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भारत
राजनीति
समुदाय विशेष की हिंसा को बढ़ावा दे रही है भाजपा : येचुरी
‘‘मौजूदा दौर की जो सच्चाई उजागर की गयी है, सरकार उसे नकारने और खारिज करने की कोशिश कर रही है। क्योंकि सत्तारूढ़ दल की ओर से जिन ताकतों को सहायता मिल रही है, इस हिंसा को वही ताकतें बढ़ावा दे रही हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Jul 2019
Sitaram Yechury

नयी दिल्ली:भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानि सी.पी.एम. के महासचिव सीताराम येचुरी ने बृहस्पतिवार को भाजपा पर समुदाय विशेष की हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और इस मामले में प्रतिष्ठित लोगों की चिंता को केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा खारिज किये जाने की आलोचना की। 
विभिन्न क्षेत्रों के 49 प्रतिष्ठित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर भीड़ द्वारा हिंसा सहित अन्य मुद्दों पर चिंता जतायी थी। सत्तारूढ़ भाजपा के तमाम नेताओं और केन्द्रीय मंत्रियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। 
येचुरी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मौजूदा दौर की जो सच्चाई उजागर की गयी है, सरकार उसे नकारने और खारिज करने की कोशिश कर रही है। क्योंकि सत्तारूढ़ दल की ओर से जिन ताकतों को सहायता मिल रही है, इस हिंसा को वही ताकतें बढ़ावा दे रही हैं।
 फिल्मकार श्याम बेनेगल, अनुराग कश्यप, मणि रत्नम, अपर्णा सेन और केतन मेहता सहित 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।

इसे भी पढ़े:49 हस्तियों ने "जय श्री राम" के दुरुपयोग पर मोदी को लिखा ख़त 
 पीएम को संबोधित करते हुए चिट्ठी में लिखा गया है कि देश भर में लोगों को जय श्रीराम नारे के आधार पर उकसाने का काम किया जा रहा है। साथ ही दलित, मुस्लिम और दूसरे कमजोर तबकों की मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए तत्काल क़दम उठाने की मांग की गई है।
ख़त में लिखा गया है: 'आदरणीय प्रधानमंत्री... मुस्लिम, दलित और दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की लिंचिंग तत्काल प्रभाव से बंद होनी चाहिए। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े देख हम हैरान हैं। एनसीआरबी के डेटा के अनुसार, दलितों के साथ 2016 में 840 हिंसक घटनाएं हुईं। इन अपराध में शामिल लोगों को दोषी क़रार देने के आंकड़े में भी कमी आई है।'
ख़त में एक जगह ये भी लिखा है कि ऐसी घटनाओं पर प्रधानमंत्री की निंदा ही काफ़ी नहीं है। 
(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

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