NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ना बंगाल के इतिहास में "काला धब्बा”
शिक्षक, छात्र और विद्यासागर फ़ाउंडेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ये जघन्य हमला न केवल विद्यासागर की चिरस्थायी विरासत पर हुआ है बल्कि बंगाल की आत्मा पर भी हुआ है।
संदीप चक्रवर्ती
16 May 2019
विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ना बंगाल के इतिहास में "काला धब्बा”

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान उत्तरी कोलकाता में हिंसा भड़क गई। इस दौरान पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही।

इस हिंसा के दौरान बंगाल पुनर्जागरण आंदोलन के अग्रदूतों में से एक पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तोड़ दिया। विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। ये बंगाल की आत्मा पर हमला है।

शाह का रोड शो उस समय हिंसा में बदल गया जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता "अमित शाह गो बैक" लिखी तख़्तियों के साथ रोड शो के दौरान खड़े थे। इससे पहले कलकत्ता विश्वविद्यालय के गेट के सामने शाह को काले झंडे भी दिखाए गए थे जिसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता हिंसक हो गए थे।

बीजेपी अध्यक्ष के रोड शो में शामिल आरएसएस कार्यकर्ताओं ने "अमित शाह गो बैक" की तख़्तियाँ देखीं तो वे उत्तरी कोलकाता स्थित विद्यासागर कॉलेज में प्रवेश कर गए और परिसर में तोड़फोड़ की साथ ही कॉलेज परिसर में स्थित पंडित विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ दिया।

वीडियो के अनुसार प्रतिमा को गिरा दिया गया और रॉड से तोड़ा गया। बंगाल के इतिहास में यह अकल्पनीय घटना है। कॉलेज के अंदर खड़ी कई मोटरसाइकिलें जो छात्रों की थी उनमें कथित तौर पर आरएसएस समर्थकों द्वारा आग लगा दी गई। हाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच झड़प यहाँ होती रही है।

Vidyasagar's statue vandalised_0.jpg

लोग कई सवाल खड़े कर रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि बंगाल में क्या हो रहा है? हमारे बुद्धिजीवी कहाँ हैं? आनंदशंकर रॉय और प्रोफ़ेसर सुकुमार सेन जैसे दिग्गज अब नहीं हैं तो विरोध नहीं होगा?

विद्यासागर कॉलेज के भौतिक विज्ञान के सेवानिवृत्त प्रोफ़ेसर असित घोष की आँखों में आँसू हैं। वे कोलकाता में संवाददाता से कहते हैं, "वे लोग जिन्होंने विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ी है वे राज्य के इतिहास में "काला धब्बा" थे।" उन्होंने कहा, "ऐसे समय में जब महान समाज सुधारक की 200वीं वर्षगांठ आने वाली है "आरएसएस-टीएमसी के बीच दिखावटी लड़ाई के परिणामस्वरूप इस तरह की गुंडागर्दी और बर्बरता हमारे धैर्य की आख़िरी कील है।"

उन्होंने कहा कि एक तरफ़ उत्तरी कोलकाता के कनकूरगाछी में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी की रैली के लिए कोलकाता पुलिस द्वारा इस इलाक़े में मुख्यमंत्री के रोड शो के चलते मंजूरी नहीं दी गई वहीं दूसरी तरफ़ जब मंगलवार को प्रतिमा तोड़ी गई तो वहाँ पर पुलिस मौजूद नहीं थी। घोष ने कहा "जब विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ी गई तो पुलिस कहाँ थी?"

प्रोफ़ेसर ने अपने तीन दशक के अध्यापन जीवन के बारे में कहा उनके लिए "विद्यासागर की प्रतिमा निरंतर प्रेरणा की स्त्रोत थी।" उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में "अराजक तत्वों ने विद्यासागर और टैगोर की प्रतिमा को तोड़ दिया और उन्हें बंगाल समाज से बाहर कर दिया गया"। उन्होंने ये भी कहा कि "इस बार भी हम सभी को इन भगवाधारियों को सबक सिखाने के लिए आगे आना चाहिए।"

कोलकाता में विद्यासागर फ़ाउंडेशन की ओर से बोलते हुए अध्यक्ष आनंददेव मुखर्जी और सचिव अनूप सरकार ने कड़ी निंदा करते हुए कहा, “बंगाल और भारत की संस्कृति से बेख़बर इन सांप्रदायिक, बर्बर ताक़तों को एक सेकंड के लिए भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।"

उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "इन्हीं ताक़तों ने क्रांतिकारी बंगाली यूथ आइकन और कवि सुकांत भट्टाचार्य की मूर्ति को त्रिपुरा में तोड़ दिया था जो, ये न केवल विद्यासागर की चिरस्थायी विरासत बल्कि बंगाल की चेतना पर भी इस जघन्य हमले के लिए ज़िम्मेदार हैं। हम दोषियों और अपराधियों की तत्काल गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं और पुलिस से इस जघन्य कृत्य के ख़िलाफ़ प्रदर्शन की अनुमति मांग रहे हैं क्योंकि चुनाव आचार संहिता शहर में लागू है। 19 मई को मतदान होना निर्धारित है।"

एक महान समाज सुधारक और बंगाली भाषा के प्रणेता पंडित विद्यासागर देश में विशेष रूप से बंगाल में बेहद प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। सामाजिक, विशेषकर महिलाओं के ख़िलाफ़ उत्पीड़न में उनकी भूमिका की वजह से उन्हें मुक्ति दिलाने वाला कहा जाता है। उनके जीवनकाल में और उनकी मृत्यु के बाद भी उन्हें रूढ़िवादी हिंदू कट्टरपंथियों का रोष झेलना पड़ा और आरएसएस उन्हें तत्कालीन प्रचलित रूढ़िवादी ब्राह्मणवादी आस्था के ख़िलाफ़ समाज को पुनर्गठित और संगठित करने और लैंगिक समानता, लड़कियों की शिक्षा, जाति-विरोधी भावनाओं, सभी के लिए शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह की कट्टरपंथी अवधारणाओं को प्रेरित करने का प्रमुख स्रोत मानता है।

Ishwarchandra Vidyasagar
TMC-BJP clashes
Vidyasagar Bust Vandalised
Vidyasagar College
Bengal Violence
Lok Sabha Elections
Amit Shah Roadshow

Related Stories

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

विज्ञापन में फ़ायदा पहुंचाने का एल्गोरिदम : फ़ेसबुक ने विपक्षियों की तुलना में "बीजेपी से लिए कम पैसे"  

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

बंगाल हिंसा पर एनएचआरसी की समिति ने कलकत्ता हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी

"अभी से लोकसभा चुनावों की तैयारी बीजेपी?"

एक देश एक चुनाव -भारतीय संघीय ढाँचे के लिए खतरा ?

मोदी 2.0: बहुसंख्यकवाद फिर स्थापित हुआ?

Daily Round-up Ep. 112: बंगाल चुनाव में हिंसा, वाराणसी से ग्राउंड रिपोर्ट

"बीजेपी" का OPERATION लोकतंत्र

ममता बनर्जी का मीम शेयर करने वाली भाजपा नेता को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत


बाकी खबरें

  • एपी
    क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने को लेकर ऑस्कर ने विल स्मिथ पर 10 साल का प्रतिबंध लगाया
    09 Apr 2022
    स्मिथ की हरकत पर अकादमी के ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ की बैठक के बाद यह फैसला किया गया है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें भविष्य में इन पुरस्कारों के लिए नामित किया जाएगा या नहीं।
  • kashmiri student
    नासीर ख़ुएहामी
    घोर ग़रीबी के चलते ज़मानत नहीं करा पाने के कारण कश्मीरी छात्र आगरा जेल में रहने के लिए मजबूर
    09 Apr 2022
    विश्वास की कमी और वित्तीय दबाव उन परिवारों के रास्ते में आड़े आ रहे हैं, जिनके बच्चों को क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान के हाथों भारत की शिकस्त के बाद जेल में डाल दिया गया था, हालांकि उन्हें ज़मानत…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फरीदाबाद : आवास के मामले में सैकड़ों मजदूर परिवारों को हाईकोर्ट से मिली राहत
    09 Apr 2022
    पिछले कुछ सालों में दिल्ली एनसीआर और उसके पास के क्षेत्रों में सरकारों ने बड़ी तेज़ी से मज़दूर बस्तियों को उजाड़ना शुरू किया। ख़ासकर कोरोना काल में सरकार ने बड़े ही चुपचाप तरीके से अपने इस अभियान को चलाया…
  • गुरसिमरन बख्शी
    मांस खाने का राजनीतिकरण करना क्या संवैधानिक रूप से सही है?
    09 Apr 2022
    मांस पर प्रतिबंध लगाना, किसी भी किस्म के व्यापार करने के मामले में मौलिक अधिकार का उल्लंघन कहलाता है और किसी वैधानिक क़ानून के समर्थन के अभाव में, यह संवैधानिक जनादेश के मामले में कम प्रभावी हो जाता…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,150 नए मामले, 83 मरीज़ों की मौत
    09 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 25 लाख 1 हजार 196 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License