NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दंगा भड़काने और पत्थर मारने के लिए नहीं बल्कि पीड़ितों की मदद के लिए दिए जा रहे थे पैसे
एक वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हुआ है. इसके साथ दावा किया गया कि दंगा भड़काने और पत्थर मारने के लिए पैसे बांटे गए हैं।
प्रियंका झा, पूजा चौधरी
03 Mar 2020
viral video

एक वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हुआ है. इसके साथ दावा किया गया कि दंगा भड़काने और पत्थर मारने के लिए पैसे बांटे गए हैं, इसका सबूत ये वीडियो है. वीडियो में महिलाओं की भीड़ है और एक आदमी एक-एक कर के सभी के हाथ में नोट जैसी कुछ चीज़ दे रहा है. ‘We Support Narendra Modi’ नाम के एक फ़ेसबुक ग्रुप में पोस्ट किए गए इस वीडियो को 64 हज़ार से ज़्यादा शेयर मिले हैं. अमित बजाज ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा है, “ये रहा सबुत दंगा भडकाने,पत्थर मारणे के लिये दिये गये पैसे.” वीडियो के कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने लिखा है कि इन प्रदर्शनकारियों को मार देना चाहिए. और कइयों ने मुस्लिम समुदाय पर निशाना साधते हुए बहुत ही ख़राब भाषा का इस्तेमाल किया है.

viral video

‘एशियानेट’ ने वायरल वीडियो के आधार पर आर्टिकल लिख दिया कि शाहीनबाग में लाइन लगाकर प्रदर्शनकारी महिलाओं को पैसे बांटे जा रहे हैं.

viral video
कई लोगों ने इसे शाहीन बाग का बताकर शेयर किया है. इनमें तारिक़ फ़तह और भाजपा दिल्ली के सचिव कुलजीत सिंह चहल भी शामिल हैं.

This video from #ShaheenBagh in Delhi speaks for itself. pic.twitter.com/qBOsJutGfF

— Tarek Fatah (@TarekFatah) February 29, 2020

 

भई कोई बतायेगा ये कहाँ के लिए , क्यों पैसे बाँटे जा रहे हैं । pic.twitter.com/S0zCowZ9yL

— Kuljeet Singh Chahal (@kuljeetschahal) February 29, 2020

ये वीडियो इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर वायरल है. कई लोगों ने दावा किया है कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को पांच-पांच सौ रुपये दिए जा रहे हैं. वीडियो को शेयर करने वाले ने लिखा है – “शाहीन बाग़ से ये लाइव है.”

 

 

Live from Shaheen Bagh
500 500 500 500 500 pic.twitter.com/DF2EUWJOv6

— Kashmiri Pandits News कोशूर न्यूज़ चैनल (@kpnewschannel) February 29, 2020

फ़ैक्ट-चेक

 

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि एक फ़ेसबुक यूज़र चन्द्र मोहन वायरल वीडियो में दिख रही जगह पर गए और उन्होंने वहां से सोशल मीडिया दावों को ख़ारिज करते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया. वीडियो में चन्द्र मोहन कह रहे हैं, “28 फ़रवरी का दिन था, इस जगह को बाबू नगर, ए ब्लॉक, गली नंबर 9 के नाम से जाना जाता है. शिव विहार से बहुत से लोग, जो दंगो से प्रभावित हुए थे, यहां आए हुए थे. उनमें से बहुत से लोग अब यहीं रह रहे हैं क्योंकि इन लोगों का अपना घर बर्बाद हो चुका है. यहां के स्थानीय लोगों ने इन पीड़ित लोगों के लिए अपने घरों के दरवाज़े खोल दिए हैं.”

