NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट बहाल करें रेल मंत्री: भाकपा नेता विश्वम
विश्वम ने एक पत्र में लिखा कि वरिष्ठजन को दी जाने वाली छूट वापस लेने के रेलवे के फैसले के कारण देशभर में करोड़ों बुजुर्ग प्रभावित हुए हैं।
भाषा
23 May 2022
Indian railways

नयी दिल्ली/भाषा:  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता एवं सांसद विनय विश्वम ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से अनुरोध किया है कि ट्रेन के टिकट के किराए में वरिष्ठ नागरिक को दी जाने वाली रियायत बहाल की जाए, जो कोविड-19 वैश्विक महामारी फैलने के बाद से निलंबित हैं।

विश्वम ने एक पत्र में लिखा कि वरिष्ठजन को दी जाने वाली छूट वापस लेने के रेलवे के फैसले के कारण देशभर में करोड़ों बुजुर्ग प्रभावित हुए हैं। 

उन्होंने कहा कि यह फैसला कोविड-19 के मद्देनजर लिया गया था, लेकिन वैश्विक महामारी का प्रकोप कम होने के बाद वरिष्ठ नागरिकों द्वारा बार-बार मांग किए जाने के बावजूद इस निर्णय की समीक्षा नहीं की गई है।

वामपंथी नेता ने कहा कि भारत के लोगों को परिवहन का सस्ता एवं प्रभावी तरीका मुहैया कराने के प्राथमिक लक्ष्य से भारतीय रेलवे की स्थापना की गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से वरिष्ठ नागरिकों सहित 50 साल से अधिक आयु वर्ग के यात्रियों को किराए में छूट दी जा रही थी, ताकि उनकी यात्रा किफायती हो सके।

विश्वम ने कहा, ‘‘बहरहाल, कोविड-19 की शुरुआत के बाद से सुरक्षा एवं रोकथाम के नाम पर इस अस्पष्ट विश्वास के साथ इन रियायतों को बंद कर दिया था कि वैश्विक महामारी के कमजोर पड़ने और देश में गतिविधियां फिर से शुरू होने पर यह छूट बहाल की जाएंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से इन रियायतों को स्थायी रूप से हटाने के लिए कोविड-19 वैश्विक महामारी का इस्तेमाल किया गया, जिससे भारत के लोगों को बहुत नुकसान हुआ।’’

भाकपा नेता ने कहा कि मार्च 2020 से मार्च 2022 तक सात करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने रेलवे का इस्तेमाल किया और इससे छूट समाप्त किए जाने का प्रभाव ‘‘स्पष्ट’’ होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके मद्देनजर, मैं आपसे रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए छूट बहाल करने का अनुरोध करता हूं। कई वरिष्ठ नागरिक टिकट का पूरा शुल्क देने की स्थिति में नहीं हैं, ऐसे में छूट समाप्त होने से उन्हें बहुत मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।’’

 

indian railways
Senior Citizens
railway minister

Related Stories

केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार

कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?

रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक

वित्त अधिनियम के तहत ईपीएफओ फंड का ट्रांसफर मुश्किल; ठेका श्रमिकों के लिए बिहार मॉडल अपनाया जाए 

भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा

निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!

भारत में नौकरी संकट जितना दिखता है उससे अधिक भयावह है!

रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कल!

कोलकाता मेट्रो ने 2500 से अधिक अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी की

तमिलनाडु: विकलांगता से ग्रस्त लोगों की केन्द्र से 'विशेष ट्रेनों' के दर्जे को ख़त्म करने और रियायतें बहाल करने की मांग


बाकी खबरें

  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: “काश! हमारे यहां भी हिंदू-मुस्लिम कार्ड चल जाता”
    28 Mar 2022
    पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल और इस्लामिक देश है। अब संकट में फंसे इमरान ख़ान के सामने यही मुश्किल है कि वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए कौन से कार्ड का इस्तेमाल करें। व्यंग्य में कहें तो इमरान यही सोच रहे…
  • भाषा
    केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे
    28 Mar 2022
    राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें सड़कों से नदारत रहीं, जबकि टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और निजी बसें भी राज्यभर में नजर नहीं आईं। ट्रक और लॉरी सहित वाणिज्यिक वाहनों के…
  • शिव इंदर सिंह
    विश्लेषण: आम आदमी पार्टी की पंजाब जीत के मायने और आगे की चुनौतियां
    28 Mar 2022
    सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के लिए आगे की राह आसन नहीं है। पंजाब के लोग नई बनी सरकार से काम को ज़मीन पर होते हुए देखना चाहेंगे।
  • सुहित के सेन
    बीरभूम नरसंहार ने तृणमूल की ख़ामियों को किया उजागर 
    28 Mar 2022
    रामपुरहाट की हिंसा ममता बनर्जी की शासन शैली की ख़ामियों को दर्शाती है। यह घटना उनके धर्मनिरपेक्ष राजनीति की चैंपियन होने के दावे को भी कमज़ोर करती है।
  • राजेंद्र शर्मा
    मुस्कुराहट वाला नफ़रती बोल, नफ़रती नहीं होता
    28 Mar 2022
    कटाक्ष: जरा सोचिए, नये इंडिया को ऐेसे किसी भी कदम की कितनी ज़रूरत थी, जो देश में खुशी बढ़ाए, देश के खुशी सूचकांक को ऊपर उठाए। जब से विश्व खुशी सूचकांक में भारत खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंचा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License