NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
शिवराज सिंह के राज के अच्छे दिन: शिक्षिकाओं को समान वेतन के लिए सड़क पर मुंडवाना पड़ा सिर
दो साल से ज्यादा का समय बीत जाने पर भी सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही इसी बात को लेकर अध्यापकों ने अपना सिर मुंडवा लिया।
सबरंग इंडिया
15 Jan 2018
MP teachers

भोपाल। भाजपा शासित मध्यप्रदेश की राजधानी में अध्यापक अधिकार यात्रा के तहत शिक्षाकर्मियों ने अलग ही तरीके से विरोध दर्ज कराया है। दरअसल ये शिक्षाकर्मी लंबे समय से समान कार्यों के लिए समान वेतन और उचित तबादला नीति की मांग कर रहे हैं. दो साल से ज्यादा का समय बीत जाने पर भी सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही इसी बात को लेकर अध्यापकों ने अपना सिर मुंडवा लिया। सिर मुंडवाने में महिलाएं भी आगे रहीं। 

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक आजाद अध्यापक संघ के बैनर तले हजारों की संख्या में मध्यप्रदेश के अध्यापक जंबूरी मैदान में जुटे थे। जिन्हों मांगें नहीं मानने के विरोध में मुंडन करा लिया। अध्यपाकों ने सिर मुंडा कर अपने अधिकारों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। प्रदर्श कर रहे टीचरो में सिर्फ पुरुष ही नहीं महिला अध्यापकों ने भी मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्राप्ता जानकारी के अनुसार सौ से अधिक शिक्षक सिर मुंडवा चुके हैं।

प्रदेश की राजधानी भोपाल में टीचरों नें शिक्षाकर्मी अधिकार यात्रा के तहत अपना विरोध दर्ज कराया, और अपनी मांगें न माने जाने के विरोध करा लिया। आश्चर्य की बात ये है कि इस अनोखे प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सरकार का कोई प्रतिनिधी अध्यापकों का दर्द बांटने नहीं पहुंचा। ये टीचर शिक्षा विभाग में संविलियन और तबादला बंधन मुक्त नीति को लागू करने की मांग कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के रवैए से नाराज महिला अध्यापकों ने अपना सिर मुड़वाने के साथ ही विरोध स्वरूप प्रदेश की शिवराज सरकार का पिंडदान भी किया। प्रदर्शन करने आईं  महिला अध्यापक जब अपने सिर के बाल मुड़वा रहीं थी, तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इतना ही नहीं महिलाओं का मुंडन करने वाले नाई के भी हाथ कांप गए। प्रदेश भर से आये ये अध्यापक शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग कर रहे I 

Madhya Pradesh
MP teachers
teachers protest
Shivraj singh

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • Ahmed Hasan passes away
    भाषा
    उप्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन का निधन; योगी, अखिलेश ने दुख जताया
    19 Feb 2022
    वह पूर्व पुलिस अधिकारी थे। बाद में समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव उन्हें राजनीति में ले आये थे। हसन सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह विधान परिषद सदस्य और नेता…
  • Ravish Tiwari passes away
    भाषा
    वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी का निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
    19 Feb 2022
    इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी कैंसर से पीड़ित थे और पिछले करीब दो वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे।
  • police
    नाइश हसन
    योगी की पुलिस कैसे कर रही चुनाव में ग़रीबों से वसूली: एक पड़ताल
    19 Feb 2022
    सवाल यह है कि क्या मात्र विज्ञापन या भाषण स्थितियों की असलियत बयान कर सकते हैं? हमने हालिया पुलिसिया दमन की पड़ताल करनी चाही, तो ‘अमृतकाल’ में ग़रीब बस्तियों का हाल कुछ और ही दिखा।
  • Protest in Myanmar
    लव पुरी
    कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है
    19 Feb 2022
    म्यांमार में सैन्य शासन नया नहीं है, लेकिन कुछ टिप्पणीकार बाइनरी लेंस से परे म्यांमार की स्थिति को समझने का प्रयास करते हैं।
  • AFGHAN
    क्रिस्टीन लेहनेन
    तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?
    19 Feb 2022
    तीन पुरस्कार विजेता महिला निर्देशकों ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उद्योग से अफ़ग़ान सिनेमा को बचाने की अपील की है। आज के दौर में इन महिला फिल्मकारों का समर्थन पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License