NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वैज्ञानिकों की नहीं सुनी, चुनावी मज़मा लगा, कुम्भ भया और अब हाहाकार !
देश और विदेश तक अब यह बात सबके सामने आ चुकी है कि अपने अनुसंधान के बाद हमारे वैज्ञानिकों ने सरकार को चेताया था कि बहुत जल्दी ही कोरोना का दूसरा और ज्यादा खतरनाक हमला होने वाला है. पर कोरोना की आने वाली दूसरी लहर को रोकने या जन-क्षति न्यूनतम कैसे रहे, इसकी तैयारी में जुटने की बजाय सरकार चलाने वालों को बंगाल और असम जीतने का जुगाड़ ज्यादा जरूरी दिख रहा था. कुंभ को मंजूरी दे चुके थे. आज देश में हाहाकार मचा हुआ है. महंगी दवाओं की बात छोड़िये, सरकार लोगों और अस्पतालों को काम भर आक्सीजन तक नहीं मुहैया करा रही है. सरकार की इन नाकामियों के पीछे क्या कारण हैं? HafteKiBaat में वरिष्ठ पत्रकार। Urmilesh का विश्लेषण:
न्यूज़क्लिक टीम
01 May 2021
COVID-19
West Bengal Election 2021
Kumbh 2021
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • इज़रायल ने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों की इमारतों को गिराया
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल ने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों की इमारतों को गिराया
    05 Aug 2021
    इज़रायली अधिकारियों ने फ़िलिस्तीनियों की कई संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया और बिल्डिंग परमिट की कमी का हवाला देते हुए इस विध्वंस को उचित ठहराया।
  • विरोध प्रदर्शन ने बाइडेन को नया एविक्शन बैन लागू करने के लिए मजबूर किया
    पीपल्स डिस्पैच
    विरोध प्रदर्शन ने बाइडेन को नया एविक्शन बैन लागू करने के लिए मजबूर किया
    05 Aug 2021
    अमेरिका में विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ-साथ प्रगतिशील सदस्य कोरी बुश के नेतृत्व में राजधानी में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच नई एविक्शन मोरेटोरियम लागू किया गया।
  • दिल्ली बलात्कार कांड: जनसंगठनों का कई जगह आक्रोश प्रदर्शन; पीड़ित परिवार से मिले केजरीवाल, राहुल और वाम दल के नेता
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली बलात्कार कांड: जनसंगठनों का कई जगह आक्रोश प्रदर्शन; पीड़ित परिवार से मिले केजरीवाल, राहुल और वाम दल के नेता
    05 Aug 2021
    दिल्ली कैंट के पुराना नांगल गांव की 9 वर्षीय दलित बच्ची के सामूहिक बलात्कार, हत्या और जबरन दाह संस्कार के विरोध में  बुधवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर दलित शोषण मंच व वाम छात्र और महिला संगठनों ने…
  • ग़रीब देशों को कोविड-19 वैक्सीन की अधिक आपूर्ति के लिए अमीर देशों से बूस्टर खुराक रोकने को डब्ल्यूएचओ ने कहा
    पीपल्स डिस्पैच
    ग़रीब देशों को कोविड-19 वैक्सीन की अधिक आपूर्ति के लिए अमीर देशों से बूस्टर खुराक रोकने को डब्ल्यूएचओ ने कहा
    05 Aug 2021
    कुछ देशों ने अपनी आधी से अधिक आबादी को पहले ही टीका लगा लिया है जबकि कई देशों में टीकाकरण अभी शुरू ही हुआ है।
  •  उच्चतम न्यायालय
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खोरी गांव पर उच्चतम न्यायालय: जिनके घर तोड़े गए, उनके पुनर्वास के लिए जल्द कदम उठाए हरियाणा सरकार"
    05 Aug 2021
    याचिकाकर्ता सरीना सरकार ने बताया कि उसे किसी प्रकार की कोई भी पुनर्वास संबंधी सहायता नगर निगम की ओर से प्रदत्त नहीं की जा रही है। उल्टा नगर निगम बेदखल परिवारों को खोरी गांव की जमीन से जबरन भगाना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License