रोही कहे जाने लगे हैं। एक ऐसे ही गांधीवादी हैं, गांधी पीस फाउंडेशन यानी गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत। आरएसएस और सावरकर की आलोचना करने और जम्मू-कश्मीर के बारे में अपनी स्वतंत्र राय जाहिर करने पर उनके ऊपर ओडिशा में देश के ख़िलाफ़ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए दो मुकदमें दर्ज कराए गए हैं। न्यूज़क्लिक ने उनसे इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से बात की।   

Humanitarian
Socialist
Gandhian
Gandhian ideology
anti-nationalist
kumar prashant
RSS
Savarkar
Jammu & Kashmir

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का क़ब्ज़ा, पीएम का लाल क़िले का भाषण और अन्य ख़बरें
    16 Aug 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का क़ब्ज़ा, पीएम का लाल क़िले का भाषण और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • नागरिकता और संविधान
    गौतम भाटिया
    नागरिकता और संविधान
    16 Aug 2021
    ऑन सिटिजनशिप नामक किताब में भारत के चार बेहतरीन बुद्धिजीवी भारत में नागरिकता का गठन करने वाले प्रमुख पहलुओं में गहराई से उतरते हैं। नागरिकता को लेकर सत्तारूढ़ सरकार की तरफ़ से लिए गए हालिया…
  • प्रधानमंत्री मोदी के गोद लिए गांव जयापुर का हाल।
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: प्रधानमंत्री के गोद लिए गांव जयापुर में ‘मोदी चरखे’ ने पहाड़ बना दी औरतों की ज़िंदगी
    16 Aug 2021
    "पांच-सात साल में बहुतै मीडिया वाले अइलन। पहिले टीवी पर जयापुर रोज दिखत रहल। अब अखबार और टीवी से जयापुर ओझल हो गइल। तनिक दू मिनट बदे हमरे घरे भी चला। घूम के देख ला, तोहके सच पता चल जाई। हम लोगन…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: पूछता है भारत- क्या बेरोज़गारों के हिस्से में ‘लॉलीपॉप’ के अलावा भी कुछ और है?
    16 Aug 2021
    यह बेहद खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अपने आवास पर भारत के ओलंपिक दल से नाश्ते पर मुलाकात की। लेकिन देश के किसान भी पूछ रहे हैं कि उनसे कब मुलाकात होगी। और बेरोज़गार पूछ रहे हैं कि…
  • काबुल में तालिबान, दुनिया भूल गयी अफ़ग़ानिस्तान
    न्यूज़क्लिक टीम
    काबुल में तालिबान, दुनिया भूल गयी अफ़ग़ानिस्तान
    16 Aug 2021
    काबुल पर तालिबान का कब्ज़ा हो गया है। एक बार फिर 1996 -2001 के दौर की याद आ गयी है जब तालिबान के राज में महिलाओं और आम इंसानों के हक़ों को कुचला जाता था। मगर सबसे चिंताजनक ये के न भारत सरकार के पास…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License