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वेनेजुएला से जेल में बंद विरोधियों को रिहा करने की अपील
मानवाधिकार समूहों ने बैचलेट से उन 715 लोगों के मुद्दे को भी उठाने के लिए कहा जिन्हें राजनीतिक कारणों से कैद किया गया है।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
22 Jun 2019
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संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैचलेट ने शुक्रवार को वेनेजुएला से जेल में बंद विरोधियों को रिहा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि  वेनेजुएला इस समय संकट में है और “गंभीर” मानवीय स्थिति का सामना कर रहा है। 

उनकी ये टिप्पणियां संकट में घिरे राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के आग्रह पर हुए उनके तीन दिवसीय दौरे के समापन के वक्त आई हैं। मादुरो पर तेजी से बढ़ती महंगाई एवं मूलभूत वस्तुओं के अभाव के बीच अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर कार्रवाई करने के आरोप हैं। 

बैचलेट ने जेल में बंद मादुरो सरकार के प्रतिद्वंद्वियों की ओर इशारा करते हुए कहा,“मैं अधिकारियों से उन सभी को रिहा करने की अपील करती हूं जिन्हें हिरासत में लिया गया या शांतिपूर्ण तरीके से अपने नागरिक अधिकारों के प्रयोग की स्वतंत्रता से वंचित किया गया।”

संयुक्त राष्ट्र अधिकार प्रमुख ने हिरासत में लिए गए लोगों के रिश्तेदारों से मुलाकात की। इनमें से कई पर सरकार के तख्तापलट की “साजिश’’ करने के आरोप हैं। 

मानवाधिकार समूहों ने बैचलेट से उन 715 लोगों के मुद्दे को भी उठाने के लिए कहा जिन्हें राजनीतिक कारणों से कैद किया गया है। हालांकि मादुरो सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया है। 

गौरतलबी है कि  दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला इस समय अभूतपूर्व राजनीतिक संकट के दौर से गुज़र रहा है और यह वहाँ लंबे समय से जारी आर्थिक संकट की देन है। वेनेज़ुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए ।

 प्रमुख विपक्षी नेता जुआन गाइदो ने स्वयं को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया है। वेनेज़ुएला के इस संकट ने विश्व को भी दो हिस्सों में बाँट दिया है और धीरे-धीरे यह संकट वैश्विक रूप लेने की ओर अग्रसर है।अमेरिका और यूरोपीय देश वेनेज़ुएला के विपक्षी नेता के समर्थन में हैं तो रूस और चीन जैसे देश खुलकर मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पक्ष में हैं।

 

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