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भारत
राजनीति
उस्मानिया विश्वविद्यालय के एक छात्र ने छात्रावास में लागई फांसी, छात्रों का विरोध
ये संदेह है कि पढ़ाई के दबाव और नौकरी न मिलने की संभावना ने मुरली को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। विरोध करने वाले छात्रों पर पुलिस ने की कार्रवाई।
न्यूज़क्लिक
06 Dec 2017
Translated by महेश कुमार
Osmania University

रविवार यानी 3 दिसंबर को दोपहर के समय उस्मानिया विश्वविद्यालय के एमएससी भौतिकी के छात्र ईरामेना मुरली ने विश्वविद्यालय के मनेरू हॉस्टल के शौचालय में आत्महत्या कर ली। विश्वविद्यालय के छात्रों ने बड़ी संख्या में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद सोमवार को पुलिस ने छात्रों के ख़िलाफ परिसर में कार्रवाई करते हुए क़रीब 100 से अधिक छात्रों को गिरफ्तार कर लिया।

प्रथम वर्ष के छात्र मुरली मेदक ज़िले के जगदेवपुर मंडल के दुलापुर गांव का रहने वाला था।

हालांकि परिसर में छात्र संगठनों में ये बहस तेज़ है कि तेलंगाना में बेरोज़गारी ने मुरली को इस तरह का कठोर क़दम उठाने को मजबूर कर दिया है। उधर एमएससी के छात्रों ने सोमवार को एक अलग विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि विभाग में शैक्षणिक दबाव मुरली की आत्महत्या का कारण था। मुरली की जेब से मिली एक सुसाइड नोट से स्पष्ट होता है कि वह अपनी पढ़ाई को लेकर काफ़ी तनाव से गुज़र रहा था।

मुरली ने कथित तौर पर अपने सुसाइड नोट में लिखा, "मैं अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ हूं। परीक्षा होने वाला है और मुझे डर लग रहा है कि मैं फेल हो जाउंगा। मैं परीक्षा में फेल नहीं होना चाहता। इसलिए मैंने अपना जीवन खत्म करने का फैसला किया है।"

हालांकि छात्र समूहों ने आरोप लगाया है कि सुसाइड नोट फ़र्जी है और छात्रों ने यह कहा कि मुरली नौकरी नहीं पाने के डर के बारे में अपने दोस्तों को बताया करता था।

सोमवार को विरोध करने वाले क़रीब सौ से अधिक छात्रों को परिसर से तेलंगाना पुलिस द्वारा उठा लिया गया। इनमें से कथित तौर पर 22 छात्रों के खिलाफ विभिन्न आरोपों जैसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य मामलों को लेकर केस दर्ज किया गया है जबकि अन्य छात्रों को उसी रात रिहा कर दिया गया।

4 दिसंबर को तेलंगाना संयुक्त कार्य समिति (टीजेएसी) द्वारा आयोजित कोलुवुला कोटलाता (रोज़गार के लिए लड़ाई) नाम से एक विरोध प्रदर्शन हैदराबाद में आयोजित किया गया था। हजारों युवाओं और छात्रों की भीड़ ने मुरली को लेकर संवेदना प्रकट किया। टीजेएसी के चेयरमैन कोडनदरम ने आरोप लगाया कि नौकरी उपलब्ध कराने के वादे को पूरा करने में राज्य सरकार की विफलता ने युवाओं और छात्रों के बीच निराशा को जन्म दिया है।

उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्र अलग तेलंगाना राज्य के गठन के लिए आंदोलन में सबसे आगे रहे हैं। परिसर में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन के एक सदस्य अरुणंक ने आरोप लगाया था कि तेलंगाना सरकार विश्वविद्यालय के विकास की उपेक्षा कर रही है जिसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय में शिक्षा की अपमानजनक परिस्थितियों का परिणाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव राज्य के गठन में छात्रों की भूमिका को जानने के बावजूद विश्वविद्यालय को अपना दुश्मन मानते रहे हैं।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए अरुणंक ने कहा, "इस घटना से पहले विश्वविद्यालय के छात्र इसांत रेड्डी और वेणुगोपाल रेड्डी, जो तेलंगाना राज्य गठन आंदोलन से जुड़े थे, ने परिसर में आत्महत्या कर ली थी। राज्य की स्थापना के बाद मुरली की आत्महत्या पहली घटना है।"

उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी बजट केवल कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का भुगतान करने के लिए पर्याप्त है और छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

तेलंगाना सरकार ने मुरली के परिवार को 5 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की है

Osmania University
Eramaina Murali
TjAC
Telangana
Student Protests

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