NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
संघ ब्रिगेड का हामिद अंसारी पर हमला
ये पहली बार नहीं है कि संघ और बीजेपी से जुड़े लोगों नें अंसारी पर हमला बोला हो
रितांश आज़ाद
12 Aug 2017
संघ ब्रिगेड का हामिद अंसारी पर हमला

उप राष्ट्रपति के तौर पर अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले हामिद अंसारी द्वारा दिए गए बयानों से बीजेपी काफी आहत होती दिख रही है। 11 अगस्त को उप राष्ट्रपति बनते ही वेंकैया नायडू ने अंसारी के बयान को राजनैतिक प्रोपोगेंडा से प्रेरित कहा और प्रधान मंत्री ने कहा कि अब वो अपनी विचारधारा के अनुसार काम करने के लिए आज़ाद है। इसके अलावा ट्विटर पर बीजेपी की ट्रोल आर्मी और उनके बड़े नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी उनपर काफी तीखे प्रहार किये।

प्रधान मंत्री ने राज्य सभा में बोलते हुए कहा "ऐसा संभव है कि आप के भीतर कुछ बेचैनियां हों, पर अब आपको कोई परेशानी नहीं होगी , अब आप अपनी विचारधारा पर खुलकर बोलने और काम करने के लिए आज़ाद हैं'' वहीं  बीजेपी के बड़े नेता रहे और अब उप राष्ट्रपति बन चुके वैकैया नायडू ने कहा "कुछ लोग कह रहे हैं कि अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना है।  ये एक राजनैतिक प्रोपोगेंडा है।  पूरी दुनिया की तुलना में अल्पसंख्यक भारत में  अधिक सुरक्षित हैं और उन्हें अपना हक़ मिलता है ". 

दरअसल कुछ दिन पहले बंगलुरु में बोलते हुए हामिद अंसारी ने कहा था कि अल्पसंख़्यकों में आज असुरक्षा और डर का माहौल है।  इसके बाद राज्य सभा टीवी को दिए गए  इंटरव्यू में भी उन्होंने यही बात दोहराते हुए  कहा कि  देश में असहनशीलता कि  भावना बढ़ रही है और सरकारें उन्हें रोकने में असमर्थ नज़र आ रही है । इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि राष्ट्रवाद की भावना को मुखर रूप से बार बार कहना ठीक नहीं  है। 

ये पहली बार नहीं है कि संघ और बीजेपी से जुड़े लोगों नें अंसारी पर हमला बोला हो,  इससे पहले भी अपनी राय व्यक्त करने के लिए संघ द्वारा  उनकी आलोचना की जा चुकी है। 

देश में लगातार बढ़ रही  मॉब लिंचिंग की घटनाओं  की वजह से गरीब मुसलमानों  और दलित तबकों में आतंक  का माहौल है. इसमें मरने वालों की संख्या हर रोज़ बढती जा रही है। जानकारों का मानना है कि संघ और बीजेपी से जुड़े लोग इन गौरक्षकों को बढ़ावा और संरक्षण दे रहे  हैं।  इसी वजह से सरकार से जुड़े लोग इन बयानों से इतने आहत होते दिख रहे हैं  और यही वजह है कि बीजेपी की ट्रोल आर्मी से लेकर प्रधानमंत्री तक इसके खिलाफ बोल रहे हैं। 

जानकार बताते हैं कि ये साम्प्रदायिक और अति राष्ट्रवादी  राजनीति जनता के मूल भूत मुद्दों से भटकाने की मुहिम है। बेरोज़गारी , गरीबी और शिक्षा के सवालों से ध्यान हटाने के लिए इन मुद्दों को भुनाया जाता है , जिससे जनता में वर्ग चेतना का विकास न हो। 

हामिद अंसारी की बात में काफी सच्चाई नज़र आती है पर यहाँ ये भी जोड़ने की ज़रुरत होगी  कि  कांग्रेस के समय में भी समाज में फूट डालकर राजनैतिक लाभ लेने की कोशिशें की गयी थीं।  पर साफ़ तौर पर आज के दौर की  ये फासीवादी राजनीति उन सभी कोशिशों से काफी कदम आगे हैं और इसीलिए ये ज्यादा घातक साबित हो सकती हैं ।

हामिद अंसारी
भाजपा
ट्रोल ब्रिगेड

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी

क्या भाजपा शासित असम में भारतीय नागरिकों से छीनी जा रही है उनकी नागरिकता?

बिहार: सामूहिक बलत्कार के मामले में पुलिस के रैवये पर गंभीर सवाल उठे!


बाकी खबरें

  • water pump
    शिवम चतुर्वेदी
    हरियाणा: आज़ादी के 75 साल बाद भी दलितों को नलों से पानी भरने की अनुमति नहीं
    22 Nov 2021
    रोहतक के ककराणा गांव के दलित वर्ग के लोगों का कहना है कि ब्राह्मण समाज के खेतों एवं अन्य जगह पर लगे नल से दलित वर्ग के लोगों को पानी भरने की अनुमति नहीं है।
  • ATEWA
    सरोजिनी बिष्ट
    पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा का लखनऊ में प्रदर्शन, निजीकरण का भी विरोध 
    22 Nov 2021
    21 नवंबर को लखनऊ के इको गार्डेन में नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस को रद्द करने, पुरानी पेंशन सिस्टम यानी ओपीएस को पुनः बहाल करने और रेलवे के निजीकरण पर रोक लगाने की मांगों के साथऑल इंडिया टीचर्स एंड…
  • COP26
    डी रघुनंदन
    कोप-26: मामूली हासिल व भारत का विफल प्रयास
    22 Nov 2021
    इस शिखर सम्मेलन में एक ओर प्रधानमंत्री के और दूसरी ओर उनकी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों तथा आला अफसरों के अलग-अलग रुख अपनाने से ऐसी छवि बनी लगती है कि या तो इस शिखर सम्मेलन के लिए भारत ने ठीक से तैयारी…
  • birsa
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘जनजातीय गौरव दिवस’ से सहमत नहीं हुआ आदिवासी समुदाय, संवैधानिक अधिकारों के लिए उठाई आवाज़! 
    22 Nov 2021
    बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के मंचों से अधिकतर लोगों ने यही सवाल उठाया कि यदि बिरसा मुंडा और आदिवासियों की इतनी ही चिंता है तो आदिवासियों के प्रति अपने नकारात्मक नज़रिए और आचरण में…
  • kisan mahapanchayat
    लाल बहादुर सिंह
    मोदी को ‘माया मिली न राम’ : किसानों को भरोसा नहीं, कॉरपोरेट लॉबी में साख संकट में
    22 Nov 2021
    आज एक बार फिर कॉरपोरेट-राज के ख़िलाफ़ किसानों की लड़ाई लखनऊ होते हुए देश और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई और नीतिगत ढांचे में बदलाव की राजनीति का वाहक  बनने की ओर अग्रसर है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License