NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उस्मानिया विश्वविद्यालय के एक छात्र ने छात्रावास में लागई फांसी, छात्रों का विरोध
ये संदेह है कि पढ़ाई के दबाव और नौकरी न मिलने की संभावना ने मुरली को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। विरोध करने वाले छात्रों पर पुलिस ने की कार्रवाई।
न्यूज़क्लिक
06 Dec 2017
Translated by महेश कुमार
Osmania University

रविवार यानी 3 दिसंबर को दोपहर के समय उस्मानिया विश्वविद्यालय के एमएससी भौतिकी के छात्र ईरामेना मुरली ने विश्वविद्यालय के मनेरू हॉस्टल के शौचालय में आत्महत्या कर ली। विश्वविद्यालय के छात्रों ने बड़ी संख्या में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद सोमवार को पुलिस ने छात्रों के ख़िलाफ परिसर में कार्रवाई करते हुए क़रीब 100 से अधिक छात्रों को गिरफ्तार कर लिया।

प्रथम वर्ष के छात्र मुरली मेदक ज़िले के जगदेवपुर मंडल के दुलापुर गांव का रहने वाला था।

हालांकि परिसर में छात्र संगठनों में ये बहस तेज़ है कि तेलंगाना में बेरोज़गारी ने मुरली को इस तरह का कठोर क़दम उठाने को मजबूर कर दिया है। उधर एमएससी के छात्रों ने सोमवार को एक अलग विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि विभाग में शैक्षणिक दबाव मुरली की आत्महत्या का कारण था। मुरली की जेब से मिली एक सुसाइड नोट से स्पष्ट होता है कि वह अपनी पढ़ाई को लेकर काफ़ी तनाव से गुज़र रहा था।

मुरली ने कथित तौर पर अपने सुसाइड नोट में लिखा, "मैं अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ हूं। परीक्षा होने वाला है और मुझे डर लग रहा है कि मैं फेल हो जाउंगा। मैं परीक्षा में फेल नहीं होना चाहता। इसलिए मैंने अपना जीवन खत्म करने का फैसला किया है।"

हालांकि छात्र समूहों ने आरोप लगाया है कि सुसाइड नोट फ़र्जी है और छात्रों ने यह कहा कि मुरली नौकरी नहीं पाने के डर के बारे में अपने दोस्तों को बताया करता था।

सोमवार को विरोध करने वाले क़रीब सौ से अधिक छात्रों को परिसर से तेलंगाना पुलिस द्वारा उठा लिया गया। इनमें से कथित तौर पर 22 छात्रों के खिलाफ विभिन्न आरोपों जैसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य मामलों को लेकर केस दर्ज किया गया है जबकि अन्य छात्रों को उसी रात रिहा कर दिया गया।

4 दिसंबर को तेलंगाना संयुक्त कार्य समिति (टीजेएसी) द्वारा आयोजित कोलुवुला कोटलाता (रोज़गार के लिए लड़ाई) नाम से एक विरोध प्रदर्शन हैदराबाद में आयोजित किया गया था। हजारों युवाओं और छात्रों की भीड़ ने मुरली को लेकर संवेदना प्रकट किया। टीजेएसी के चेयरमैन कोडनदरम ने आरोप लगाया कि नौकरी उपलब्ध कराने के वादे को पूरा करने में राज्य सरकार की विफलता ने युवाओं और छात्रों के बीच निराशा को जन्म दिया है।

उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्र अलग तेलंगाना राज्य के गठन के लिए आंदोलन में सबसे आगे रहे हैं। परिसर में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन के एक सदस्य अरुणंक ने आरोप लगाया था कि तेलंगाना सरकार विश्वविद्यालय के विकास की उपेक्षा कर रही है जिसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय में शिक्षा की अपमानजनक परिस्थितियों का परिणाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव राज्य के गठन में छात्रों की भूमिका को जानने के बावजूद विश्वविद्यालय को अपना दुश्मन मानते रहे हैं।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए अरुणंक ने कहा, "इस घटना से पहले विश्वविद्यालय के छात्र इसांत रेड्डी और वेणुगोपाल रेड्डी, जो तेलंगाना राज्य गठन आंदोलन से जुड़े थे, ने परिसर में आत्महत्या कर ली थी। राज्य की स्थापना के बाद मुरली की आत्महत्या पहली घटना है।"

उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी बजट केवल कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का भुगतान करने के लिए पर्याप्त है और छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

तेलंगाना सरकार ने मुरली के परिवार को 5 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की है

Osmania University
Eramaina Murali
TjAC
Telangana
Student Protests

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

उत्तराखंड : हिमालयन इंस्टीट्यूट के सैकड़ों मेडिकल छात्रों का भविष्य संकट में

यूपी चुनाव: पिछले 5 साल के वे मुद्दे, जो योगी सरकार को पलट सकते हैं! 

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

यूपी चुनाव : छात्र संगठनों का आरोप, कॉलेज यूनियन चुनाव में देरी के पीछे योगी सरकार का 'दबाव'

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन

अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोध छात्र, अचानक सिलेबस बदले जाने से नाराज़


बाकी खबरें

  • yogi bulldozer
    सत्यम श्रीवास्तव
    यूपी चुनाव: भाजपा को अब 'बाबा के बुलडोज़र' का ही सहारा!
    26 Feb 2022
    “इस मशीन का ज़िक्र जिस तरह से उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियानों में हो रहा है उसे देखकर लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसे स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”
  • Nagaland
    अजय सिंह
    नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”
    26 Feb 2022
    आफ़्सपा और कोरोना टीकाकरण को नगालैंड के लिए बाध्यकारी बना दिया गया है, जिसके ख़िलाफ़ लोगों में गहरा आक्रोश है।
  • women in politics
    नाइश हसन
    पैसे के दम पर चल रही चुनावी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी नामुमकिन
    26 Feb 2022
    चुनावी राजनीति में झोंका जा रहा अकूत पैसा हर तरह की वंचना से पीड़ित समुदायों के प्रतिनिधित्व को कम कर देता है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व नामुमकिन बन जाता है।
  • Volodymyr Zelensky
    एम. के. भद्रकुमार
    रंग बदलती रूस-यूक्रेन की हाइब्रिड जंग
    26 Feb 2022
    दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ख़ुद भी फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे पुतिन को संदेश देने का अनुरोध किया है।
  • UNI
    रवि कौशल
    UNI कर्मचारियों का प्रदर्शन: “लंबित वेतन का भुगतान कर आप कई 'कुमारों' को बचा सकते हैं”
    26 Feb 2022
    यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने अपने फोटोग्राफर टी कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई पत्रकार संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद थे। कुमार ने चेन्नई में अपने दफ्तर में ही वर्षों से वेतन न मिलने से तंग आकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License