NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी आधार की अनिवार्यता को समाप्त नहीं किया
13 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने आधार को बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर से जोड़ने के सरकार के निर्णय को तब तक के लिए टाल दिया है I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Mar 2018
aadhar card

13 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने आधार को बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर से जोड़ने के सरकार के निर्णय को तब तक के लिए टाल दिया है जब तक इसपर आखिरी निर्णय नहीं लिया जाता I इस निर्णय से उन लोगों ने राहत की साँस ली है, जो आधार प्रोजेक्ट को लोगों निजता और सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे हैं I पर धारा 7 पर कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी है I इस धारा के तहत  केंद्र और राज्य सरकार को ये अधिकार मिलता है कि वह आधार को एक प्रमाण पत्र की तरह इस्तेमाल कर सके, जिसके तहत ही लोग जनकल्याण स्कीमों का लाभ उठा सकते हैं I कोर्ट ने अपने पिछले निर्णय में 6 स्कीमों जिसमें PDS, LPG सब्सिडी और प्रधान मंत्री जन धन योजना शामिल हैं, के लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य बनाया गया था I

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर प्रतिक्रिया में ‘Rethink Adhaar’ ने इस निर्णय में जनकल्याण स्कीमों को इससे बाहर रखने पर सवाल उठाये हैं I अपनी प्रेस रिलीज़ में उन्होने कहा है कि वह धारा 7 के अंतर्गत आने वाली स्कीमों को भी अंतरिम राहत दिलवाने की कोशिश करेंगे I समझा जा सकता है कि ये आपत्ति क्यों जताई जा रही है I इस बात के कई सबूत पाए गए हैं, कि किस तरह बायोमेट्रिक्स पूरी तरह नाकामयाब हो सकता है और इसके कितने भयानक परिणाम सामने आ सकते हैं I दिसंबर 2017 में राईट टू फ़ूड कैंपेन ने आधार कार्ड के न होने की वजह से कई सारी मौतों के केस दर्ज़ किये थे I इन मौतों में 11 साल की संतोषी से लेकर 64 साल की प्रेमानी कुंवर शामिल है I

जो बात सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को चौंकाने वाला बनाती है वह यह है कि आधार के खिलाफ जो  तर्क रखे गए उसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया कि बायोमेट्रिक्स को बेवक़ूफ़ बनाया जा सकता है I श्याम दीवान ने इससे पहले कोर्ट में कहा था कि FALSE POSITIVE और FALSE NEGATIVE दोनों को प्राप्त किया जा सकता है I उन्होंने कोर्ट में ये भी तर्क दिया कि आधार से पहले भी MGNREGA, PDS और LPG स्कीमों में भी deduplication हुआ था I

14 मार्च को सीनियर काउंसल के वी विस्वनाथान ने अपने तर्क रखने के दौरान इकोनोमिक सर्वे ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि झारखण्ड और राजस्थान में exclusive rate 49% और 37% थी I उन्होंने आगे कहा कि राज्य आधार और जनकल्याणकारी स्कीमों के बीच में संपर्क स्थापित नहीं कर पाया है I सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिन ये माना था कि अटार्नी जनरल का ये तर्क कि धारा 7 जिसके अंतर्गत जो भी स्कीम आती हैं, उनसे अंतरिम निर्णय पर असर नहीं पड़ना चाहिए I अटार्नी जनरल ने कोर्ट को बताया था कि सरकार आधार को बैंक अकाउंट और मोबाइल से लिंक करने की समय सीमा को बढ़ाने का सोच रही है I पर सवाल ये है कि सरकार जनकल्याणकारी स्कीमों पर पीछे हटने के लिए तैयार क्यों नहीं है ?

एक जवाब ये हो सकता है कि धारा 7 का दायरा न बढ़ाने के पीछे सरकार को ये डर है कि इससे आधार का खोखलापन सामने आ जायेगा I एक बात ये हो सकती है कि आधार इन स्कीमों से फायदा, जिन्हें हो रहा है वो दिखाई नहीं देते I उन्हें भारत की “सुपर पॉवर” वाली कहानी में भुला दिया जाता है I या फिर ये कहा जाए कि गरीबों को दबाया जाना चाहिए , क्योंकि सामाजिक कारणों से ही अपराध होते हैं , इसी लिए गरीब संभावित अपराधी हैं I

आधार कार्ड
सुप्रीम कोर्ट
जनकल्याणकारी स्कीमें

Related Stories

वोट बैंक की पॉलिटिक्स से हल नहीं होगी पराली की समस्या

सर्वोच्च न्यायालय में दलितों पर अत्याचार रोकथाम अधिनियम में संसोधन के खिलाफ याचिका दायर

शर्मा को पता है कि वे आधार की चुनौती के सामने हार गये हैं

सुप्रीम कोर्ट: मॉब लिंचिंग पर जल्द कानून लाए केंद्र

दिल्ली सरकारी स्कूल: सैकड़ों छात्र लचर व्यवस्था के कारण दाखिला नहीं ले पा रहे

कोलेजीयम ने न्यायमूर्ति के० एम० जोसेफ की सिफारिश को दोहराएगा

क्या आधार एक डूबता जहाज़ है ?

चेन्नई में SC/ST Act को कमज़ोर बनाये जाने के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन

जज लोया की मौत से संबंधित सभी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की

दलितों का भारत बंद एक ऐतिहासिक घटना है: सुभाषिनी अली


बाकी खबरें

  • general strike
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?
    27 Mar 2022
    भारत के औद्योगिक श्रमिक, कर्मचारी, किसान और खेतिहर मज़दूर ‘लोग बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ 28-29 मार्च 2022 को दो दिवसीय आम हड़ताल करेंगे। इसका मतलब यह है कि न सिर्फ देश के विशाल विनिर्माण क्षेत्र…
  • Bhagat Singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    शहीद भगत सिंह के इतिहास पर एस. इरफ़ान हबीब
    27 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन ने बात की है इतिहासकार एस. इरफ़ान हबीब से भगत सिंह के इतिहास पर।
  • Raghav Chadha
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब में राघव चड्ढा की भूमिका से लेकर सोनिया गांधी की चुनौतियों तक..
    27 Mar 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर एकबार फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन…
  • jaunpur violence against dalits
    विजय विनीत
    उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप
    27 Mar 2022
    आरोप है कि बदलापुर थाने में औरतों और बच्चियों को पीटने से पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। पहले उनके कपड़े उतरवाए गए और फिर बेरहमी से पीटा गया। औरतों और लड़कियों ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि वे…
  • सोनिया यादव
    अपने ही देश में नस्लभेद अपनों को पराया बना देता है!
    27 Mar 2022
    भारत का संविधान सभी को धर्म, जाति, भाषा, वेशभूषा से परे बिना किसी भेदभाव के एक समान होने की बात करता है, लेकिन नस्लीय भेद इस अनेकता में एकता की भावना को कलंकित करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License