NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
शर्मनाक : बिहार में डायन के नाम पर बुजुर्ग महिला पर हमला, जीभ काटी
बिहार-झारखंड में इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। बहुत लोगों का मानना है कि ये कमज़ोर वर्ग खासकर महिलाओं को दबाने का एक तरीका है। दरअसल दबंग अपने अपराध को छुपाने के लिए इस तरह के अंधविश्वास का इस्तेमाल करते हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Oct 2018
सांकेतिक तस्वीर। साभार गूगल

सासाराम। बिहार के रोहतास जिले के तिलौथु थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना प्रकाश में आई है। यहां अंधविश्वास में गांव के लोगों ने एक बुजुर्ग महिला की जीभ काट ली। गांव के कई लोगों ने पीड़ित महिला पर डायन होने का आरोप लगाया है। 

पुलिस के एक अधिकारी ने आज, सोमवार को बताया कि रेडिया गांव में एक बुजुर्ग महिला के डायन होने के शक पर गांव के ही तीन लोगों ने घर में घुसकर उनकी जीभ काट डाली और सिर पर लोहे के रॉड से प्रहार किया। 

जख्मी महिला को सासाराम सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। 

रेडिया गांव निवासी दिवंगत दीपू रजवार की 70 वर्षीय विधवा राजकालो कुंअर अपने एक पोते व दो पोतियों के साथ शनिवार को घर में सो रही थी। आरोप है कि गांव के बिगहा टोले के नन्हक रजवार व उसके दोनों बेटे छट्टू रजवार और उदय रजवार घर में घुस आए और घटना को अंजाम दिया। 

तिलौथु के थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि रविवार शाम पीड़िता की पोती संतरा के बयान पर इस मामले की एक प्राथमिकी तिलौथु थाना में दर्ज कर ली गई है, जिसमें नन्हक रजवार, छट्टू रजवार और उदय रजवार को नामजद आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया इस घटना के पीछे ओझा-गुणी की बात सामने आ रही है, पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। 

ये बड़ा दु:खद है। 21वीं सदी में ऐसा अंधविश्वास बेहद शर्मनाक है। बिहार-झारखंड में इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। बहुत लोगों का मानना है कि ये कमज़ोर वर्ग खासकर महिलाओं पर एक हमला है, उन्हें दबाने का एक तरीका। दरअसल दबंग अपने अपराध को छुपाने के लिए भी इस तरह डायन इत्यादि अंधविश्वास का इस्तेमाल करते हैं।

बिहार में लगातार बढ़ते अपराधों की वजह से वहां नीतीश पर सवाल उठ रहे हैं। उनका सुशासन का दावा कबका ध्वस्त हो चुका है। मुजफ्फरपुर बालिका शेल्टर होम से लेकर भोजपुर में महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने तक की घटनाओं ने बिहार को शर्मसार कर दिया है और अब ये डायन बताकर हमले की घटना। सरकार तमाम दावों के बाद भी इस तरह की घटनाओं को रोक पाने में नाकाम साबित हो रही है।   

(इनपुट आईएएनएस)

voilence against women
Bihar
sasaram rohtas bihar
Nitish Kumar
blind faith
अंधविश्वास
डायन कुप्रथा

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : कच्चे माल की बढ़ती क़ीमतों से प्लास्टिक उत्पादक इकाईयों को करना पड़ रहा है दिक़्क़तों का सामना
    02 May 2022
    गलाकाट प्रतियोगिता और कच्चे माल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी ने लघु औद्योगिक इकाईयों को बहुत ज़्यादा दबाव में डाल दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू
    02 May 2022
    पूरा देश इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। कोयले की प्रचुर मात्रा होने के बावजूद भी पावर प्लांट में कोयले की कमी बनी हुई है। इसे लेकर देश के कई इलाके में विरोध शुरू हो गए हैं।  
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!
    02 May 2022
    भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के हर नागरिक को समानता का दर्जा देता है। मगर हक़ीक़त यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित आवाम असमानताओं में जीने को विवश है। आज भी ऊंची जाति ने दलित समाज को सिर के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    "एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी
    02 May 2022
    एएलबीए मूवमेंट्स की तीसरी कंटिनेंटल असेंबली के दौरान संबद्ध मंचों ने एकता स्थापित करने और साम्राज्यवाद व पूंजीवाद के ख़िलाफ़ एक साथ लड़ने की अहमियत के बारे में चर्चा की।
  • राजु कुमार
    6 से 9 जून तक भोपाल में होगी 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस
    02 May 2022
    “भारत का विचार : वैज्ञानिक स्वभाव, आत्मनिर्भरता और विकास“ के साथ-साथ देश की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन एवं संवाद के लिए 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License