इस वीडियो में चन्द्र मोहन वायरल वीडियो में दिख रहे एक व्यक्ति का परिचय भी कराते हैं. इनका नाम शहज़ाद मलिक है. “ये वही हैं, जिन्हें आपने वीडियो में कैश बांटते हुए देखा है. मलिक यहीं हैं. हमने उन्हें वही कपड़े पहनने को कहा है जो वीडियो में दिख रहे हैं. ताकि आप समझें कि हम सच बता रहे हैं आपको.” चन्द्र मोहन कहते हैं कि मलिक ने पीड़ितों को राशन भी बांटा और क्यूंकि पीड़ितों की संख्या काफ़ी ज़्यादा थी इसलिए राशन ख़त्म हो गया. चन्द्र मोहन कहते हैं, “इस आदमी का दिल बहुत बड़ा है. इसने 70 हजार रुपये बांटे हैं. 500 रूपये करके सभी पीड़ितों को दिया है. ऐसे लोग जिन्हें अच्छाई नहीं दिखती है और कुछ अच्छा नहीं कर सकते, वही झूठ फैलाते हैं.”

 

ऑल्ट न्यूज़ ने चन्द्र मोहन के वीडियो में दिख रहे लोकेशन की वायरल वीडियो से तुलना की. दोनों वीडियो में दिख रही समानता को नीचे अलग-अलग रंगों से दिखाया गया है.

लाल: दीवार में दिख रहा छेद
हरा: दीवार और गली के बीच दिख रहा नाला
नीला: नाले के ऊपर दिख रहा प्लेटफार्म

viral video

दोनों वीडियो में कचरे के ढेर के पास एक टूटा हुआ हेलमेट दिख रहा है.

viral video
ऑल्ट न्यूज़ के साथ बातचीत के दौरान चन्द्र मोहन ने कहा, “मैं चेन्नई से सामाजिक और राजनितिक कार्यकर्ता हूं. 5 दिन पहले मैं दिल्ली आया ताकि कुछ राहत और बचाव कार्य कर सकूं. मैं ट्रेड यूनियन के कुछ युवाओं से मिला जो ये काम कर रहे हैं. इसके बाद मैं इन लोगों के साथ ही मुस्तफ़ाबाद में शिफ्ट हो गया, जो शिव विहार के बगल में ही है. शिव विहार, जो सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है. ऐसे लोग जिनका घर खाक़ हो चुका है, वो यहां आए हैं. हमने एक राहत बेस बनाया. मैंने कल पहली बार ये वीडियो देखा. फिर आस-पास के लोगों से इस बारे में पूछा. उनमें से एक ने कहा कि वो उस आदमी को जानता है, जिसने पैसे बांटे हैं. क्यूंकी ये वही इलाका था जहां हमने राहत बेस बनाया, इसीलिए हमारे लिए इस वीडियो को डीबंक करना ज़्यादा मुश्किल नहीं था.”

चन्द्र मोहन ने कहा कि शहज़ाद मलिक, जिसे पैसे बांटते हुए देखा गया, उनके पास इस राहत कार्य का वीडियो भी है. नीचे वायरल वीडियो का ही अगला हिस्सा है, जहां महिलाएं पैसे लेने के लिए एक लाइन में खड़ी हैं. वीडियो के बैकग्राउंड में एक महिला को शहज़ाद को पुकारते हुए सुना जा सकता है. और जो पैसे बांट रहा है उसे ये कहते हुए सुना जा सकता है, “जिन्हें ज़रुरत है वही लोग आएं.”

Extended version of cash distributed to victims of Delhi riots as part of relief work in Babu Nagar from Alt News on Vimeo.

राशन बांटे जाने का वीडियो भी नीचे देखा जा सकता है.

 

Relief work for Delhi riot victims in Babu Nagar from Alt News on Vimeo.

