NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
UGC की अनुदान कटौती है बहाना, JNU और TISS है निशाना
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की रिसर्च की सीटों में भारी कटौती के बाद अब TISS पर सरकार हमला कर रही है।
एड. संजय पांडे
29 Mar 2017
  UGC की अनुदान कटौती है बहाना, JNU और TISS है निशाना

देश की चौथे नम्बर की सबसे बढ़िया जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की रिसर्च की सीटों में भारी कटौती के बाद अब TISS (Tata Institute of Social Sciences) पर सरकार हमला कर रही है। इस संस्थान के 25 टीचर्स को यूजीसी द्वारा अनुदान कटौती के कारण नौकरी से हाथ धोना पड़ रहा है। TISS के शिक्षकों और छात्रों द्वारा सरकार की कई नीतियों की आलोचना होती रही है। मुम्बई में कुछ महीने पहले आयोजित 'मुम्बई कलेक्टिव' कार्यक्रम के आयोजन में TISS के छात्रों और कुछ शिक्षकों का बड़ा हाथ था। JNU और रोहित वेमुल्ला की आत्महत्या पर हुए विरोध प्रदर्शन में यहाँ के छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। अब पर कतरने के लिए इस संस्थान के 4 केंद्रों- 1.सेंटर फॉर एक्सेलेंस ऑफ़ ह्यूमन राइट्स एजुकेशन, 2.स्कुल ऑफ़ लॉ, राइट्स एंड कांस्टीट्यूशनल गवर्नेंस, 3. एडवांस्ड सेंटर फॉर वुमन्स स्टडीज, और 4. सेंटर फॉर स्टडी ऑफ़ सोशल एक्सकलुशन एंड इंकलुसिव पॉलिसीज को निशाना बनाया गया है। 

 

इसके पहले जेएनयू को देशद्रोही ठहरा कर फिजिकल सायन्स, कोम्प्यूटेशनल  एंड integrated MPhil-PhD इंटीग्रेटिव सायन्स, बायोटेक्नोलॉजी और संस्कृत के मांग के संयुक्त एम् फील- पीएचडी कोर्स बंद कर दिए गए। jnu के प्रतिष्ठित इतिहास और राजनीती शास्त्र विभाग की सीटें बंद कर दी गईं, एमफील/ पीएचडी केवल दो स्कुल ऑफ़ सोशल सायंसेस विभाग से होगी, स्कुल ऑफ़ लाइफ सायंसेस के लिए 17 और स्कुल ऑफ़ सोशल सायंसेस के लिए अब 13 सीट्स ही बची हैं। दक्षिण अफ्रीकन स्टडीज, भूगोल, आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स, विभागों में केवल एक ही सीट बची है। पहले एडमिशन के समय 80 प्रतिशत अंक प्रवेश परीक्षा के और 20 प्रतिशत अंक वायवा के होते थे। अब फार्मूला मैनेजमेंट को ज्यादा अधिकार देता है और वायवा के 50 प्रतिशत अंक करके एंट्रेंस के अंकों का महत्व 50 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। इस तरह अब गुणी छात्रों के बजाये सेटिंग वाले छात्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। jnu दुनिया की 100 सबदे अच्छी यूनिवर्सिटीज में शामिल है और TISS भी विश्वप्रसिद्ध संस्थान है। 

 

भाजपा और आरएसएस को अच्छे, होशियार और तेजतर्रार सवाल पूछने वाले छात्रों से डर लगता है। उनकी नफरत पर् आधारित विचारधारा केवल हुडदंगियों को तैयार कर सकती है जिनको रिसर्च या संशोधन में कोई दिलचस्पी नहीं होती इसीलिए आरएसएस द्वारा देशभर के कई विश्विद्यालयों, प्राचार्यों, प्राध्यापकों के सम्मेलन में पहुंचे 721 शिक्षाविदो में से किसने संशोधन कार्य किया है पूछने पर एक भी हाथ नहीं उठा। उलटे कई लोग उस सम्मेलन में अपना बायोडेटा लेकर जैक लगाने आ गए थे। मौलिक ज्ञान की खोज आरएसएस वालों के बस की बात नहीं है। क्योंकि उनके हिसाब से सबकुछ भारत में पहले ही खोजा जा चुका है, नया खोजने की जरुरत नहीं है। लेकिन वामपंथी या खुले विचारों के छात्रों के कारण JNU और TISS पूरी दुनिया में अपने मेहनती रिसर्च के लिए प्रसिद्ध हैं। फर्क साफ़ है- दो रास्ते हैं। एक पर हर कदम पर बैन है और दूसरा रास्ता हर तरह के रिसर्च और दिमाग के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है, बताइये देश किस रास्ते पर चले?

 

 

 

 

टिस
जेएनयू
यूजीसी
भाजपा

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

डीयू की आरक्षण नीति को बचाने की ज़रूरत है

झारखण्ड भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल, 2017: आदिवासी विरोधी भाजपा सरकार

यूपी: योगी सरकार में कई बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

मोदी के एक आदर्श गाँव की कहानी

क्या भाजपा शासित असम में भारतीय नागरिकों से छीनी जा रही है उनकी नागरिकता?


बाकी खबरें

  • corona
    भाषा
    कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियां 31 मार्च से हटाई जाएंगी, मास्क लगाना रहेगा अनिवार्य
    23 Mar 2022
    गृह मंत्रालय ने करीब दो साल बाद, 31 मार्च से कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। हालांकि, मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम लागू रहेंगे।
  • birbhum violence
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली
    23 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के साथ रैली का नेतृत्व करने वाले वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि राज्य में ‘सामूहिक हत्या’ की घटना को छिपाने के किसी भी…
  • NHRC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे पर हरकत में आया मानवाधिकार आयोग, केंद्र को फिर भेजा रिमाइंडर
    23 Mar 2022
    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मुद्दे को मानवाधिकारों का हनन मानते हुए केंद्र के खिलाफ पिटीशन फाइल की थी। दो माह से ज्यादा बीतने के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा इस मसले पर कोई पहल नहीं की गई, तो आयोग…
  • dyfi-citu
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नोएडा : प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर ठगी का आरोप, सीटू-डीवाईएफ़आई ने किया प्रदर्शन
    23 Mar 2022
    सीटू व डीवाईएफ़आई के लोगो ने संयुक्त रूप से अमेरिका स्थित हेनरी हैवलिन की नोएडा शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद प्रबंधकों ने अनियमितताओं को दूर करने का आश्वासन दिया और कथित ठगी के शिकार…
  • bhagat singh
    दिनीत डेंटा
    भगत सिंह: देशप्रेमी या राष्ट्रवादी
    23 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और देशप्रेम दो अलग विचार हैं, एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हैं। वर्तमान दौर में भगत सिंह के नाम का उपयोग शासक वर्ग व आरएसएस, भाजपा, आम आदमी पार्टी जैसे अन्य राजनीतिक दल अपनी सुविधा अनुसार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License