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भारत
राजनीति
सोहराबुद्दीन मामले की अंतिम सुनवाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले में दिसंबर के अंत तक फैसला आने की उम्मीद है। मामले में 22 अन्य आरोपी शामिल हैं।
आईएएनएस
03 Dec 2018
Sohrabuddin

गुजरात के बहुचर्चित और संवेदनशील सोहराबुद्दीन अनवर शेख और तुलसीराम प्रजापति मुठभेड़ कांड और कौसर बी के साथ क्रूरता से दुष्कर्म करने के बाद हुई हत्या के मामले की अंतिम सुनवाई सोमवार को मुंबई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में शुरू हुई। 

विशेष न्यायाधीश एस.जे. शर्मा ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत आरोपी के बयानों की रिकॉर्डिंग पूरी करने के बाद तीन दिसंबर की तारीख तय की थी और उनके वकील इस मामले में किसी भी बचाव गवाहों को पेश करने में नाकाम रहे। 

इस हाई-प्रोफाइल मामले में दिसंबर के अंत तक फैसला आने की उम्मीद है। मामले में 22 अन्य आरोपी शामिल हैं। 

गैंगस्टर सोहराबुद्दीन और प्रजापति के कथित 'फर्जी मुठभेड़ों' और सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी के गायब होने की घटना 2005-2006 में घटी थी जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए गुजरात में एक बड़ा राजनीतिक तूफान आ गया था। 

अभियोजन पक्ष का आरोप यह था कि सोहराबुद्दीन आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और कथित रूप से राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के लिए कथित तौर पर साजिश रच रहा था।

इस मामले में कुल 37 लोगों पर आरोप लगाया गया था, जिनमें से 16 को 2014 में रिहा कर दिया गया था। 

मामले में बरी होने वालों में गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री और अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के तत्कालीन गृह मंत्री जी.सी. कटारिया, 'एनकाउंटर विशेषज्ञ' व गुजरात के पूर्व डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल डी.जी. वंजारा, तत्कालीन आईपीएस अधिकारी एन.के. अमीन और 12 अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। 

सीबीआई की एक याचिका के बाद, सर्वोच्च अदालत ने सितंबर 2012 में मामले को गुजरात से मुंबई स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। 

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