ऑल्ट न्यूज़ ने शहज़ाद मलिक से भी बात की. नीचे की तस्वीर में लाल रंग से उन्हें हाईलाइट किया गया है. मलिक ने हमें बताया – “मैं बिज़नेस करता हूं. कार पॉलिश का बिज़नेस है मेरा. यहां जो मुसलमानों के घरों में आग लगी थी, जिनका घर जलकर राख हो गया है… राशन कहीं से आया था, बाहर से, एक गाड़ी के अंदर… तो वो राशन हमने बांट दिया. इसके बाद 100-150 औरतें भी थीं जिनके पास कुछ भी नहीं था खाने-पीने का, दवाई, दूध वैगरह. बच्चे भी थे. तो उनका मुझसे देखा नहीं गया. तो मैं अपने घर से जाकर पैसे ले के आया. और सबको 500-500 रुपये दे दिए. किसी ने वीडियो शूट करके उसको गलत फैला दिया कि 500 रुपये जो दिए हैं, ये शाहीन बाग़ की औरतों को दिए हैं. ये वीडियो 28 तारीख की है. दंगे 24-25-26 को हुए थे और मदद 28 तारीख को की थी हमने. वो वीडियो 30 सेकंड की काटी है लेकिन मेरा जो वीडियो है, वो 3 मिनट का है. और बाद में मैंने ये भी बोला है कि जिन व्यक्ति को ज़रूरत हो वही लेना. लेकिन ये काट दिया गया.”

 

viral video
CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों को पैसे दिए जाने की गलत जानकारी बार-बार फैलाई जा रही है. इस बार दिल्ली की हिंसा में पीड़ित लोगों को मदद पहुंचाने का वीडियो झूठे दावे से फैलाया गया. कुछ दिन पहले अमित मालवीय ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया था कि शाहीन बाग़ की औरतों को प्रदर्शन के लिए 500 रुपये मिलते हैं. इस दावे को ऑल्ट न्यूज़ और न्यूज़लॉन्ड्री ने मिलकर ख़ारिज किया था.

साभार : Alt News 

Shaheen Bagh
CAA
NRC
Delhi Violence
Delhi riots
viral video

Related Stories

शाहीन बाग से खरगोन : मुस्लिम महिलाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष !

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

'नथिंग विल बी फॉरगॉटन' : जामिया छात्रों के संघर्ष की बात करती किताब

चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

उमर खालिद पर क्यों आग बबूला हो रही है अदालत?

दिल्ली दंगा : अदालत ने ख़ालिद की ज़मानत पर सुनवाई टाली, इमाम की याचिका पर पुलिस का रुख़ पूछा

जहांगीरपुरी से शाहीन बाग़: बुलडोज़र का रोड मैप तैयार!

लाल क़िले पर गुरु परब मनाने की मोदी नीति के पीछे की राजनीति क्या है? 


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 861 नए मामले, 6 मरीज़ों की मौत
    11 Apr 2022
    देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 58 हो गयी है।
  • nehru
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या हर प्रधानमंत्री एक संग्रहालय का हक़दार होता है?
    10 Apr 2022
    14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेहरू स्मृति संग्रहालय और पुस्तकालय की जगह बने प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन करेंगेI यह कोई चौकाने वाली घटना नहीं क्योंकि मौजूदा सत्ता पक्ष का जवाहरलाल…
  • NEP
    नई शिक्षा नीति का ख़ामियाज़ा पीढ़ियाँ भुगतेंगी - अंबर हबीब
    10 Apr 2022
    यूजीसी का चार साल का स्नातक कार्यक्रम का ड्राफ़्ट विवादों में है. विश्वविद्यालयों के अध्यापक आरोप लगा रहे है कि ड्राफ़्ट में कोई निरंतरता नहीं है और नीति की ज़्यादातर सामग्री विदेशी विश्वविद्यालयों…
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री का चयन सोमवार को होगा
    10 Apr 2022
    पीएमएल-एन के शहबाज शरीफ, पीटीआई के कुरैशी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नामांकन पत्र जमा किया। नए प्रधानमंत्री का चुनाव करने के लिए सोमवार दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
  • Yogi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति
    10 Apr 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License